For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

ओपन बुक्स ऑन लाइन ने दी अलबेला खत्री को एक साथ दो सौगात

मेरे प्यारे मित्रो ! आपको यह जानकार ख़ुशी होगी कि "ओपन बुक्सऑन लाइन" द्वारा आयोजित "चित्र से काव्य तक " प्रतियोगिता में मेरी प्रविष्टि को  प्रथम पुरस्कार मिला है . साथ ही "ओपन बुक्स ऑन लाइन" द्वारा मुझे जुलाई 2012   के लिए महीने का सक्रिय  सदस्य घोषित  करके पुरस्कृत किया गया है . आज ही  प्रमाण-पत्र  और रुपये 2100   का ड्राफ्ट प्राप्त हुआ है . इस ख़ुश खबर को आपके साथ सांझा  कर रहा हूँ......आपकी  दुआ से  आज मैं ख़ूब प्रसन्न हूँ.....


दो दो पुरस्कार  एक साथ मिलने की बात ही अलग है मित्रो..........और मेरे लिए ये  इसलिए महत्वपूर्ण है  क्योंकि मेरा नहीं,  लेखनी का सम्मान हुआ है |

जैसा  कि मैंने पहले भी बताया  था कि ओपन बुक्स ऑन  लाइन एक ऐसी साहित्यिक  साईट है जहाँ  कविता  सिखाई जाती है  और सीखी जाती है . आत्ममुग्ध लोगों के लिए तो कदाचित वहाँ कुछ नहीं है . परन्तु जो लोग शब्द साधने को  अपना  पूजन -अर्चन समझते हैं  उनके लिए यह  जगह किसी तीर्थ से कम नहीं, जहाँ  सर्वश्री  सौरभ पाण्डेय, योगराज प्रभाकर,  गणेश जी बागी, अम्बरीश श्रीवास्तव, संजय  मिश्रा हबीब, राणा प्रताप सिंह और धरमेन्द्र कुमार सिंह जैसे दिग्गज साहित्यिक  हस्ताक्षरों  के सान्निध्य में  विभिन्न  उत्सव -महा उत्सव होते हैं और कविता के फूल खिलते हैं
नवोदित लोगों को तो यहाँ  ज़रूर आना  चाहिए....ऐसा मेरा अनुभव और मत है . बस एक शर्त है यहाँ  टिके रहने के लिए..........सतत सृजन ! क्योंकि यहाँ  केवल अप्रकाशित रचनाएं ही स्वीकृत होती हैं . तो  जल्दी कीजिये और बन जाइए सदस्य obo के............... 

जय ओ बी ओ

जय हिन्द !

Views: 2728

Comment

You need to be a member of Open Books Online to add comments!

Join Open Books Online


सदस्य टीम प्रबंधन
Comment by Saurabh Pandey on August 17, 2012 at 7:49am

पुरस्कृत का कृतज्ञता ज्ञापन प्रेयस भाव का उद्दीपन लगा है. बहुत-बहुत बधाई. 

जय होऽऽऽ .. .

Comment by Poonam Matia on August 17, 2012 at 2:26am

अलबेला जी बहुत बहुत बधाई .......आपने अपने सन्देश में सटीक लिखा कि यह स्थान ज्ञान का 

मंदिर है और नवोदित लेखकों को ज़रूर यहाँ आकर सीखना चाहिए 

Comment by Albela Khatri on August 16, 2012 at 11:47pm

आदरणीय अग्रज श्री उमाशंकर जी,
सादर प्रणाम करते हुए  मैं स्पष्ट तौर पर  कहना चाहता हूँ कि प्रबंधन समिति से जुड़े तमाम  दिग्गज गुणीजन के साथ साथ आप याने उमाशंकर मिश्रा,अरुण निगम जी, डॉ. सूर्या बाली जी, सतीश  मापतपुरी जी, राजेश कुमारी जी, रेखा जी,प्राची जी, सीमा अग्रवाल जी, संदीप पटेल जी समेत उन तमाम साथियों के सहयोग  और समन्वय  के चलते ही ओ बी ओ लगातार  लोकप्रियता  में वृद्धि कर रहा है

बनाने वालों ने यह  मंच बना दिया  और बहुत  ही बढ़िया बना कर  मजबूत हाथों में  इसका संचालन  सौंप दिया  लेकिन भाई जी,  दूकान कित्ती भी  सुन्दर क्यों न हो..,....अगर ग्राहक ही न हो....तो दुकानदार  मायूस हो जाएगा ........

