For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

Savitamishra's Blog – October 2016 Archive (3)

मूल्य -(लघुकथा)

छुट्टी की बड़ी समस्या है दीदी, पापा अस्पताल में नर्सो के सहारे हैं! भाई से फोनवार्ता होते ही सुमी तुरन्त अटैची तैयार कर बनारस से दिल्ली चल दी|

अस्पताल पहुँचते ही देखा कि पापा बेहोशी के हालत में बड़बड़ा रहें थे| उसने झट से उनका हाथ अपने हाथों में लेकर, अहसास दिला दिया कि कोई है, उनका अपना |

हाथ का स्पर्श पाकर जैसे उनके मृतप्राय शरीर में जान सी आ गयी हो |

वार्तालाप घर-परिवार से शुरू हो न जाने कब जीवन बिताने के मुद्दे पर आकर अटक गयी |

एक अनुभवी स्वर प्रश्न बन उभरा, तो दूसरा…

Continue

Added by savitamishra on October 22, 2016 at 9:30am — 14 Comments

श्वास

"अरे मुंगेरी, खाना खाने भी चलेगा, या मगन रहेगा यहीं |" मुंगेरी को दीवार से बात करता हुआ देख चाचा ने कहा |

बहुमंजिला इमारत में प्लास्टर होने के साथ बिजली का भी काम चल रहा था | दोपहर में भोजन करने सब नीचे जाने लगे थे | मुंगेरी भी चाचा के साथ नीचे आकर जल्दी-जल्दी खाना ख़त्म करने लगा | तभी अचानक इमारत धू-धूकर जलने लगी | जैसे ही आग मुंगेरी के बनाये मंजिल पर पहुँची, मुंगेरी फफक कर रो पड़ा | सारे मजदूर महज हो-हल्ला मचा रहे थे | लेकिन मुंगेरी ऐसे रो रहा था जैसे उसकी अपनी कमाई जल…

Continue

Added by savitamishra on October 15, 2016 at 8:00pm — 2 Comments

गुर (बस दो मिनट में )





दो मिनट में


नहीं लिख दी जाती

कोई कविता

जैसे नहीं बनती सब्जी

दो मिनट में बढ़िया

दो मिनट में तो

बनती है बस मैगी

जो सिर्फ पेट भरती हैं |



अपनी संतुष्टि के लिए

भले लिख दो

मिनट, दो मिनट में

कुछ भी…

Continue

Added by savitamishra on October 1, 2016 at 11:43am — 17 Comments

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Blogs

Latest Activity

Aazi Tamaam posted a blog post

नग़मा: इक रोज़ लहू जम जायेगा इक रोज़ क़लम थम जायेगी

22 22 22 22 22 22 22 22इक रोज़ लहू जम जायेगा इक रोज़ क़लम थम जायेगीना दिल से सियाही निकलेगी ना सांस…See More
2 hours ago
Aazi Tamaam commented on Aazi Tamaam's blog post नग़मा: इक रोज़ लहू जम जायेगा इक रोज़ क़लम थम जायेगी
"सादर प्रणाम आदरणीय अमीर जी सहृदय शुक्रिया हौसला अफ़ज़ाई व मार्गदर्शन के लिये जी जनाब ये मिसरे बहर…"
4 hours ago
अमीरुद्दीन 'अमीर' commented on Aazi Tamaam's blog post नग़मा: इक रोज़ लहू जम जायेगा इक रोज़ क़लम थम जायेगी
"जनाब आज़ी तमाम साहिब आदाब, ख़ूबसूरत अहसासात से लबरेज़ अच्छा नग़्मा पेश करने की कोशिश है, मुबारकबाद…"
5 hours ago
Chetan Prakash replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-126
"गीत एक मात्रिक छन्द है, और हर गीत का अपना विधान होता है, जो प्रदत अथवा रचयिता द्वारा चुने हुए विषय…"
5 hours ago
Aazi Tamaam replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-126
"सादर प्रणाम आदरणीय चेतन जी मैंने एक गीत लिखने की कोशिस की है!  सादर"
5 hours ago
Chetan Prakash replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-126
"प्रिय  भाई, आज़ाद तमाम, विषय  का निर्वहन  आखिर किस विधा में हुआ है,  आप …"
8 hours ago
Aazi Tamaam replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-126
"सादर प्रणाम आदरणीय धामी सर खूबसूरत दोहे हैं बधाई स्वीकारें"
12 hours ago
Chetan Prakash replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-126
" भले स्वार्थवश साथ दें,  चौदह मात्राओं कि है, प्रथम चरण, आदरणीय भाई, लक्ष्मण धामी '…"
13 hours ago
Chetan Prakash replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-126
" गीत.... कलम आज सच की जय बोल  !  कलम आज सच की जय बोल  !  विपदा आती…"
13 hours ago
Aazi Tamaam replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-126
"अलग अलग हैं धर्म कर्म एक हिंदुस्तान है यही तो प्रजातंत्र है यही तो संविधान है अखण्ड है स्वतंत्र है…"
13 hours ago
Aazi Tamaam replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-126
"सहृदय शुक्रिया सर"
13 hours ago
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर''s blog post हमने कहीं पे लौट आ बचपन क्या लिख दिया-लक्ष्मण धामी "मुसाफिर"
"आ. भाई अमीरूद्दीन जी, धन्यवाद।"
15 hours ago

© 2021   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service