For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

छन्न पकैया .......

छन्न पकैया - छन्न पकैया, सूरज दावानल है.
सूख रहीं हैं नदियाँ सारी, सड़के रहीं पिघल हैं.
**
छन्न पकैया - छन्न पकैया,जलता आलम सारा.
थर्मा-मीटर की नलिका में, ताव मारता पारा.
**
छन्न पकैया - छन्न पकैया, बीसुर रही हरियाली.
मुरझाते फूलों के मुख से , हुई  नदारत लाली.
**
छन्न पकैया - छन्न पकैया,लस्सी,कुल्फी,मठ्ठा,
तीनो मिलकर ना बैठा दें , ग्रीष्म-ऋतु का भठ्ठा.
**
छन्न पकैया - छन्न पकैया, नभ फेंके अंगारें.
लू की लहरें दिखा रहीं हैं, सबको दिन में तारे!!
**
छन्न पकैया - छन्न पकैया, गौरैया  बेहाल!
नल के ऊपर चोंच मारते, जीना हुआ मुहाल.
**
छन्न पकैया - छन्न पकैया, लोग ये आते-जाते.
गमछा लेकर सूर्य-कोप से, मुखड़ा  आज चुराते.
**
अविनाश बागडे...

Views: 708

Comment

You need to be a member of Open Books Online to add comments!

Join Open Books Online

Comment by AVINASH S BAGDE on May 6, 2012 at 5:08pm

सौरभ  जी, आप की पसंद एक खास मायने रखती है मेरे लिये....शुक्रिया.

Comment by SURENDRA KUMAR SHUKLA BHRAMAR on May 6, 2012 at 12:12am

छन्न पकैया - छन्न पकैया, गौरैया  बेहाल!

नल के ऊपर चोंच मारते, जीना हुआ मुहाल.
**
छन्न पकैया - छन्न पकैया, लोग ये आते-जाते.
गमछा लेकर सूर्य-कोप से, मुखड़ा  आज चुराते.
**अविनाश जी ...सटीक ..चुभते हुए इस मौसम का सुंदर चित्रण  ..लस्सी कुल्फी मट्ठा  और  कच्चे आम पुदीना  के पने को रंग दिखाना ही होगा ... शुभ कामनाएं ..जय श्री राधे -भ्रमर ५ 
Comment by Abhinav Arun on May 5, 2012 at 8:02pm
छन्न पकैया - छन्न पकैया, नभ फेंके अंगारें.
लू की लहरें दिखा रहीं हैं, सबको दिन में तारे!!
हा हा हा मज़ा आगया आदरणीय अविनाश जी बहुत सुन्दर वाह !!

सदस्य टीम प्रबंधन
Comment by Saurabh Pandey on May 5, 2012 at 7:17pm

भाई अविनाशजी,  आपकी छन्न पकैया खूब पकी है. गौरैया वाले छंद में क्या मंजरनिगारी है.  पूरा का पूरा ग्रीष्म ही उतार दिया है आपने. 

सादर बधाइयाँ.


प्रधान संपादक
Comment by योगराज प्रभाकर on May 5, 2012 at 4:01pm

मानना पड़ेगा भाई अविनाश बागडे जी, आप ओबीओ के "छन्न पकैया" एक्सपर्ट हो गए हैं..... :))))

Comment by AVINASH S BAGDE on May 5, 2012 at 3:12pm

 संदीप द्विवेदी 'वाहिद काशीवासी'...बहुत-बहुत आभार.

प्रदीप कुमार सिंह कुशवाहा ....आपकी टिप्पणी अमूल्य है...

Comment by AVINASH S BAGDE on May 5, 2012 at 3:08pm

..बहुत-बहुत आभार...शुक्रिया योगराज जी आपकी हौसला अफजाई का..

Comment by PRADEEP KUMAR SINGH KUSHWAHA on May 5, 2012 at 1:44pm

गरमी में सर्दी का  दे सुन्दर अहसास.

