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भ्रूणहत्या रोक कर, बेटी को बचाइये

बांहें दी पसार मैंने,
कर दी पुकार मैंने,
आओ आओ आओ मेरे  गले लग जाइए

दामिनी सी चंचल मैं,
फूल जैसी कोमल मैं,
मेरी ओजस्वी आँखों से आँख तो मिलाइए

आज किलकारी हूँ मैं,
कल फुलवारी हूँ मैं, 
भारत की नारी हूँ मैं, मेरे पास आइये

वंश को बढ़ाना हो तो,
देश को बचाना हो तो,
भ्रूणहत्या रोक कर, बेटी को बचाइये

___जय हिन्द !

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Comment by Albela Khatri on June 24, 2012 at 6:57pm

धन्यवाद योगी सारस्वत  जी
सादर

Comment by Yogi Saraswat on June 21, 2012 at 2:38pm

वंश को बढ़ाना हो तो,
देश को बचाना हो तो,
भ्रूणहत्या रोक कर, बेटी को बचाइये

sundar sandesh deti rachna , albela ji badhai

Comment by Albela Khatri on June 20, 2012 at 11:13pm

धन्यवाद रेखा जी
_____आभार


सदस्य कार्यकारिणी
Comment by rajesh kumari on June 20, 2012 at 10:05pm

बेटी के लिए इस अप्रतिम छंद रचना के लिए हार्दिक बधाई अलबेला जी 

Comment by Albela Khatri on June 20, 2012 at 9:23pm

धन्यवाद रेखा जी
_____आभार

Comment by Rekha Joshi on June 20, 2012 at 7:12pm

अलबेला जी ,वाह क्या लिखा है आपने ,बहुत खूब 

माँ दुगा का वास है जहां 
भ्रूण हत्या पाप है वहां 
पर कोई इसे समझे तो .|
Comment by Albela Khatri on June 20, 2012 at 2:14pm

बहुत बहुत आभार प्रदीप जी.....

Comment by PRADEEP KUMAR SINGH KUSHWAHA on June 20, 2012 at 2:08pm

वंश को बढ़ाना हो तो,
देश को बचाना हो तो,
भ्रूणहत्या रोक कर, बेटी को बचाइये 

आवाज दो तुम कहाँ हो 

पुकारता सिपाही हिंद का 

नारी करे नारी का अपमान 

हत्या करती अपने अंश का 

कैसे बढ़ेगा तुम्हरा वंश 

बेटी झेल रही सर्प दश 

बधाई आपको अलबेला 

जागृति का मन्त्र ठेला 

Comment by Albela Khatri on June 20, 2012 at 7:38am

सम्मान्य भाई  सुरेन्द्र कुमार भ्रमर जी,
इस समाज को जगाना  मतलब फ़ोकट टाइम खपाना.....हा हा हा हा .....ये जागा हुआ ही है, सोने का नाटक कर रहा है...और जो नाटक कर रहा है  उसे कोई क्या जगा लेगा ?

यहाँ हर आदमी बुद्धिमान है  ऐसा  वो ख़ुद समझता है और स्टाम्प पर लिख कर भी दे सकता है कि  वह तो पैदायशी  चतुर सुजान है, इसके बावजूद मूर्खतापूर्ण  हरकतें करता है तो कोई  क्या समझाए !
बहरहाल आपने सराहना  करके मे३रि रचना का मान बढ़ाया और मेरा उत्साह...इसके लिए आपको  कोटि कोटि धन्यवाद !

Comment by Albela Khatri on June 20, 2012 at 7:31am

धन्यवाद  "सूरज" जी......
आभार !

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