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It's dr lalit mohan pant's birthday today!

dr lalit mohan pant
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  • Er. Ganesh Jee "Bagi"
 

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Dr lalit mohan pant's Blog

ग़ज़ल -

रदीफ़- रही

काफ़िया -चलती , ढलती

अर्कान -२१२२,२१२२,२१२२,२१२

दायरों में ही सिमट कर जिंदगी ढलती रही

तुम फलक थे मैं जमीं औ कश्मकश चलती रही।

मायने थे रौशनी के रात भर उनके लिये

लौ दिये की थरथराती ताक में जलती रही।

दे रहा दाता मुझे खुशियाँ हमेशा बेशुमार

फिर कमी किस बात की जाने हमें खलती रही।

ज़िद ज़माने को दिखाने की रही थी बेवजह

जानि - पहिचानी मुसीबत कोख में पलती रही।

हौसला रखकर फ़तह का जंग हम…

Continue

Posted on September 3, 2014 at 1:30am — 9 Comments

आओ ! जश्न मनायें …

कभी कभी

जब/ वाणी ,कलम और अनुभूतियाँ

यूँ छिटक जाते हैं

जैसे पहाड़ी बाँध से छूटी

उत्श्रिङ्खल लहरें

बहा ले जाती हैं /अचानक

खुशियाँ /सपने /और जिंदगियाँ …

जब /बदहवास रिश्ते

बहा नहीं पाते

अपनी आँखों और मन से

पीड़ा /स्मृतियाँ

और वो

जो ढह जाता है

ताश के महल की तरह

जब एक हूक उठती है

सीने में /और

भर देती है

अनंत आसमान का

सारा खालीपन

कभी सारा समन्दर

और उसका खारापन

जब जुगलबंदी…

Continue

Posted on June 18, 2014 at 1:00am — 12 Comments

ग़ज़ल …. है बहाना आज फिर शुभकामनाओं के लिये

 रदीफ़ -के लिये 

काफ़िया -शुभकामनाओं ,संभावनाओं , याचनाओं 

अर्कान -2122 ,2122 ,2122 ,212 



है बहाना आज फिर शुभकामनाओं के लिये 

आँधियों की धूल में संभावनाओं के लिये . 



नींद क्यों आती नहीं ये ख्वाब हैं पसरे हुये 

हो गई बंजर जमीनें भावनाओं के लिये .



है बड़ा मुश्किल समझना जिंदगी की धार को 

माँगते अधिकार हैं सब वर्जनाओं…

Continue

Posted on April 18, 2014 at 1:29am — 21 Comments

चलो यूँ ही समझा लें मन को …

मैं गिड़गिड़ाता रहा हूँ

रात दिन

तुम सबके सामने

जितने भी सम्बन्ध हो

कल आज और कल के

इस उम्मीद के साथ /कि

तुम थोड़ा पिघलोगे

भले ही अनिच्छा से

मेरा मान रखोगे

यह भ्रम /जीवन भर

साथ चलता रहा है

इसीलिये सब सहा है

यह सुनते ही तुम

मेरे विरोध में

खड़े हो जाओगे

और शायद फिर

मुझे गिड़गिड़ाता पाओगे

मैं अपना वक्तव्य बदलता हूँ

और इसे सार्वभौम /करता हूँ

फिर तुम्हारी और अपनी

ओर से कहता हूँ

मैं

मुझे…

Continue

Posted on March 9, 2014 at 10:23pm — 14 Comments

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At 2:21am on August 11, 2013, dr lalit mohan pant said…

प्रशंसा और प्रोत्साहन की  इस सुखद अनुभूति के लिये मैं आप सभी के प्रति अपनी कृतज्ञता ज्ञापित करता हूँ…"

 
 
 

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