For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

सुरेश कुमार 'कल्याण''s Blog – December 2024 Archive (6)

सूरज सजीले साल का

सूरज सजीले साल का

------------------------------

ठंड से ठिठुरती सुनसान गलियां 

ओसाए हुए से सुन्न पड़े खेत 

घुटती जमती लाचार सी जिंदगी

धुंध के आगोश में गुम होता जीव - जगत 

ठिठुरती ठिठुरन को दूर करने 

आ गया सजकर सूरज 

नए नवेले सजीले साल का ।

शीत सी शीतल होती मानवता 

नूतन निर्माण करने 

निचले - कुचले 

पद - दलित का कल्याण करने 

साधु सन्यासी का त्राण करने 

विप्लव का…

Continue

Added by सुरेश कुमार 'कल्याण' on December 31, 2024 at 7:57pm — No Comments

नूतन वर्ष

नूतन वर्ष

------------

दुल्हन सी सजी-धजी 

गुजर रहे साल की अंतिम शाम ।

लोग मग्न हैं 

जाने वाले वर्ष की विदाई में 

कुछ नवागंतुक के स्वागत में।

कोई मंत्र उच्चारण - हवन करने में …

Continue

Added by सुरेश कुमार 'कल्याण' on December 31, 2024 at 7:35pm — 3 Comments

एक बूँद

एक बूँद
------------

सिहर गया तन - बदन
झूम उठा रोम - रोम
नयनों के कोने से मस्ती की झलक
कदमों की शिथिलता
होती हुई गतिमान
मन में उठती लहरें जैसे
बातें कर रहा हो हवा से अश्व
सबकुछ लगता बदला - बदला सा
जब तन से तन्मय हुई
एक बूँद प्रेम की छुअन ।

मौलिक एवं अप्रकाशित

सुरेश कुमार 'कल्याण'

Added by सुरेश कुमार 'कल्याण' on December 23, 2024 at 11:19am — 1 Comment

कमियाँ बुरी लगती हैं

मुझे बता दो कोई

मेरी कविता की कोई कमियाँ 

मेरी ही नहीं 

चाहने वालों के संग

न चाहने वालों की भी

मात्र कविता ही नहीं 

जिंदगी भी 

सुधारना चाहता हूँ मैं

प्रशंसा सुनना चाहता है मन

कमियाँ बुरी लगती हैं।

मौलिक एवं अप्रकाशित 

सुरेश कुमार 'कल्याण' 

Added by सुरेश कुमार 'कल्याण' on December 23, 2024 at 9:59am — No Comments

मार्गशीर्ष (दोहा अष्टक)

कहते गीता श्लोक में, स्वयं कृष्ण भगवान।

मार्गशीर्ष हूँ मास मैं, सबसे उत्तम जान।1।

ब्रह्मसरोवर तीर पर, सजता संगम सार।

बरसे गीता ज्ञान की, मार्गशीर्ष में धार।2।

पावन अगहन मास में, करके यमुना स्नान।

अन्न वस्त्र के दान से, खुश होते भगवान।3।

चुपके - चुपके सर्द ले, मार्गशीर्ष की ओट।

स्वर्णकार ज्यों मारता, धीमी - धीमी चोट।4।

साइबेरियन सर्द में, खग करते परवास।

भारत भू पर शरण लें, मार्गशीर्ष में…

Continue

Added by सुरेश कुमार 'कल्याण' on December 9, 2024 at 8:30pm — 1 Comment

लघुकविता

वह दरदरी दरी का रंगीन झोला 

डाकिए की तरह कंधे पर लटका कर 

हाथ में लकड़ी की तख्ती लेकर 

विद्यालय जाना 

पुरानी काली कूई पर

तख्ती पोंछकर मुल्तानी मिट्टी मलना 

धूप में सुखाकर सुलेख लिखना 

और वाहवाही लूटना 

मेरे सुखद अनुभव जिनसे 

अगली पीढ़ियाँ अनभिज्ञ रहेंगी। 

मौलिक एवं अप्रकाशित 

Added by सुरेश कुमार 'कल्याण' on December 4, 2024 at 2:00pm — 3 Comments

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Activity

Shyam Narain Verma commented on Ashok Kumar Raktale's blog post हरिगीतिका छंद
"नमस्ते जी, बहुत ही सुन्दर प्रस्तुति, हार्दिक बधाई l सादर"
yesterday

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey commented on Ashok Kumar Raktale's blog post हरिगीतिका छंद
"  आदरणीय अशोक भाईजी, श्रावण मास का आज प्रथम सोमवार है. ऐसे पवित्र दिवस पर आप द्वारा प्रस्तुत…"
Monday

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey commented on रोहित डोबरियाल "मल्हार"'s blog post दास्तां
"आदरणीय रोहित डोबरियाल "मल्हार" जी, आपकी भावुक प्रस्तुतीकरण का स्वागत है.  आप…"
Monday

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey commented on vijay nikore's blog post सांकल मन के द्वार पर
"  निर्निमेष आँखों की प्रतीक्षा उत्कट तीव्रता के साथ शाब्दिक हुई है, आदरणीय विजय निकोर…"
Monday

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey replied to आशीष यादव's discussion कइके हमके ब्लाॅक पिया ना ……..  (कजरी) in the group भोजपुरी साहित्य
"वाह वाह वाह .. सावन की कजरी का आधुनिक रूप गुदगुदा गया, आदरणीय आशीष जी.  सही भी है, प्रकृति के…"
Monday
आशीष यादव replied to आशीष यादव's discussion कइके हमके ब्लाॅक पिया ना ……..  (कजरी) in the group भोजपुरी साहित्य
"आदरणीय श्री अशोक कुमार जी इस कजरी पर टिप्पणी के लिए आपको बहुत बहुत धन्यवाद।  आज के परिवेश…"
Jul 27
Ashok Kumar Raktale replied to आशीष यादव's discussion कइके हमके ब्लाॅक पिया ना ……..  (कजरी) in the group भोजपुरी साहित्य
"आदरणीय आशीष यादव जी सादर, सावन की सुंदर और मधुर  फुहारों में यह कजरी की प्रस्तुति  बहुत…"
Jul 27
vijay nikore posted a blog post

सांकल मन के द्वार पर

सांकल मन के द्वार परजब-जब जहाँ कहीं फूल खिलेयाद तुझे किया था हमने ...कहती थी न ..."क्या...तुम्हारे…See More
Jul 27
आशीष यादव added a discussion to the group भोजपुरी साहित्य
Thumbnail

कइके हमके ब्लाॅक पिया ना ……..  (कजरी)

काहें सावन में देला अइसे शॉक पिया कइके हमके ब्लाॅक पिया ना …….. मनवा तोहके पुकारे नैना फोनवा…See More
Jul 26
Ashok Kumar Raktale posted a blog post

हरिगीतिका छंद

  हरि नाम लो हरि नाम लो हरि, नाम लो  हरि नाम लो।यह नाम  ही  है  सत्य  मानव,  भोर लो नित शाम…See More
Jul 24
Ashok Kumar Raktale commented on Ashok Kumar Raktale's blog post चौपाइयाँ
"आदरणीय भाई लक्ष्मण धामी जी सादर,  चौपाइयों की इस प्रस्तुति पर उत्साहवर्धन के लिए आपका हृदय से…"
Jul 24
Ashok Kumar Raktale commented on Ashok Kumar Raktale's blog post चौपाइयाँ
"आदरणीय सौरभ जी सादर प्रणाम, प्रस्तुत चौपाइयों की सराहना के लिए आपका हार्दिक आभार. जी !…"
Jul 24

© 2026   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service