For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

जन लोकपाल लिए मन माहि ,

जन लोकपाल लिए मन माहीं ,

अन्ना बोले जन सन्मुख जाहीं ,
साथ किरण बेदी आई ऐसे , 
राम काज लगी हनुमत जैसे ,
कपिल आये रूप धरि रावण ,
चाहैं  कार्य बिगारन पावन ,
जन समर्थन अन्ना जो पाये ,
तबहिं बिरोधि हुडदंग मचाये ,
मांग भई अस संसद बिरोधी ,
आयें प्रधान देख गतिरोधी ,
संसद कुछ जनहित में सोचा ,
हिंद की जनता का सिर ऊँचा" ­ ,
  

 

Views: 687

Comment

You need to be a member of Open Books Online to add comments!

Join Open Books Online

Comment by Rash Bihari Ravi on September 6, 2011 at 5:41pm

dhanyabad ganesh ji dushyant ji

Comment by दुष्यंत सेवक on September 6, 2011 at 3:42pm

ati sundar guru ji...


मुख्य प्रबंधक
Comment by Er. Ganesh Jee "Bagi" on September 4, 2011 at 5:12pm

हा हा हा हा , बहुत खूब गुरु जी, बढ़िया लिखे है , आभार आपका |

Comment by Rash Bihari Ravi on September 3, 2011 at 3:16pm

dhanyabad arun ji aapki comment padh kar man bag bag ho gaya

Comment by Abhinav Arun on September 3, 2011 at 3:00pm
वाह गुरु जी चालीसा बनता तो और मज़ा आता ..छोटी मगर "घाव करे गंभीर "श्रेणी की रचना ! बधाई !! 
Comment by Rash Bihari Ravi on September 3, 2011 at 2:54pm

ok sir isko guruvar yograj ji se salah lete hain 

Comment by आशीष यादव on September 3, 2011 at 2:52pm

guru ji, total 11 matra pe kaise hai. har jagah to matra 11 se adhik hi hai.

chaupai me waise bhi 16 matrayen pratyek charan me hoti hai. punarwichar karen.

Comment by Rash Bihari Ravi on September 3, 2011 at 2:35pm

bahut badhia ashish ji lekin total 11 matra pe hi hain

Comment by आशीष यादव on September 3, 2011 at 1:44pm

गुरु जी अभी भी बहुत कुछ बाकी है, लेकिन आपकी रचना अच्छी है| सुन्दर चौपाइयां लिखी हैं|
थोड़ा संशोधन चाहिए इस पंक्ति में,

साथ किरण बेदी आई ऐसे ,ko

साथ किरण जी  आई ऐसे , कर दे तो मात्र की त्रुटी समाप्त हो जाय| अगर मै गलत हूँ तो गुणीजन  मार्ग दिखाएँ|

Comment by Rash Bihari Ravi on September 3, 2011 at 1:30pm

dhanyabad ganesh ji aur satish ji

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Activity

Tilak Raj Kapoor replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-189
"यह मेरी बेध्यानी का परिणाम है, मुझे और सतर्क रहना पड़ेगा। "
29 minutes ago
Tilak Raj Kapoor replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-189
"यह तो ऋचा जी की ग़ज़ल पर कहा था, यहॉं न जाने कैसे चिपक गया। आपकी ग़ज़ल अभी पढ़ी नहीं है।"
33 minutes ago
Tilak Raj Kapoor replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-189
"मुझे लगता है कि मूल ग़ज़ल के शेर की विवेचना यह समझने में सहायक होगी कि ऐसी कठिन ज़मीनों पर शेर कैसे…"
35 minutes ago
Richa Yadav replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-189
"आदरणीय तिलक जी नमस्कार  बहुत बहुत आभार आपका इतनी बारीक़ी से  हर एक बात बताई आपने और बेहतर…"
1 hour ago
Tilak Raj Kapoor replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-189
"कुछ भी होना नहीं कि तुझसे कहें रोना धोना नहीं कि तुझसे कहें १ मतले में जो क़ाफ़िया निर्धारित हुआ…"
2 hours ago
Tilak Raj Kapoor replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-189
"ग़ज़ल में बह्र, रदीफ़, क़ाफ़िया का पालन अच्छा हुआ है। ग़म-ए-दौलत मिली है किस्मत से, ये लुटाना नहीं…"
2 hours ago
Dayaram Methani replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-189
"आदरणीय, मैने तो आना के हिसाब से ही सब काफिया लिखे है। पूरी रचना पर टिप्पणी करते तो कुछ सीखने का…"
3 hours ago
Tilak Raj Kapoor replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-189
"सच फ़साना नहीं कि तुझ से कहें ये बहाना नहीं कि तुझ से कहें। शेर का शेर के रूप में पूरा होना और एक…"
8 hours ago
Tilak Raj Kapoor replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-189
"इस मंच पर ग़ज़ल विधा पर जितनी चर्चा उपलब्ध है उसे पढ़ना भी महत्वपूर्ण है। इस पर विशेष रूप से ध्यान…"
9 hours ago
अजय गुप्ता 'अजेय replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-189
"धन्यवाद ऋचा जी।  गिरह ख़ूब हुई // आप भी मनजीत जी की तरह फ़िरकी ले रहीं हैं। हा हा "
10 hours ago
Richa Yadav replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-189
"आदरणीय अजेय जी नमस्कार  बहुत ख़ूब ग़ज़ल हुई आपकी बधाई स्वीकार कीजिए  गिरह ख़ूब…"
10 hours ago
Richa Yadav replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-189
"आदरणीया मनप्रीत जी  बहुत शुक्रिया आपका हौसला अफ़ज़ाई के लिए  सादर "
10 hours ago

© 2026   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service