For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

जहाँ की नज़र में वो शैतान हैं..( ग़ज़ल :- सालिक गणवीर)

122 122 122 12

जहाँ की नज़र में वो शैतान हैं
समझते हैं हम वो भी इंसान हैं

न हिंदू न यारो मुसलमान हैं
यहाँ सबसे पहले हम इंसान हैं

खु़दा कितने हैं ,कितने भगवान हैं
यही सोचकर लोग हैरान हैं

नहीं उनको हमसे महब्बत अगर
हमारे लिये क्योंं परेशान हैं

रिहा कर मुझे या तू क़ैदी बना

तेरे हैं क़फ़स तेरे ज़िंदान हैं

*मौलिक एवं अप्रकाशित.

Views: 949

Comment

You need to be a member of Open Books Online to add comments!

Join Open Books Online

Comment by Samar kabeer on September 14, 2020 at 7:33pm

'किसी की नज़र में वो शैतान हैं
हमारे लिए वो भी इंसान हैं'

मतला यूँ कर लें:-

'जहाँ की नज़र में जो शैतान हैं

समझते हैं हम वो भी इंसान हैं'

पहली टिप्पणी में बताना भूल गया था ।

Comment by सालिक गणवीर on September 14, 2020 at 6:15pm

मुहतरम समर कबीर साहिब.

आदाब

इस्लाह के लिए मश्कूर-ओ-ममनून हूँ. सलामत रहें.

Comment by Samar kabeer on September 14, 2020 at 6:10pm

'सुना है वो बेचैन हैं आजकल'

इस मिसरे को यूँ कर लें:-

'नहीं उनको हमसे महब्बत अगर'

'कई लोग ऐसे घरों में मिले
दरीचे नहीं हैं हवा-दान हैं

ज़माने को कैसे ख़बर हो गई
यहाँ की दीवारों में भी कान हैं'

ये दो शैर ग़ज़ल से हटा दें ।

Comment by सालिक गणवीर on September 13, 2020 at 4:03pm

आदरणीय समर कबीर साहब
आदाब
ग़ज़ल पर आपकी उपस्थिति और सराहना के लिए ह्रदय तल से आपका आभारी हूँ.ग़ज़ल दुरूस्त करने की कोशिश की है, अगर अब भी दोषपूर्ण है तो हटा दूंगा, जनाब.

Comment by Samar kabeer on September 13, 2020 at 2:37pm

जनाब सालिक गणवीर जी आदाब, ग़ज़ल का अच्छा प्रयास है, बधाई स्वीकार करें ।

'किसी की नज़र में वो शैतान हैं
हमारी तरह वो भी इंसान हैं'

मतले के दोनों मिसरों में रब्त नहीं है,देखियेगा ।

'न हिंदू कोई न मुसलमान हैं'
इस मिसरे में रदीफ़ 'हैं' की जगह "है" हो रही है, मिसरा यूँ कर सकते हैं:-

'न हिन्दू न यारो मुसलमान हैं'

'उन्हीं के हवाले मेरी जान है
पता है वो सब पे मिह्रबान हैं'

इस मतले के ऊला में रदीफ़ 'हैं' की बजाय "है" हो गई है,और सानी मिसरा बह्र में नहीं है, "मह्रबान" शब्द का वज़्न 2121 होता है,देखियेगा ।

'सुना है वो बेचैन हैं आजकल
बड़े दिन हुए हम परेशान हैं'

इस शैर का भाव स्पष्ट नहीं हुआ ।

'जहाँ दर नहीं , न हवा-दान हैं'

ये मिसरा बह्र में नहीं,देखियेगा ।

'न दीवार है न वहाँ कान हैं'

ये मिसरा बह्र में नहीं ,देखियेगा ।

'रखो क़ैद में या रिहा कर मुझे
तुम्हारे हवालात - ज़िंदान हैं'

इस शैर के ऊला में शुतर गुरबा दोष है,और सानी मिसरा भर्ती का है ।

कुल मिलाकर ग़ज़ल में कोई दम नहीं है,हटा दें तो बहतर होगा ।

Comment by सालिक गणवीर on September 12, 2020 at 5:42pm

आदरणीय अमीरूद्दीन अमीर साहिब 
आदाब
ग़ज़ल पर आपकी उपस्थिति और सराहना के लिए ह्रदय तल से आपका आभारी हूँ.

Comment by अमीरुद्दीन 'अमीर' बाग़पतवी on September 12, 2020 at 3:39pm

मुहतरम जनाब सालिक गणवीर जी आदाब, अच्छी ग़ज़ल हुई है बधाई स्वीकार करें। सादर। 

Comment by सालिक गणवीर on September 12, 2020 at 2:40pm

भाई हर्ष महाजन जी
सादर अभिवादन
ग़ज़ल पर आपकी उपस्थिति और सराहना के लिए ह्रदय तल से आपका आभारी हूँ.