धन्यवाद है आप जैसे मित्रों को जिन्होंने  ग्राहक  की भूमिका बड़े बेहतर तरीके से निभाई.,.....मैं कभी भी निजी  पुरस्कार को स्वीकार नहीं करता .........परन्तु अगर कोई मेरी कला को सम्मान देता है तो  मैं उसका क़र्ज़दार  हो जाता हूँ........

आप यों ही प्यार बनाए रखें,,,,,,,,,,,,,अच्छा लगता है

सादर

Comment by Albela Khatri on August 16, 2012 at 11:33pm

धन्यवाद आदरणीय  रेखा जी.........
इस दुगुनी  ख़ुशी को  आपने अपने शब्दों से ढाई गुना कर दिया

आभार

Comment by Albela Khatri on August 16, 2012 at 11:30pm

आदरणीय  भ्रमर जी,
हमारे राजस्थान में एक कहावत है - जिसकी खाओ बाजरी, उसकी बजाओ हाजरी.........हा हा हा

अगर obo ने सम्मान दिया है तो obo का गुणगान करना तो वाजिब है  . और जब हम  अन्य  मुद्दों पर प्रबंधन  समिति तक से अड़  जाते हैं तो  इत्ते बड़े विषय पर  तहेदिल से उनका अभिनन्दन क्यों न करें............

आपका  सम्वाद सदा सुख़ देता है  भाई जी..............धन्यवाद

Comment by UMASHANKER MISHRA on August 16, 2012 at 11:26pm

प्रिय मित्र अलबेला आपकी योग्यता के समक्ष ये पुरष्कार महत्वपूर्ण नहीं है

महत्वपूर्ण है आपके विचार आपकी धारणा ..जो नए सृजन कर्ताओं के लिए संबल बनेगा

आपकी हर्शोल्लासित टिप्पणी में ओ.. बी. ओ. के प्रति उद्धृत भावना के सामने मै नतमस्तक हूँ

इन्ही भावनाओं ने हमें आपका कायल बनाया है |रही -प्रसिद्धि  की बात ..मेरे लिए ये कभी भी महत्वपूर्ण नहीं रहीं

क्योंकि मैंने देखा है जिन्हें मैने मंच दिया ..वो आज पद्मविभूषित होकर गर्व में चूर हैं ...मै क्या कहूँ उनके लिए मैंने जो प्रयास किया आज वह ..महत्वपूर्ण नहीं है वे कहते है की ये हमें भाग्य से मिला है | बस मेरी यह शुभ कामना है की आप सदैव जमीं से जुड़े रहें

मैंने फूहडता को सम्मानित होते देखा है आप में फूहडता नहीं साहित्य है अतः मेरी प्रार्थना है की इस मंच से जुड़े गुरु जन सौरभ जी

योगराज जी  अम्बरीश जी ..इस मंच के प्रति समर्पित गणेश जी बागी संजय जी  आदी आदी लोगों के द्वारा आपके लिए लुटाए गये प्यार से मै अभिभूत हूँ इश्वर से मेरी यह कामना है की आपके संस्कार को ध्यान में रखते हुवे आपको उस सोपान में पहुँचाए जिसके आप वास्तविक में दावेदार हैं

आपका प्रिय चाहने वाला

उमाशंकर मिश्रा

Comment by Rekha Joshi on August 16, 2012 at 11:14pm

अलबेला जी ,ओ बी ओ की तरफ से दो दो   पुरस्कार , सम्मान मिलने  पर मेरी हादिक बधाई स्वीकार करें 

Comment by SURENDRA KUMAR SHUKLA BHRAMAR on August 16, 2012 at 11:12pm

बधाई हो प्रियवर ....बहुत अच्छा किया आप ने इस ख़ुशी को हम सब के साथ साझा किया नहीं तो लोग खुशियाँ तो चुपके से ले भाग जाते हैं और दुखड़ा .....ह हा 

