For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

Veena Gupta
Share
 

Welcome, Veena Gupta!

Latest Activity

Veena Gupta posted a blog post

आइना

आइना हूं मैं तो बस ज़िन्दगी का,कहते हो तुम बुढ़ापा जिसेजिन्दगी के सफ़र में जो भी खोया या पाया,पलटकर देखो नज़र भर उसे ज़िन्दगी से सदा तूने सदा ये ही शिकवे किये,ए ज़िंदगी तूने सदा दुख है दिये सच ये नहीं छुपेगा आइने से बिखरी थीं ख़ुशियाँ,तेरी ज़िन्दगी में ग़मों को सदा तूने गले से लगाया,ख़ुशियों के पल क्यों ना याद किये आइने में देखोगे जो ख़ुशियों के वो पल,ग़मों में भी फिर जल उठेंगे दियेजीवन जीने की कला आप कहते हैं जिसेउम्र का ये दौर ही है सिखा जाता उसे मौलिक /अप्रकाशितवीणाSee More
16 minutes ago
Samar kabeer commented on Veena Gupta's blog post शून्य (ज़ीरो)
"मुहतरमा वीना गुप्ता जी आदाब, सुंदर रचना हुई है, बधाई स्वीकार करें ।"
Tuesday
बृजेश कुमार 'ब्रज' commented on Veena Gupta's blog post शून्य (ज़ीरो)
"शून्य की महिमा का अच्छा वर्णन किया है आदरणीया..."
Sunday
Veena Gupta posted a blog post

शून्य (ज़ीरो)

पूर्णता का जो है प्रतीक ,वह तो बस एक शून्य है शून्य है जीवन का सत्य ,शून्य ही सम्पूर्ण है जिस बिंदु से आरम्भ होता ,होता वहीं वह पूर्ण है आरम्भ जीवन का शून्य से और अंत भी बस शून्य है शून्य में जोड़ दो ,चाहे जितने शून्य तुम या निकालो शून्य में से चाहे जितने शून्य तुम शून्य फिर भी शून्य है ,इसलिए सम्पूर्ण है बिंदु से आरम्भ हो कर ,वृहदाकार होता है शून्य पूर्ण ब्रह्म स्वरूप है शून्य ,ज्ञानी भी यह मानते हम सब भी हैं जानते ,अंतरिक्ष का पर्याय शून्य मौलिक एवं अप्रकाशित     वीणाSee More
Nov 20
Veena Gupta commented on Veena Gupta's blog post दीपावली
"कबीर जी,धन्यवाद आपका,रचना पढ़ने का आभार"
Nov 20
Samar kabeer commented on Veena Gupta's blog post दीपावली
"मुहतरमा वीना गुप्ता जी आदाब, रचना पर बधाई, दीपावली की शुभकामनाएँ ।"
Nov 18
Veena Gupta commented on Veena Gupta's blog post दीपावली
"धन्यवाद धामी जी,आभार आपका .दीपावली आप के लिए भी मंगलमयहो"
Nov 15
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on Veena Gupta's blog post दीपावली
"आ. वीना जी, सादर अभिवादन ।  दीपावली की हार्दिक शुभकामनाएँँ व रचना पर बधाई।"
Nov 14
Veena Gupta posted a blog post

दीपावली

दीपोत्सव हम मना रहेजगमग जग ये हो साराज्ञान का ऐसा दीप जलायेंअज्ञान दूर हो जग से सारासौहार्द प्रेम का हो प्रसारवसुधैव कुटुम्बकम का सच हो नारादीपक ऐसा एक जलायेंफैले प्रेम का उजियारा(मौलिक/अप्रकाशित)See More
Nov 14
Veena Gupta commented on Er. Ganesh Jee "Bagi"'s blog post लघुकथा : मज़ा (गणेश जी बाग़ी)
"बाग़ी जी,इतने कम शब्दों में सुन्दर अभिव्यक्ति के लिए हार्दिक बधाई"
Nov 10
Veena Gupta posted photos
Nov 8
Veena Gupta commented on Er. Ganesh Jee "Bagi"'s page OBO Logo
"सुरुचि पूर्ण सार्थक लोगो,सुन्दर रंगों में"
Nov 8
Veena Gupta updated their profile
Nov 1
Veena Gupta is now a member of Open Books Online
Oct 27

Profile Information

Gender
Female
City State
Lucknow
Native Place
India
Profession
House wife
About me
I live in Lucknow but last year my husband passed away so I am here with my son

Mera desh

हिंदुस्तानी नाम है मेरा,हिंदी है मेरी पहचान

भरतमाता माँ है मेरी,बसते जिसमें मेरे प्राण

प्राण बिना ज्यों व्यर्थ है जीवन,तन हो जाता है निष्प्राण

भारतीय कहलाने में ही,दुनिया में है मेरी शान

मानो या ना मानो पर,भारत है दुनिया का दिल

देख सको तो देखो,आकार भी दिल जैसा बिल्कुल

मौलिक ऐवम अप्रकाशित

           वीणा

Veena Gupta's Photos

  • Add Photos
  • View All

Comment Wall

You need to be a member of Open Books Online to add comments!