लस्सी,कुल्फी,मठ्ठा   रiखियो  साथ

   बधाई.
Comment by संदीप द्विवेदी 'वाहिद काशीवासी' on May 5, 2012 at 12:53pm

वाह! क्या ख़ूब छन्न पकैया पेश किये आपने! ख़ास तौर से अंत के दो! वर्तमान मौसम का दृश्य सजीव हो उठा! साभार,


प्रधान संपादक
Comment by योगराज प्रभाकर on May 5, 2012 at 11:12am

वाह वाह  वाह - बहुत ही सुन्दर छन्न-पकैया कहे हैं अविनाश बागडे जी. बधाई स्वीकारें.

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Activity

राज़ नवादवी replied to Admin's discussion अति आवश्यक सूचना : कृपया अवश्य अवगत हों .....
"atyant dukahd "
Friday
जगदानन्द झा 'मनु' replied to जगदानन्द झा 'मनु''s discussion गजल in the group मैथिली साहित्य
"आदरणीय, प्रणाम संगहि संग हार्दिक धन्यवाद। अपनेक मार्गदर्शन पाबि बहुत बेसी मोटिवेशन आ सीखक मिलैए…"
Thursday

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey replied to जगदानन्द झा 'मनु''s discussion गजल in the group मैथिली साहित्य
"आदरणीय जगदानन्द झा मनु जी, अहाँ बड्ड नीक गजल पठेलियै. सबसे पहिल, त हम प्रयुक्त भेल बहरक विषय में…"
Aug 18
Ashok Kumar Raktale commented on Ashok Kumar Raktale's blog post हरिगीतिका छंद
"आदरणीय सौरभ जी सादर प्रणाम, प्रस्तुत हरिगीतिका छंद पर आपकी प्रतिक्रिया से सृजन सफल हुआ है. आपके…"
Aug 15
Ashok Kumar Raktale commented on Ashok Kumar Raktale's blog post हरिगीतिका छंद
"आदरणीय श्याम नारायण वर्मा जी सादर, प्रस्तुत छंदों पर उत्साहवर्धन के लिए आपका हार्दिक आभार.…"
Aug 15
जगदानन्द झा 'मनु' added 2 discussions to the group मैथिली साहित्य
Aug 10
Shyam Narain Verma commented on Ashok Kumar Raktale's blog post हरिगीतिका छंद
"नमस्ते जी, बहुत ही सुन्दर प्रस्तुति, हार्दिक बधाई l सादर"
Aug 6

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey commented on Ashok Kumar Raktale's blog post हरिगीतिका छंद
"  आदरणीय अशोक भाईजी, श्रावण मास का आज प्रथम सोमवार है. ऐसे पवित्र दिवस पर आप द्वारा प्रस्तुत…"
Aug 3

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey commented on रोहित डोबरियाल "मल्हार"'s blog post दास्तां
"आदरणीय रोहित डोबरियाल "मल्हार" जी, आपकी भावुक प्रस्तुतीकरण का स्वागत है.  आप…"
Aug 3

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey commented on vijay nikore's blog post सांकल मन के द्वार पर
"  निर्निमेष आँखों की प्रतीक्षा उत्कट तीव्रता के साथ शाब्दिक हुई है, आदरणीय विजय निकोर…"
Aug 3

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey replied to आशीष यादव's discussion कइके हमके ब्लाॅक पिया ना ……..  (कजरी) in the group भोजपुरी साहित्य
"वाह वाह वाह .. सावन की कजरी का आधुनिक रूप गुदगुदा गया, आदरणीय आशीष जी.  सही भी है, प्रकृति के…"
Aug 3
आशीष यादव replied to आशीष यादव's discussion कइके हमके ब्लाॅक पिया ना ……..  (कजरी) in the group भोजपुरी साहित्य
"आदरणीय श्री अशोक कुमार जी इस कजरी पर टिप्पणी के लिए आपको बहुत बहुत धन्यवाद।  आज के परिवेश…"
Jul 27

© 2026   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service