For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

मैं क्या जानूं, क्या है डेटिंग बाबाजी

 

 

प्यारे मित्रो हमारे  लाड़ले बाबाजी  आज चार दिन की विदेश यात्रा पर जा रहे हैं  इसलिए  अगली मुलाक़ात  25 जून को ही होगी, परन्तु जाते जाते  भी बाबाजी से रहा नहीं गया .  ये आपके  समक्ष अपनी  नई रचना  परोसने के लिए मरे जा रहे हैं . इसलिए ओ बी ओ  के मंच पर  प्रस्तुत है यह  नूतन तुकबंदी :

बड़े काम की चीज़ है चैटिंग बाबाजी
चैटिंग कर देती सब  सेटिंग बाबाजी

मैं तो गाँव  का सीधा-सादा  बन्दा हूँ
मैं  क्या जानूं, क्या है डेटिंग बाबाजी

रेट घटा न राशन का इस शासन में
घट गई देश की क्रेडिट रेटिंग बाबाजी

आयेंगे, अब अच्छे  दिन भी आयेंगे

वेटिंग, वेटिंग, वेटिंग, वेटिंग बाबाजी

मांगे कौन हिसाब, खेलने  वालों से
कितनी बैटिंग, कितनी बेटिंग बाबाजी

पढ़ना-वढना  छोड़ के बच्चे सीख रहे
डान्सिंग, एक्टिंग औ क्रिकेटिंग बाबाजी

लीडर  ऐसे मिले हैं  हमको 'अलबेला'

वोटर जिनसे  करते  हेटिंग  बाबाजी





 

Views: 786

Comment

You need to be a member of Open Books Online to add comments!

Join Open Books Online

Comment by Albela Khatri on June 24, 2012 at 6:55pm

धन्यवाद रेखा जी........

Comment by Albela Khatri on June 24, 2012 at 6:55pm

आपके स्नेह का मैं कायल हूँ राज जी.....
धन्यवाद

Comment by Albela Khatri on June 24, 2012 at 6:52pm

प्रदीप जी आपका हुक्म सर आँखों पर......
तुमने  दी आवाज़ लो मैं आ गया....

Comment by Yogi Saraswat on June 22, 2012 at 4:11pm

आयेंगे, अब अच्छे  दिन भी आयेंगे
वेटिंग, वेटिंग, वेटिंग, वेटिंग बाबाजी

तारीख  पे  तारीख , कब बदलेंगे दिन बाबा जी
बहुत खूब कही अलबेला ना ना बाबा जी

Comment by PRADEEP KUMAR SINGH KUSHWAHA on June 22, 2012 at 4:09pm

जाना था हमसे दूर बहाने बना लिए 

लौट के आजा मेरे मीत 

तुझे मेरे गीत बुलाते हैं 

सुना पड़ा ओ.बी.ओ. 

काहे बाबा जी रुलाते हैं 

Comment by Raj Tomar on June 21, 2012 at 10:12pm

"लीडर  ऐसे मिले हैं  हमको 'अलबेला' 
वोटर जिनसे  करते  हेटिंग  बाबाजी "

क्या बात है अलबेला साब.. दिल खुश हो गया ये शेर पढ़ के. :)

Comment by Rekha Joshi on June 21, 2012 at 4:34pm

अलबेला जी 

पढ़ना-वढना  छोड़ के बच्चे सीख रहे
डान्सिंग, एक्टिंग औ क्रिकेटिंग बाबाजी
तभी तो होंगे मशहूर बाबा जी ,बढ़िया रचना पर बधाई 
Comment by Albela Khatri on June 21, 2012 at 1:18pm

धन्यवाद अविनाश जी,,,,,,,,,,,ऐसे ही जुगलबन्दी करते रहिये....धीरे धीरे किरपा आनी शुरू हो जायेगी...हा हा हा हा

Comment by AVINASH S BAGDE on June 21, 2012 at 11:53am

रेट घटा न राशन का इस शासन में
घट गई देश की क्रेडिट रेटिंग बाबाजी ...sateek chitra ye I AM GETTING babaji...

 

machhali ka tojal nazar ne dekha tha

bala kahan ki INTERNETTING babaji!!!......maf kare ALBELA JI...

SUNDER KAND JAISA BABA KAND.......se liya nice one baba ji.....Albela Khatri sahab....jali aa jao...

 

Comment by Albela Khatri on June 21, 2012 at 10:55am

धन्यवाद  संदीप जी...

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Activity

Nilesh Shevgaonkar and Dayaram Methani are now friends
2 hours ago
Jaihind Raipuri commented on Jaihind Raipuri 's blog post ग़ज़ल
"ग़ज़ल 2122   1212   22 वो समझते हैं मस्ख़रा दिल है कितने दुःख दर्द से भरा दिल…"
21 hours ago
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on Sushil Sarna's blog post दोहा सप्तक. . . . घूस
"आ. भाई सुशील जी, सादर अभिवादन। सुंदर दोहे हुए हैं। हार्दिक बधाई।"
23 hours ago
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' posted a blog post

माना कि रंग भाते न फिर भी अगर पड़े -लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर'

२२१/२१२१/१२२१/२१२***पीछे गयी  है  छूट  जो  होली  गुलाल की साजिश है इसमें देख सियासी कपाल की।१। *…See More
yesterday

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey replied to Admin's discussion "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-131 (विषय मुक्त)
"जय-जय सादर"
Saturday
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' replied to Admin's discussion "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-131 (विषय मुक्त)
"बेटा,  व्तक्तिवाची नहीं"
Saturday

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey replied to Admin's discussion "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-131 (विषय मुक्त)
"  आदरणीय दयाराम जी, रचनाकार का काम रचनाएँ प्रस्तुत करना है। पाठक-श्रोता-समीक्षक रचनओं में अपनी…"
Saturday
Dayaram Methani replied to Admin's discussion "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-131 (विषय मुक्त)
"आदरणीय सौरभ पांडेय जी, हर रचना से एक संदेश देने का प्रयास होता है। मुझे आपकी इस लघु कथा से कोई…"
Saturday

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey replied to Admin's discussion "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-131 (विषय मुक्त)
"उत्साहवर्द्धन के लिए हार्दिक धन्यवाद, आदरणीय लक्ष्मण धामी जी।  आप उन शब्दों या पंक्तियों को…"
Saturday
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' replied to Admin's discussion "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-131 (विषय मुक्त)
"आ. भाई सौरभ जी, सादर अभिवादन। बहुत सुंदर लघुकथा हुई है। हार्दिक बधाई। एक दो जगह टंकण त्रुतियाँ रह…"
Saturday

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey replied to Admin's discussion "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-131 (विषय मुक्त)
"पत्थर पर उगती दूब ============ब्रह्मदत्तजी स्नान-ध्यान-पूजा आदि से निवृत हो कर अभी मुख्य कमरे में…"
Friday
Admin replied to Admin's discussion "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-131 (विषय मुक्त)
"स्वागतम"
Thursday

© 2026   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service