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दोषारोपण
 
नन्हा
अबोध बाल मन,
साफ़ आइना
जिसमे बनते बिगड़ते हैं
नित नए बिम्ब
दुनिया के हर स्वरुप के.....
ज्ञानेन्द्रियों से सोख
निर्भेद हर ज्ञान अज्ञान,
बढ़ाता है
नन्हे कदम
नित नए प्रयोगों के लिए...
और
नन्हे हाथ
समेट लेने को पूरा नव्य संसार...
आखिर
क्यों हो जाता है
कभी-कभी अपाहिज
आत्म-विश्वास हीनता से...?
और
हो जाता है मजबूर
ढूँढने को बैसाखियाँ
शुरुवाती क़दमों से...?
फिर
डांट, आलोचना,
उपेक्षा, तुलना
के वार,
करते जाते हैं उसे और घायल
हर बार,
....................और वो
जिन्हें
संवारना था
निखारना था
एक व्यक्तित्व,
करते रह जाते हैं
दोषारोपण
परिस्थितियों पर !!!!!!!!!!

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Comment

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Comment by AjAy Kumar Bohat on May 17, 2012 at 9:20pm

bahut sundar.... badhai Prachi ji....


सदस्य टीम प्रबंधन
Comment by Dr.Prachi Singh on May 17, 2012 at 10:51am

इस रचना को सराहने के लिए Bhawesh Rajpal जी ,MAHIMA SHREE JI,   डॉ. सूर्या बाली "सूरज"  JI,  Arun Kumar Pandey 'Abhinav' JI, SANDEEP KUMAR PATEL  JI ...आपका हार्दिक आभार 

Comment by Bhawesh Rajpal on May 17, 2012 at 9:45am
....................और वो
जिन्हें
संवारना था
निखारना था
एक व्यक्तित्व,
करते रह जाते हैं
दोषारोपण
परिस्थितियों पर !!!!!!!!!!
बहुत सही चित्रण किया है  , प्राची जी  ! बहुत-बहुत बधाई  ! 
 
Comment by MAHIMA SHREE on May 16, 2012 at 9:13pm
जिन्हें
संवारना था
निखारना था
एक व्यक्तित्व,
करते रह जाते हैं
दोषारोपण
परिस्थितियों पर !!!!!!!!!!

बहुत ही कटु यथार्थ को दर्शाती रचना ...बधाई आपको

Comment by डॉ. सूर्या बाली "सूरज" on May 16, 2012 at 4:53pm

बाल- जीवन में खूबसूरत  व्यक्तित्व निर्माण पर प्रकाश डालती इस सुंदर अभिव्यक्तिपर कोटिश बधाइयाँ  ! बहुत उम्दा रचना !

Comment by Abhinav Arun on May 16, 2012 at 3:49pm

सोचने को विवश करती रचना के लिए हार्दिक बधाई डॉ प्राची जी !!

Comment by SANDEEP KUMAR PATEL on May 16, 2012 at 3:02pm

bahut sundar bhaav hain aapki is rachna ke

जिन्हें
संवारना था
निखारना था
एक व्यक्तित्व,
करते रह जाते हैं
दोषारोपण
परिस्थितियों पर !!!!!!!!!!   badhai ho aapko

सदस्य टीम प्रबंधन
Comment by Dr.Prachi Singh on May 16, 2012 at 2:10pm
बाल- जीवन के व्यक्तित्व निर्माण पर आधारित इस गंभीर अभिव्यक्ति को सराहने के लिए हार्दिक आभार आदरणीय योगराज प्रभाकर जी ..

सदस्य टीम प्रबंधन
Comment by Dr.Prachi Singh on May 16, 2012 at 2:05pm

इस कृति के तथ्य व कथ्य को सराहने के लिए हार्दिक आभार आदरणीया राजेश कुमारी जी.


सदस्य टीम प्रबंधन
Comment by Dr.Prachi Singh on May 16, 2012 at 2:01pm
मेरी लेखनी को सराहने के लिए हार्दिक आभार Rekha जोशी जी

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