For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

दिख रहे हैं हजार आंखों में

तेरे बोलों के ख़ार आँखों में
दिख रहे हैं हजार आंखों में

मैनें देखा खुमार आँखों में
इश्क का बेशुमार आँखों में

इश्क है होशियार आँखों में
इश्क फिर भी गवार आँखों में


तेरी गलियों को छान कर जाना
होता क्या-क्या है यार आँखों में?

होठ बेशक हँसी से फैले हैं
दर्द पर बरकरार आँखों में।


'बाल' नादान है समझ तेरी
ढूंढती बस जो प्यार आँखों में।

मौलिक अप्रकाशित

Views: 403

Comment

You need to be a member of Open Books Online to add comments!

Join Open Books Online

Comment by बृजेश कुमार 'ब्रज' on December 30, 2023 at 10:59am

ग़ज़ल अच्छी लगी राणा साहब...आदरणीय सौरभ जी की समीक्षा ज्ञान बर्धक है।

Comment by सतविन्द्र कुमार राणा on December 5, 2023 at 9:14pm

आदरणीय सौरभ सर सादर नमन, मार्गदर्शन के लिए सादर आभार।

नुक्ता कहीं भी प्रयासपूर्वक नहीं लगाया है। सच कहूँ तो मुझे नुक्ते का रत्ती भर भी ज्ञान नहीं है। मैं गूगल इंडिक से टाइप करता हूँ। यह जैसे उठा लेता है टाइपो हो जाता है। कागज पर लिखते हुए मुझे ध्यान नहीं कि मैंने कभी नुक्ते का प्रयोग किया हो।


सदस्य टीम प्रबंधन
Comment by Saurabh Pandey on November 17, 2023 at 1:45pm

ख़फ़ीफ मुसद्दस मख़बून अबतर // 2122 1212 22/112 

तेरे बोलों के ख़ार आँखों में
दिख रहे हैं हजार आंखों में  ...           वाह 

मैनें देखा ख़ुमार आँखों में   ............. खुमार के ख में नुख्ता क्यों है ? 
इश्क़ का बेशुमार आँखों में  ..           वाह 

इश्क है होशियार आँखों में  ..           इश्क़ के क में नुख्ता क्यों नहीं है ? 
इश्क़ फिर भी गवार आंखों में            


तेरी गलियों को छान कर जाना
क्या-क्या होता है यार आँखों में .......   क्या की मात्रा नहीं गिरायी जाती. यह गुरु या गाफ़ में ही होता है. 

होठ बेशक हँसी से हैं फैले ...            फैले हैं कर देने कोई समस्या नहीं थी. 
दर्द पर बरकरार आँखों में।


'बाल' नादान है समझ तेरी
ढूंढती बस जो प्यार आँखों में।  ..        सही .. बढ़िया .. 

नुख्ते का या तो उचित ढंग से प्रयोग करें, या न करें। सर्वोपरि, किसी वर्ण के साथ इसका अपने हिसाब से प्रयोग न करें, आदरणीय। 

गजल कहने के क्रम में शब्दों का उर्दू वर्णॊं वाला स्वरूप तनिक आवश्यक नहीं है। उर्दू शब्दों का अनायास प्रयोग किसी प्रस्तुति की सुन्दरता हो सकती है। लेकिन उनकी मान्य बुनावट ही प्रयुक्त हो। 

शुभातिशुभ

Comment by सतविन्द्र कुमार राणा on November 9, 2023 at 3:27pm

S

सादर आभार आदरणीय सुशील सरना जी

Comment by Sushil Sarna on November 5, 2023 at 8:21pm

वाहहहहहह आदरणीय जी बड़े ही खूबसूरत ग़ज़ल कही है सर ।

हार्दिक बधाई सर ।

Comment by सतविन्द्र कुमार राणा on November 4, 2023 at 8:02pm

आदरणीय धामी जी सादर आभार उत्साहवर्धन के लिए

Comment by लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' on November 3, 2023 at 2:37pm

