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गड़गड़ाकर

खाँसता है

एक बूढ़ा ट्रैक्टर

डगडगाता

जा रहा है

ईंट ओवरलोड कर

सरसराती कार निकली

घरघराती बस

धड़धड़ाती बाइकों ने

गालियाँ दीं दस

कह रही है

साइकिल तक

हो गया बुड्ढा अमर

न्यूनतम का भी तिहाई

पा रहा वेतन

पर चढ़ी चर्बी कहें सब

ख़ूब इसके तन

थरथराकर

कांपता है

रुख हवा का देखकर

ठीक होता सब अगर तो

इस कदर खटता?

छाँव घर की छोड़कर ये

धूप में मरता?

 

स्वाभिमानी

खा न पाया  

आज तक ये माँगकर

--------------------------

(मौलिक एवं अप्रकाशित)

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Comment

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Comment by Chetan Prakash on June 28, 2021 at 10:40pm

 नमस्कार भाई धर्मेंद्र  कुमार सिंह, 'नवगीत' की भी कोई  विषय वस्तु अनिवार्य  रूप  से  होती है, और  आपका  नवगीत विषय को लेकर अस्पष्ट  है , चूँकि  आप तथाकथित नवगीत  के रचयिता  हैं तो आप  से बेहतर मेरे प्रश्न  का उत्तर  कौन दे सकता है ? सो, बंधु  मैंने  आप से उक्त  जानकारी  की अपेक्षा  की है !  आशा  है,  आप प्रश्न का जवाब  देकर संतुष्ट  करने की कृपा  करेंगे!

 

Comment by धर्मेन्द्र कुमार सिंह on June 27, 2021 at 9:21pm

बहुत बहुत शुक्रिया आदरणीय लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर'' साहब 

Comment by धर्मेन्द्र कुमार सिंह on June 27, 2021 at 9:20pm

बहुत बहुत शुक्रिया आदरणीय अमीरुद्दीन 'अमीर' साहब 

Comment by धर्मेन्द्र कुमार सिंह on June 27, 2021 at 9:18pm

बहुत बहुत शुक्रिया आदरणीय Samar kabeer साहब

Comment by धर्मेन्द्र कुमार सिंह on June 27, 2021 at 9:16pm

आदरणीय  Chetan Prakash  जी, यदि आप बताया दें कि आपने इस नवगीत का क्या अर्थ निकाला है तो जहां अस्पष्टता है मैं उसका स्पष्टीकरण दे दूंगा 

Comment by धर्मेन्द्र कुमार सिंह on June 27, 2021 at 9:14pm

बहुत बहुत शुक्रिया आदरणीय Rahul Dangi Panchal जी 

Comment by लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' on June 27, 2021 at 9:07pm

आ. भाई धर्मेंद्र जी, सादर अभिवादन । अच्छा गीत हुआ है । हार्दिक बधाई...

Comment by अमीरुद्दीन 'अमीर' बाग़पतवी on June 27, 2021 at 4:43pm

जनाब धर्मेन्द्र कुमार जी आदाब, अच्छा नवगीत सृजित हुआ है, बधाई स्वीकार करें। सादर। 

Comment by Samar kabeer on June 27, 2021 at 12:09pm

जनाब धर्मेन्द्र कुमार जी आदाब, अच्छा नवगीत लिखा आपने, बधाई स्वीकार करें ।

Comment by Chetan Prakash on June 27, 2021 at 8:37am

बंधु, शिल्प की दृष्टि से आपका नवगीत ठीक है, किन्तु इसकी विषय -वस्तु मुझे स्पष्ट नहीं हो पायी, सादर !

कृपया ध्यान दे...

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