For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

हाइकु...
१..
बचपन में
सहारा लगता है
पचपन में
. ----
२.
अदालत है
देखो फंस ना जाना
पुलिस-थाना..
 -----
३.
साँझ ने घेरा
गहरा है अँधेरा
कहाँ सबेरा...
४.
अदावत में
बच नहीं पावोगे
अदालत में .
५.
यह तस्वीर
हैं रंग कैसे- कैसे
ये तकदीर ..
६..
धर्म अपना
ईमान भी अपना
कर्म अपना.
७..
कर्ज में डूबे
बढ़े बचाने हाँथ
फ़र्ज़ में डूबे.
८.
देश हमारा.
कराहता हुआ ये
दंश का मारा.
९ .प्यास अधूरी
जल बिन मछली
 है मजबूरी.
१०.
सरकार है
कैसे ये चल सके
सर! कार है.
.
 ------------ अविनाश बागडे...

Views: 427

Comment

You need to be a member of Open Books Online to add comments!

Join Open Books Online

Comment by Sarita Sinha on May 19, 2012 at 3:21pm

अविनाश जी, नमस्कार, 

हाइकू विधा में आप लोग कैसे लिख लेते हैं ....मैं तो सोच भी नहीं सकती...कमाल का फन है..बधाई......
Comment by डॉ. सूर्या बाली "सूरज" on May 18, 2012 at 10:45pm

अविनाश जी बहुत सुंदर हाइकु लिखे हैं आपने....सम्पूर्ण, साहित्यिक दिल कू छू जाने वाली रचनाये ! बधाई स्वीकार करें !!

Comment by AVINASH S BAGDE on May 12, 2012 at 4:02pm

 rajesh kumari ..आप सभी 

MAHIMA SHREE ...सुधि-जनों 

 AjAy Kumar Bohat .. का 

SANDEEP KUMAR PATEL ...ह्रदय से 

SURENDRA KUMAR SHUKLA BHRAMAR ..आभार......

Comment by SURENDRA KUMAR SHUKLA BHRAMAR on May 11, 2012 at 10:00pm

धर्म अपना 
ईमान भी अपना 
कर्म अपना. 
७..
कर्ज में डूबे 
बढ़े बचाने हाँथ 
फ़र्ज़ में डूबे.
८.
देश हमारा. 
कराहता हुआ ये 
दंश का मारा.

अविनाश जी ..सुन्दर हाइकु  ..गहन भाव लिए हुए  --भ्रमर ५ 

Comment by SANDEEP KUMAR PATEL on May 11, 2012 at 8:00pm

कर्ज में डूबे
बढ़े बचाने हाँथ
फ़र्ज़ में डूबे. waah kya baat hai sir ji

Comment by AjAy Kumar Bohat on May 11, 2012 at 7:22pm

Sabhi ek se badh kar ek hain, kya hi gazab likhte hai aap...

Comment by MAHIMA SHREE on May 11, 2012 at 5:31pm
यह तस्वीर
हैं रंग कैसे- कैसे
ये तकदीर ..

देश हमारा.
कराहता हुआ ये
दंश का मारा.

कर्ज में डूबे
बढ़े बचाने हाँथ
फ़र्ज़ में डूबे.

आदरणीय अविनाश सर ..
जिंदगी के अलग -२ रंगो को बयाँ करते हायकू ..
उपरोक्त मुझे अच्छे लगे .. बधाई स्वीकार करें

सदस्य कार्यकारिणी
Comment by rajesh kumari on May 11, 2012 at 5:21pm

कर्ज में डूबे 
बढ़े बचाने हाँथ 
फ़र्ज़ में डूबे.....वाह अविनाश जी सभी हाइकु तंदरुस्त हैं डाईट अच्छी मिली है इस हाइकु के तो क्या कहने 

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Activity

जगदानन्द झा 'मनु' added 2 discussions to the group मैथिली साहित्य
Monday
Shyam Narain Verma commented on Ashok Kumar Raktale's blog post हरिगीतिका छंद
"नमस्ते जी, बहुत ही सुन्दर प्रस्तुति, हार्दिक बधाई l सादर"
Aug 6

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey commented on Ashok Kumar Raktale's blog post हरिगीतिका छंद
"  आदरणीय अशोक भाईजी, श्रावण मास का आज प्रथम सोमवार है. ऐसे पवित्र दिवस पर आप द्वारा प्रस्तुत…"
Aug 3

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey commented on रोहित डोबरियाल "मल्हार"'s blog post दास्तां
"आदरणीय रोहित डोबरियाल "मल्हार" जी, आपकी भावुक प्रस्तुतीकरण का स्वागत है.  आप…"
Aug 3

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey commented on vijay nikore's blog post सांकल मन के द्वार पर
"  निर्निमेष आँखों की प्रतीक्षा उत्कट तीव्रता के साथ शाब्दिक हुई है, आदरणीय विजय निकोर…"
Aug 3

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey replied to आशीष यादव's discussion कइके हमके ब्लाॅक पिया ना ……..  (कजरी) in the group भोजपुरी साहित्य
"वाह वाह वाह .. सावन की कजरी का आधुनिक रूप गुदगुदा गया, आदरणीय आशीष जी.  सही भी है, प्रकृति के…"
Aug 3
आशीष यादव replied to आशीष यादव's discussion कइके हमके ब्लाॅक पिया ना ……..  (कजरी) in the group भोजपुरी साहित्य
"आदरणीय श्री अशोक कुमार जी इस कजरी पर टिप्पणी के लिए आपको बहुत बहुत धन्यवाद।  आज के परिवेश…"
Jul 27
Ashok Kumar Raktale replied to आशीष यादव's discussion कइके हमके ब्लाॅक पिया ना ……..  (कजरी) in the group भोजपुरी साहित्य
"आदरणीय आशीष यादव जी सादर, सावन की सुंदर और मधुर  फुहारों में यह कजरी की प्रस्तुति  बहुत…"
Jul 27
vijay nikore posted a blog post

सांकल मन के द्वार पर

सांकल मन के द्वार परजब-जब जहाँ कहीं फूल खिलेयाद तुझे किया था हमने ...कहती थी न ..."क्या...तुम्हारे…See More
Jul 27
आशीष यादव added a discussion to the group भोजपुरी साहित्य
Thumbnail

कइके हमके ब्लाॅक पिया ना ……..  (कजरी)

काहें सावन में देला अइसे शॉक पिया कइके हमके ब्लाॅक पिया ना …….. मनवा तोहके पुकारे नैना फोनवा…See More
Jul 26
Ashok Kumar Raktale posted a blog post

हरिगीतिका छंद

  हरि नाम लो हरि नाम लो हरि, नाम लो  हरि नाम लो।यह नाम  ही  है  सत्य  मानव,  भोर लो नित शाम…See More
Jul 24
Ashok Kumar Raktale commented on Ashok Kumar Raktale's blog post चौपाइयाँ
"आदरणीय भाई लक्ष्मण धामी जी सादर,  चौपाइयों की इस प्रस्तुति पर उत्साहवर्धन के लिए आपका हृदय से…"
Jul 24

© 2026   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service