आ. भाई सतविन्द्र जी, अभिवादन। अच्छी गजल हुई है। हार्दिक बधाई।

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Activity

Ashok Kumar Raktale replied to Admin's discussion 'ओबीओ चित्र से काव्य तक' छंदोत्सव अंक 178 in the group चित्र से काव्य तक
"आदरणीय अखिलेश कृष्ण श्रीवास्तव साहब, प्रस्तुत दोहों की सराहना हेतु आपका हार्दिक आभार। सादर"
4 hours ago
Ashok Kumar Raktale replied to Admin's discussion 'ओबीओ चित्र से काव्य तक' छंदोत्सव अंक 178 in the group चित्र से काव्य तक
"आदरणीय जयहिंद रायपुरी जी सादर, प्रदत्त चित्र पर आपने  दोहा छंद रचने का सुन्दर प्रयास किया है।…"
4 hours ago
अखिलेश कृष्ण श्रीवास्तव replied to Admin's discussion 'ओबीओ चित्र से काव्य तक' छंदोत्सव अंक 178 in the group चित्र से काव्य तक
"आदरणीय अशोक भाईजी  सही कहना है हम भारतीय और विशेषकर जो अभावों में पलकर बड़े हुए हैं, हर…"
5 hours ago
अखिलेश कृष्ण श्रीवास्तव replied to Admin's discussion 'ओबीओ चित्र से काव्य तक' छंदोत्सव अंक 178 in the group चित्र से काव्य तक
"आदरणीया प्रतिभाजी हार्दिक धन्यवाद आभार आपका"
5 hours ago
अखिलेश कृष्ण श्रीवास्तव replied to Admin's discussion 'ओबीओ चित्र से काव्य तक' छंदोत्सव अंक 178 in the group चित्र से काव्य तक
"आदरणीय अशोक भाईजी  हार्दिक धन्यवाद आभार आपका।"
5 hours ago
Ashok Kumar Raktale replied to Admin's discussion 'ओबीओ चित्र से काव्य तक' छंदोत्सव अंक 178 in the group चित्र से काव्य तक
"आदरणीय भाई लक्ष्मण धामी जी सादर, प्रदत्त चित्र पर मेरी प्रस्तुति की सराहना के लिए आपका हार्दिक…"
5 hours ago
Ashok Kumar Raktale replied to Admin's discussion 'ओबीओ चित्र से काव्य तक' छंदोत्सव अंक 178 in the group चित्र से काव्य तक
"    आदरणीया प्रतिभा पाण्डे जी सादर, प्रस्तुत दोहों की सराहना के लिए आपका हार्दिक आभार ।…"
5 hours ago
Jaihind Raipuri replied to Admin's discussion 'ओबीओ चित्र से काव्य तक' छंदोत्सव अंक 178 in the group चित्र से काव्य तक
"किल्लत सारे देश में, नहीं गैस की यार नालियाँ बजबजा रही, हर घर औ हर द्वार गैस नहीं तो क्या हुआ, लोग…"
6 hours ago
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' replied to Admin's discussion 'ओबीओ चित्र से काव्य तक' छंदोत्सव अंक 178 in the group चित्र से काव्य तक
"आ. भाई सौरभ जी, सादर अभिवादन। दोहों पर आपकी विस्तृत टिप्पणी और सुझाव के लिए हार्दिक…"
7 hours ago
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' replied to Admin's discussion 'ओबीओ चित्र से काव्य तक' छंदोत्सव अंक 178 in the group चित्र से काव्य तक
"आ. प्रतिभा बहन, सादर अभिवादन। चित्रानुरूप सुंदर दोहे हुए हैं। हार्दिक बधाई।"
7 hours ago
pratibha pande replied to Admin's discussion 'ओबीओ चित्र से काव्य तक' छंदोत्सव अंक 178 in the group चित्र से काव्य तक
"*पका न पाती  रोटियाँ, भले  युद्ध की आगजला रही है नित्य पर, वह निर्धन का…"
7 hours ago
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' replied to Admin's discussion 'ओबीओ चित्र से काव्य तक' छंदोत्सव अंक 178 in the group चित्र से काव्य तक
"आ. भाई अशोक जी, सादर अभिवादन। प्रदत्त चित्रानुरूपसुंदर दोहे हुए हैं। हार्दिक बधाई।"
8 hours ago

© 2026   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service