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जिंदगी रूठ के मुझसे कहीं खोई होगी

जिंदगी रूठ के मुझसे कहीं खोई होगी 

तकिये में मुंह छिपाकर रोई होगी 

जल गई थी जो अरमानों की फसल 

यंकी नहीं कि फिर से बोई होगी 

बढ़ गई होंगी जब दिल की बेताबियाँ 

टूटी मेरी तस्वीर फिर संजोई होगी

मैं जानता हूँ हाल इस वक़्त भी उसका  

शबनम ओढ़ के पलकों पे सोई होगी  

                 ***** 

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Comment by AVINASH S BAGDE on May 21, 2012 at 11:03am

मैं जानता हूँ हाल इस वक़्त भी उसका  

शबनम ओढ़ के पलकों पे सोई होगी  KITANA KOMAL KHAYAL HAI rAJESH KUMARI JI.....mukammal gazal.


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Comment by rajesh kumari on May 20, 2012 at 11:13am

 रेखा जी आपकी टिपण्णी सर आँखों पर 

Comment by Rekha Joshi on May 20, 2012 at 11:02am

बढ़ गई होंगी जब दिल की बेताबियाँ 

टूटी मेरी तस्वीर फिर संजोई होगी

बढ़ गई होंगी जब दिल की बेताबियाँ 

टूटी मेरी तस्वीर फिर संजोई होगी|

ati sundr rachna ke liye badhaai savikaar karen

\


सदस्य कार्यकारिणी
Comment by rajesh kumari on May 20, 2012 at 10:17am

नीलांश जी हार्दिक आभार 

Comment by Nilansh on May 20, 2012 at 10:02am

बढ़ गई होंगी जब दिल की बेताबियाँ 

टूटी मेरी तस्वीर फिर संजोई होगी

मैं जानता हूँ हाल इस वक़्त भी उसका  

शबनम ओढ़ के पलकों पे सोई होगी  

bahut acchi lagi rajesh ji

badhai aapko


सदस्य कार्यकारिणी
Comment by rajesh kumari on May 20, 2012 at 9:38am

सूर्या बाली जी आपकी टिपण्णी मेरे लिए ख़ास मायने रखती है आपकी बहुत सी ग़ज़लें पढ़ी बहुत अच्छी हैं ,मुझे ग़ज़ल शुरू से ही बहुत पसंद हैं बहुत सी लिखी भी हैं किन्तु ओ बी ओ  पर इस विधान  की काफी जानकारियाँ मिली   बहरहाल  आपको हार्दिक आभार सराहने के लिए 

Comment by डॉ. सूर्या बाली "सूरज" on May 20, 2012 at 8:57am

बहुत खूबसूरत रचना और सुंदर भाव: क्या खूबसूरत मिसरा है......"जिंदगी रूठ के मुझसे कहीं खोई होगी" मज़ा आ गया । बार बार पढ़ने का दिल हो रहा है। बधाइयाँ !!!!!!!!


सदस्य कार्यकारिणी
Comment by rajesh kumari on May 20, 2012 at 8:47am

 सुरेन्द्र  कुमार शुक्ल भ्रमर जी हार्दिक आभार मेरी रचना का इतना सुन्दर विश्लेषण करने के लिए सही में सच्चा प्यार वही है 


सदस्य कार्यकारिणी
Comment by rajesh kumari on May 20, 2012 at 8:45am

 प्रिय महिमा श्री आपकी टिपण्णी हमेशा उत्साहवर्धन करती हैं हार्दिक आभार 


सदस्य कार्यकारिणी
Comment by rajesh kumari on May 20, 2012 at 8:43am

जवाहरलाल सिंह जी  बहुत ख़ुशी हुई आपकी प्रतिक्रिया देख कर 

कृपया ध्यान दे...

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