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शर्म का घाटा

मिलावट का एक और खुलासा
मिलावट खोरों को शर्म का घाटा
शहद में मीठा ज़हर मिलाया
जिसनें भी खाया वोह पछताया
देश की नामीं बारह कम्पनियों में से
ग्यारह के सैम्पल में पाया
जन्म से लेकर मृत्यु तक
शहद का होता है उपयोग
किसको पता था मिटेंगे नहीं
लग जाएँगे और भी रोग
रामदेव बाबा जी के शहद से लेकर
डाबर तक यह पाया गया
मीठे मीठे चटकारों से
हम सबको बहलाया गया
सूली पर लटका दो सबको
या फिर मार दो गोली
जिस जिसनें भी मिलावट की
यह गन्दी दुकान है खोली
मैं भी सोचूं इतना खाया
फिर भी हुआ न पतला
अब यह मेरी समझ में आया
क्या था बीच का घपला

दीपक शर्मा 'कुल्लुवी'
०९१३६२११४८६
१६/०९/२०१०.
खबर: १५.०९.२०१० को इण्डिया टी वी की खबर की 'देश की बारह नामीं ग्रामी शहद की कम्पनियों में से ग्यारह में खतरनाक मीठा ज़हर पाया गया

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मुख्य प्रबंधक
Comment by Er. Ganesh Jee "Bagi" on September 17, 2010 at 10:48pm
मैं भी सोचूं इतना खाया
फिर भी हुआ न पतला
अब यह मेरी समझ में आया
क्या था बीच का घपला,

हा हा हा हा , दीपक भईया, आप पतला हो या ना हो पर ये कंपनी वाले तो जरूर मोटे हो गये होंगे, समसामयिकी पर एक बेहतरीन रचना , बहुत खूब , ,
Comment by Deepak Sharma Kuluvi on September 17, 2010 at 3:02pm
SABHI KA DHANYABAAD JIKO RACHANA THEEK LAGE
Comment by आशीष यादव on September 17, 2010 at 1:54am
pranaam sir,
milaawat to ho hi gai hai har jagah. agar kahi aisa pakda gaya to hame bhi awagat karaeeyega.
waise rachna bahut hi umda hai.
Comment by Rash Bihari Ravi on September 16, 2010 at 5:59pm
namaskar sir barahwa co kaun hain uska bhi khulasa kar dijiye ki usko badhai diya ja sake

bahut badhia kavita
Comment by Deepak Sharma Kuluvi on September 16, 2010 at 5:38pm
THANK FOR YOUR APPROVAL

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