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शांति आदमी के कमजोर बना देला ,

शांति आदमी के कमजोर बना देला ,
शक्ति इन्सान के सैतान बना देला ,
अगर सम्पति पाके जे संभल गइल ,
ओकर स्वरुप भगवान के रूप होला .
सैयम के संगे सादगी ता सफलता मिली ,
आउर समृधि अपने आप होई ,
त संस्कार खिली ,
जब स्वास्थ बढ़िया रही त सन्मान मिली ,
आउर सरस्वती जहा रहिआन ,
त उहा स्नेह मिलबे करी ,
जब सनेह मिली ता उहा शांति रही ,
ता रौआ जानते बानी ,
शांति आदमी के कमजोर बना देला ,

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सदस्य टीम प्रबंधन
Comment by Rana Pratap Singh on September 6, 2010 at 9:14pm
बहुत सुन्दर सन्देश|
Comment by Admin on April 3, 2010 at 3:14pm
Waah guru jee wah raaur kawno jabaab naikhey bahut badhiya, Jai hoooooooo Guru jee key.
Comment by Raju on April 2, 2010 at 12:38pm
Jai hoooooo ......GURU bhaiya

मुख्य प्रबंधक
Comment by Er. Ganesh Jee "Bagi" on April 2, 2010 at 9:38am
शांति आदमी के कमजोर बना देला ,
शक्ति इन्सान के सैतान बना देला ,
अगर सम्पति पाके जे संभल गइल ,
ओकर स्वरुप भगवान के रूप होला

Guru jee bahut mast kavita likhani rauwaa , har kavita key tarag eho shandar ba, rauwaa bilkul thik kahat baani, Daulat aa shakti key nasha mey log pagala jala, aa jey e nasha sey wobar jala wo aadmi vastav mey safal ho jaala.
Comment by PREETAM TIWARY(PREET) on April 1, 2010 at 7:09pm
bahut shaandaar guru jee............hamesha ke tarah ek aur zordaar kavita.....
lagal rahi guru jee.....
bahut bahut dhanybaad.............

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