For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

सरहद पर जाते वक्त

सरहद पर जाते वक्त 

वो  जो नज़र झुका कर कहा तुमने 
प्रिया! लौट कर न आ पाऊं  शायद
फिर से तेरी बांहों में 
जम्भूमि के कर्ज  चुकाने हैं 
नहीं निभा पाउँगा तुम्हारे प्रति अपना फर्ज 
हो सके तो माफ़ कर देना मुझे 
सच कंहूँ तो  तेरी इस शपथ  से  
डबडबाये   जरुर थे मेरे नयन  
पर यकीं कर  साथी 
मेरा माथा गर्व से तन गया था उस वक्त 
कितनी खुश नसीब होती हैं 
वो पत्नियाँ  ,वो प्रेमिकाएं 
जिनके पति ,प्रेमी 
देश-प्रेम में मिट जाते हैं 
 
--आशा  पाण्डेय ओझा 

Views: 695

Comment

You need to be a member of Open Books Online to add comments!

Join Open Books Online

Comment by asha pandey ojha on March 9, 2013 at 10:06pm

Priya Vedika kotish dhnywaad aapko

Comment by asha pandey ojha on March 9, 2013 at 10:06pm

Aadrniy कमलकिशोर भागिरथजी अग्रवाल sir hardik aabhar aapka aapki amulya prtikriya ke liye

Comment by वेदिका on March 6, 2013 at 11:48pm

बहुत सजल रचना है, वीरता और वियोग के सम्मिश्रण से ओतप्रोत ...

जम्भूमि के कर्ज  चुकाने हैं 
नहीं निभा पाउँगा तुम्हारे प्रति अपना फर्ज


शुभकामना आदरणीया आशा जी !
सादर वेदिका

Comment by कमलकिशोर भागिरथजी अग्रवाल on March 6, 2013 at 11:12pm

आशाजी नमस्कार! आपकी रचना पढने को मीली ! कीतने सहज भावसे आपने एक सैनिक का प्रेम तथा देशप्रेम दोनो को दर्षाया! यह क़ाबिले तारीफ है ! 

Comment by asha pandey ojha on March 6, 2013 at 5:44pm

Aadrniy  Laxman Prasad Ladiwala ji aapka kotish dhnywaad ukt rachna par aapki bahumulya prtikriya ke liye .. punh saadr aabhar

Comment by asha pandey ojha on March 6, 2013 at 5:43pm

Aadrniya Vijay Nikor ji sir saadr dhnywaad aapka is Rachna ko padh kar apni beshkimtee prtikriya zahir kar mera housla badhane hetu . aabhar

Comment by लक्ष्मण रामानुज लडीवाला on March 6, 2013 at 2:59pm

सैनिक जो राष्ट्र की रक्षा में अपना सर्वस्व अर्पित कर देते है, उनकी गृहणिया का त्याग भी किसीतरह कम नहीं है | 

एक और सुंदर रचना के लिए हार्दिक बधाई 

Comment by vijay nikore on March 6, 2013 at 2:22pm

आदरणीया आशा जी:

 

मेरा सौभाग्य है कि आज अचानक आपके बलाग पर मुझको

आपकी २०१२ की यह इतनी अच्छी कविता पढ़ने को मिली।

गर्व है सैनिकों पर, उनके परिवार पर, और आपकी इस कविता पर!

 

सादर,

विजय निकोर

Comment by asha pandey ojha on February 20, 2012 at 7:09pm

@ Neerajji @ Arun Kumar Pandey 'Abhinav' bhiya @Saurabh Pandey ji sir @ Ganesh Jee "Bagi bhiya @AVINASH S BAGDE  ji sir @rajesh kumariji aap sabhi ka hardik dhnywaad meree is rachna par apni bahumulya prtikriya vykt karne ke liye 

Comment by Abhinav Arun on February 17, 2012 at 7:56pm
Hriday ke udgaar Jis sashakt kavy roop me apne ukere hain wah bhaav anupam hai Asha di.ek jevant Zindabaad aur hausle ki rachna.Salaam apko apki lekhni ko.

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Blogs

Latest Activity


सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey commented on Ashok Kumar Raktale's blog post ग़ज़ल
"आदरणीय अशोक भाई, आपके प्रस्तुत प्रयास से मन मुग्ध है. मैं प्रति शे’र अपनी बात रखता…"
17 hours ago

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey commented on Saurabh Pandey's blog post नवगीत : सूर्य के दस्तक लगाना // सौरभ
"रचना पर आपकी पाठकीय प्रतिक्रिया सुखद है, आदरणीय चेतन प्रकाश जी.  आपका हार्दिक धन्यवाद "
17 hours ago

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey commented on Saurabh Pandey's blog post नवगीत : सूर्य के दस्तक लगाना // सौरभ
"उत्साहवर्द्धन के लिए हार्दिक धन्यवाद, आदरणीय अशोक भाईजी "
17 hours ago
Ashok Kumar Raktale posted blog posts
18 hours ago
Chetan Prakash commented on Saurabh Pandey's blog post नवगीत : सूर्य के दस्तक लगाना // सौरभ
"नव वर्ष  की संक्रांति की घड़ी में वर्तमान की संवेदनहीनता और  सोच की जड़ता पर प्रहार करता…"
18 hours ago
Sushil Sarna posted blog posts
20 hours ago
Sushil Sarna commented on Sushil Sarna's blog post दोहा पंचक. . . क्रोध
"आदरणीय लक्ष्मण धामी जी सृजन के भावों को मान देने का दिल से आभार आदरणीय जी । "
20 hours ago
Sushil Sarna commented on Sushil Sarna's blog post दोहा पंचक. . . क्रोध
"आदरणीय अशोक रक्ताले जी सृजन पर आपकी समीक्षात्मक प्रतिक्रिया का दिल से आभार । इंगित बिन्दु पर सहमत…"
20 hours ago
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर''s blog post कुर्सी जिसे भी सौंप दो बदलेगा कुछ नहीं-लक्ष्मण धामी "मुसाफिर"
"आ. भाई सौरभ जी सादर अभिवादन। गजलपर उपस्थिति और सप्रेमं मार्गदर्शन के लिए हार्दिक आभार। इसे बेहतर…"
yesterday
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर''s blog post न पावन हुए जब मनों के लिए -लक्ष्मण धामी "मुसाफिर"
"आ. भाई अशोक जी, सादर अभिवादन। गजल पर उपस्थिति व उत्ताहवर्धन के लिए हार्दिक आभार।"
yesterday
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on Sushil Sarna's blog post दोहा पंचक. . . क्रोध
"आ. भाई सुशील जी, सादर अभिवादन। क्रोध पर सुंदर दोहे हुए हैं। हार्दिक बधाई। साथ ही भाई अशोक जी की बात…"
yesterday
Ashok Kumar Raktale commented on धर्मेन्द्र कुमार सिंह's blog post देवता चिल्लाने लगे हैं (कविता)
"   आदरणीय धर्मेन्द्र कुमार सिंह जी सादर, धर्म के नाम पर अपना उल्लू सीधा करती राजनीति में…"
yesterday

© 2026   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service