Join Open Books Online

  • No comments yet!

Veena Gupta's Blog

आइना

आइना हूं मैं तो बस ज़िन्दगी का,कहते हो तुम बुढ़ापा जिसे

जिन्दगी के सफ़र में जो भी खोया या पाया,पलटकर देखो नज़र भर उसे 

ज़िन्दगी से सदा तूने सदा ये ही शिकवे किये,ए ज़िंदगी तूने सदा दुख है दिये 

सच ये नहीं छुपेगा आइने से बिखरी थीं ख़ुशियाँ,तेरी ज़िन्दगी में 

ग़मों को सदा तूने गले से लगाया,ख़ुशियों के पल क्यों ना याद किये 

आइने में देखोगे जो ख़ुशियों के वो पल,ग़मों में भी फिर जल उठेंगे दिये

जीवन जीने की कला आप कहते हैं जिसे

उम्र का ये दौर ही है…

Continue

Posted on November 28, 2020 at 9:09am

शून्य (ज़ीरो)

पूर्णता का जो है प्रतीक ,वह तो बस एक शून्य है 

शून्य है जीवन का सत्य ,शून्य ही सम्पूर्ण है 

जिस बिंदु से आरम्भ होता ,होता वहीं वह पूर्ण है 

आरम्भ जीवन का शून्य से और अंत भी बस शून्य है 

शून्य में जोड़ दो ,चाहे जितने शून्य तुम 

या निकालो शून्य में से चाहे जितने शून्य तुम 

शून्य फिर भी शून्य…

Continue

Posted on November 20, 2020 at 3:20am — 4 Comments

दीपावली

दीपोत्सव हम मना रहे

जगमग जग ये हो सारा

ज्ञान का ऐसा दीप जलायें

अज्ञान दूर हो जग से सारा

सौहार्द प्रेम का हो प्रसार

वसुधैव कुटुम्बकम का सच हो नारा

दीपक ऐसा एक जलायें

फैले प्रेम का उजियारा

(मौलिक/अप्रकाशित)

Posted on November 14, 2020 at 2:00am — 4 Comments

 
 
 

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Activity

Veena Gupta posted a blog post

आइना

आइना हूं मैं तो बस ज़िन्दगी का,कहते हो तुम बुढ़ापा जिसेजिन्दगी के सफ़र में जो भी खोया या पाया,पलटकर…See More
16 minutes ago
TEJ VEER SINGH posted a blog post

कब तक  - लघुकथा –

कब तक  - लघुकथा –"अम्मा, ये सारी टोका टोकी, रोकथाम केवल मेरे लिये ही क्यों है?""यह सब तेरी भलाई के…See More
16 minutes ago
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-125
"आ. रिचा जी, तरही मिसरे पर गजल का प्रयास अच्छा है । हार्दिक बधाई ।"
1 hour ago
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-125
"आ. भाई दण्डपाणि जी, सादर अभिवादन । गजल पर उपस्थिति व सराहना के लिए धन्यवाद।"
1 hour ago
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-125
"आ. भाई चेतन जी, सादर अभिवादन ।गजल पर उपस्थिति, सराहना व मार्गदर्शन के लिए आभार। इंगित मिसरे को…"
1 hour ago
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-125
"आ. भाई सालिक गणवीर जी, सादर अभिवादन ।गजल पर उपस्थिति व सराहना के लिए आभार।"
1 hour ago
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-125
"आ. भाई समर जी, सादर अभिवादन ।गजल पर उपस्थिति व सराहना व मार्गदर्शन के लिए आभार।इंगित मिसरे को बदलने…"
1 hour ago
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-125
"आ. रचना जी, सादर अभिवादन ।गजल पर उपस्थिति व सराहना के लिए धन्यवाद।"
1 hour ago
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-125
"आ. भाई रूपम जी, सादर अभिवादन ।गजल पर उपस्थिति व सराहना के लिए धन्यवाद।"
1 hour ago
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-125
"आ. भाई मनन जी, सादर अभिवादन ।अच्छी गजल हुई है । हार्दिक बधाई।"
1 hour ago
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-125
"आ. भाई मुनीश जी, अच्छी गजल हुई है । हार्दिक बधाई।"
1 hour ago
Rachna Bhatia replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-125
"आदरणीय रूपम कुमार 'मीत ' जी  ग़ज़ल तक आने तथा अपनी राय देने के लिए आभारी हूँ। आदरणीय…"
1 hour ago

© 2020   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service