Comment by सालिक गणवीर on September 12, 2020 at 2:39pm

भाई लक्ष्मण धामी 'मुसाफ़िर' जी
सादर अभिवादन
ग़ज़ल पर आपकी उपस्थिति और सराहना के लिए ह्रदय तल से आपका आभारी हूँ.

Comment by Harash Mahajan on September 12, 2020 at 7:04am

आदरणीय सालिक जी अच्छी ग़ज़ल प्रस्तुत की है । मुबारकबाद क़बूल कीजियेगा ।

सादर

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Activity

Chetan Prakash replied to Admin's discussion अति आवश्यक सूचना : कृपया अवश्य अवगत हों .....
"  आदरणीय,  तकनीकी दृष्टिकोण से मैं कुछ  अधिक नहीं कह सकता । किन्तु यदि हमारा …"
2 hours ago

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey replied to Admin's discussion अति आवश्यक सूचना : कृपया अवश्य अवगत हों .....
"सभी विद्वद्जन अपने-अपने हिसाब कुछ न कुछ चर्चा कर रहे हैं, उपाय बता रहे हैं, आदरणीय ..  आप भी…"
yesterday
Chetan Prakash replied to Admin's discussion अति आवश्यक सूचना : कृपया अवश्य अवगत हों .....
" आदरणीय सौरभ साहब,  अंततोगत्वा कुछ ऐसा प्रबंध तो होना ही चाहिए कि ओ,बी,ओ पराभव को प्राप्त…"
yesterday
जगदानन्द झा 'मनु' added a discussion to the group मैथिली साहित्य
Thumbnail

भक्ति गजल

सजल कन्हाइ रूपक रस बहाबैएहरिक ई रूप दुनियाकेँ रिझाबैएमुकुटपर पैंख मोरक मोहनी सोहैहियामे रस सिनेहक ई…See More
Thursday

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey replied to Admin's discussion अति आवश्यक सूचना : कृपया अवश्य अवगत हों .....
"  उत्साहित बने रहने और सतत चलते रहने के सुझाव से निस्सृत होती सकारात्मकता का आयाम आश्वस्तिकारी…"
Monday
धर्मेन्द्र कुमार सिंह replied to Admin's discussion अति आवश्यक सूचना : कृपया अवश्य अवगत हों .....
"जब कविता कोश चल सकता है तो ओबीओ क्यूँ नहीं। वहाँ भी शुरू में जो लोग थे आज नहीं हैं। नए-नए लोग…"
Jun 6

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey replied to Admin's discussion अति आवश्यक सूचना : कृपया अवश्य अवगत हों .....
"चर्चा में आपकी उपस्थिति तथा आपके भावमय शब्दों का स्वागत है आदरणीय मिथिलेश जी. "
Jun 6
Sheikh Shahzad Usmani commented on Sheikh Shahzad Usmani's blog post "प्यारी दुश्मन" -[लघु कथा] (18)
"मेरी इस रचना के अवलोकन हेतु पाठकों को हार्दिक धन्यवाद।"
Jun 6
Sheikh Shahzad Usmani commented on Sheikh Shahzad Usmani's blog post "शह और शिकस्त" - [लघुकथा] 25 (शतरंज संदर्भित) - शेख़ शहज़ाद उस्मानी
"मेरी इस रचना पर 446 अवलोकन हेतु हार्दिक आभार पाठकों के प्रति।"
Jun 6
Sheikh Shahzad Usmani commented on Sheikh Shahzad Usmani's blog post सूरज के तेवर (लघुकथा) [छंदोत्सव-58 चित्र से प्रेरित] /शेख़ शहज़ाद उस्मानी
"रचना पटल पर उपस्थिति, समीक्षात्मक टिप्पणी और सवाल हेतु हार्दिक धन्यवाद आदरणीया कान्ता रॉय जी। मेरी…"
Jun 5
Sheikh Shahzad Usmani replied to Admin's discussion अति आवश्यक सूचना : कृपया अवश्य अवगत हों .....
" सादर नमस्कार आदरणीय मंच। कुछ अन्य सुझाव: 1- सदस्यों से सहयोग राशि एकत्रित कर ओबीओ की पत्रिका…"
Jun 1
आशीष यादव replied to Admin's discussion अति आवश्यक सूचना : कृपया अवश्य अवगत हों .....
"अच्छा सुझाव"
Jun 1

© 2026   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service