आप के शब्द हमारे महारथी सम्माननीय भाइयों सम्पादक मंडल के लिए जो लिखे गए सटीक हैं काश सब समय निकाल पायें और इस का लाभ ले सकें ...
लख लख बधाइयाँ 
भ्रमर ५ 
Comment by Albela Khatri on August 16, 2012 at 10:30pm

जय हो नीरज जी आपकी...........आपने और आपके स्नेहिल शब्दों ने  तो मेरी ख़ुशी को  आसमान पर बैठा दिया ...

धन्यवाद भाई जी..........स्नेह बनाए रखें

Comment by Albela Khatri on August 16, 2012 at 10:28pm

धन्यवाद  आदरणीय प्राची जी........

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Activity

लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' replied to Admin's discussion 'ओबीओ चित्र से काव्य तक' छंदोत्सव अंक 178 in the group चित्र से काव्य तक
"दोहा छंद********आग बुझाने पेट की, जूझ रहा दिन-रातबुरे किये  हैं  युद्ध ने, गैस  बिना…"
1 hour ago
अखिलेश कृष्ण श्रीवास्तव replied to Admin's discussion 'ओबीओ चित्र से काव्य तक' छंदोत्सव अंक 178 in the group चित्र से काव्य तक
"क्या हो विकल्प गैस का   [ पढ़िए ] "
1 hour ago
अखिलेश कृष्ण श्रीवास्तव replied to Admin's discussion 'ओबीओ चित्र से काव्य तक' छंदोत्सव अंक 178 in the group चित्र से काव्य तक
"दोहा छंद ++++++++++++ वार्ता निष्फल  शांति की, जारी है फिर युद्ध। कमी तेल औ’ गैस की,…"
9 hours ago
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' replied to Admin's discussion 'ओबीओ चित्र से काव्य तक' छंदोत्सव अंक 178 in the group चित्र से काव्य तक
"सादर अभिवादन"
15 hours ago

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey replied to Admin's discussion 'ओबीओ चित्र से काव्य तक' छंदोत्सव अंक 178 in the group चित्र से काव्य तक
"स्वागतम् "
23 hours ago
Sushil Sarna commented on Sushil Sarna's blog post दोहा दशम. . . . . उम्र
"आदरणीय विजय निकोर जी सृजन के भावों को मान देने का दिल से आभार आदरणीय "
yesterday
Admin added a discussion to the group चित्र से काव्य तक
Thumbnail

'ओबीओ चित्र से काव्य तक' छंदोत्सव अंक 178

आदरणीय काव्य-रसिको !सादर अभिवादन !!  ’चित्र से काव्य तक’ छन्दोत्सव का यह एक सौ…See More
Wednesday
amita tiwari posted a blog post

गर्भनाल कब कट पाती है किसी की

कहीं भी कोई भी माँ अमर तो नहीं होती एक दिन जाना होता ही है सब की माताओ को फिर भी जानते बूझते भी…See More
Tuesday
vijay nikore commented on Sushil Sarna's blog post दोहा दशम. . . . . उम्र
"भाई सुशील जी, सारे दोहे जीवन के यथार्थ में डूबे हुए हैं.. हार्दिक बधाई।"
Tuesday
vijay nikore posted a blog post

प्यार का पतझड़

एक दूसरे में आश्रय खोजतेभावनात्मक अवरोधों के दबाव मेंकभी ऐसा भी तो होता है ...समय समय से रूठ जाता…See More
Tuesday
Ashok Kumar Raktale replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-185
"प्रारम्भ (दोहे) अंत भला तो सब भला, कहते  सब ये बात। क्या आवश्यक है नहीं, इक अच्छी…"
Apr 12
Ashok Kumar Raktale replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-185
"आदरणीय  जयहिंद रायपुरी जी अच्छा हायकू लिखा है आपने. किन्तु हायकू छोटी रचना है तो एक से अधिक…"
Apr 12

© 2026   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service