For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

दोषारोपण
 
नन्हा
अबोध बाल मन,
साफ़ आइना
जिसमे बनते बिगड़ते हैं
नित नए बिम्ब
दुनिया के हर स्वरुप के.....
ज्ञानेन्द्रियों से सोख
निर्भेद हर ज्ञान अज्ञान,
बढ़ाता है
नन्हे कदम
नित नए प्रयोगों के लिए...
और
नन्हे हाथ
समेट लेने को पूरा नव्य संसार...
आखिर
क्यों हो जाता है
कभी-कभी अपाहिज
आत्म-विश्वास हीनता से...?
और
हो जाता है मजबूर
ढूँढने को बैसाखियाँ
शुरुवाती क़दमों से...?
फिर
डांट, आलोचना,
उपेक्षा, तुलना
के वार,
करते जाते हैं उसे और घायल
हर बार,
....................और वो
जिन्हें
संवारना था
निखारना था
एक व्यक्तित्व,
करते रह जाते हैं
दोषारोपण
परिस्थितियों पर !!!!!!!!!!

Views: 873

Comment

You need to be a member of Open Books Online to add comments!

Join Open Books Online

Comment by AjAy Kumar Bohat on May 17, 2012 at 9:20pm

bahut sundar.... badhai Prachi ji....


सदस्य टीम प्रबंधन
Comment by Dr.Prachi Singh on May 17, 2012 at 10:51am

इस रचना को सराहने के लिए Bhawesh Rajpal जी ,MAHIMA SHREE JI,   डॉ. सूर्या बाली "सूरज"  JI,  Arun Kumar Pandey 'Abhinav' JI, SANDEEP KUMAR PATEL  JI ...आपका हार्दिक आभार 

Comment by Bhawesh Rajpal on May 17, 2012 at 9:45am
....................और वो
जिन्हें
संवारना था
निखारना था
एक व्यक्तित्व,
करते रह जाते हैं
दोषारोपण
परिस्थितियों पर !!!!!!!!!!
बहुत सही चित्रण किया है  , प्राची जी  ! बहुत-बहुत बधाई  ! 
 
Comment by MAHIMA SHREE on May 16, 2012 at 9:13pm
जिन्हें
संवारना था
निखारना था
एक व्यक्तित्व,
करते रह जाते हैं
दोषारोपण
परिस्थितियों पर !!!!!!!!!!

बहुत ही कटु यथार्थ को दर्शाती रचना ...बधाई आपको

Comment by डॉ. सूर्या बाली "सूरज" on May 16, 2012 at 4:53pm

बाल- जीवन में खूबसूरत  व्यक्तित्व निर्माण पर प्रकाश डालती इस सुंदर अभिव्यक्तिपर कोटिश बधाइयाँ  ! बहुत उम्दा रचना !

Comment by Abhinav Arun on May 16, 2012 at 3:49pm

सोचने को विवश करती रचना के लिए हार्दिक बधाई डॉ प्राची जी !!

Comment by SANDEEP KUMAR PATEL on May 16, 2012 at 3:02pm

bahut sundar bhaav hain aapki is rachna ke

जिन्हें
संवारना था
निखारना था
एक व्यक्तित्व,
करते रह जाते हैं
दोषारोपण
परिस्थितियों पर !!!!!!!!!!   badhai ho aapko

सदस्य टीम प्रबंधन
Comment by Dr.Prachi Singh on May 16, 2012 at 2:10pm
बाल- जीवन के व्यक्तित्व निर्माण पर आधारित इस गंभीर अभिव्यक्ति को सराहने के लिए हार्दिक आभार आदरणीय योगराज प्रभाकर जी ..

सदस्य टीम प्रबंधन
Comment by Dr.Prachi Singh on May 16, 2012 at 2:05pm

इस कृति के तथ्य व कथ्य को सराहने के लिए हार्दिक आभार आदरणीया राजेश कुमारी जी.


सदस्य टीम प्रबंधन
Comment by Dr.Prachi Singh on May 16, 2012 at 2:01pm
मेरी लेखनी को सराहने के लिए हार्दिक आभार Rekha जोशी जी

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Blogs

Latest Activity

लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on vijay nikore's blog post अनसुने अनकहे के बीच
"आ. भाई विजय जी, सादर अभिवादन। अच्छी रचना हुई है। हार्दिक बधाई।"
Thursday
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on Sushil Sarna's blog post कुंडलिया. . . . झोला
"आ. भाई सुनील जी सुंदर कुंडलियां हुई हैं हार्दिक बधाई।"
Wednesday
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' posted blog posts
Wednesday
sushil yadav posted blog posts
Oct 26
Sushil posted blog posts
Oct 26
vijay nikore posted a blog post

अनसुने अनकहे के बीच

                        अनसुने अनकहे के बीच.कहे अनसुने-से रहे कुछ जज़्बातउसपर अनकहे एहसासों का…See More
Oct 26
रोहित डोबरियाल "मल्हार" replied to Admin's discussion अति आवश्यक सूचना : कृपया अवश्य अवगत हों .....
"1 लाख मासिक चाहिए ही क्यों भाई, वर्डप्रेस CRM में वेबसाइट को ट्रांसफर कर दिया जाए, तो सालाना खर्च…"
Oct 15
KALPANA BHATT ('रौनक़') replied to Admin's discussion अति आवश्यक सूचना : कृपया अवश्य अवगत हों .....
"दुःखद"
Sep 29
Profile IconKamran Akmal and sushil yadav joined Open Books Online
Sep 24
राज़ नवादवी replied to Admin's discussion अति आवश्यक सूचना : कृपया अवश्य अवगत हों .....
"🌹 OBO के पुनर्गठन एवं पुनर्जीवन के लिए एक सशक्त अपील और कुछ रचनात्मक…"
Sep 22
Dharmendra Kumar Yadav posted blog posts
Sep 19
Sushil Sarna posted a blog post

कुंडलिया. . . . झोला

कुंडलिया. . . . झोलाझोला   लेकर  हाथ  में, चले   मुरारी   लाल । भाव देख कर थम गई,  उनकी बढ़ती चाल…See More
Sep 19

© 2026   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service