For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

कुम्हलाते मस्तिष्क (कुछ हाइकू )

 

१.
धूमिल ओज .
मासूम बचपन .
बस्तों का बोझ .
२.
कड़ी तपस्या .
विद्रूप बाल्य शिक्षा .
बड़ी समस्या .
३.
जीवन बूँद .
उन्मुक्त बचपन .
घिरती धुंध .
४.
रटंत शिक्षा .
कुम्हलाते मस्तिष्क .
व्यर्थ की दीक्षा .
५.
ढूँढे किरण .
बाल्यांकुर खिलते .
नेह सिंचन .
६.
वीडिओ गेम्स .
नशे में बचपन .
फँसते ब्रेन्स .

Views: 722

Comment

You need to be a member of Open Books Online to add comments!

Join Open Books Online


सदस्य टीम प्रबंधन
Comment by Dr.Prachi Singh on January 3, 2013 at 12:37pm

आदरणीय अरुण निगम जी हाईकू का हाईकू द्वारा अनुमोदन करने हेतु हार्दिक आभार.


सदस्य कार्यकारिणी
Comment by अरुण कुमार निगम on September 15, 2012 at 12:26am

किसका दोष

हरएक खामोश

कैसा संतोष |

नन्हीं-सी सीढ़ी

मंजिल गगन में

उन्नत पीढ़ी |

बचपन का यथार्थ चित्रण,बधाई.........


सदस्य टीम प्रबंधन
Comment by Dr.Prachi Singh on September 2, 2012 at 2:35pm

आदरणीय सौरभ पाण्डेय जी आपने इन हाइकू को सराह कर प्रोत्साहित किया, इस हेतु आपका हार्दिक आभार.


सदस्य टीम प्रबंधन
Comment by Saurabh Pandey on September 1, 2012 at 10:46pm

आपने अपने हाइकू को एक विधा जनित आयाम दिया है. वाह !

इन हाइकू के लिये विशेष बधाई-

कड़ी तपस्या .
विद्रूप बाल्य शिक्षा .
बड़ी समस्या .
 
वीडिओ गेम्स .
नशे में बचपन .
फँसते ब्रेन्स .
 
बहुत खूब डॉ. प्राची. 
Comment by पीयूष द्विवेदी भारत on September 1, 2012 at 12:30pm

जी अवश्य, हम इस पर शीघ्र लिखने का प्रयास करेंगे......धन्यवाद!


सदस्य टीम प्रबंधन
Comment by Dr.Prachi Singh on September 1, 2012 at 9:55am

आपके विनम्र विचारों का हार्दिक स्वागत है आ. पियूष जी, यदि आप विश्लेषण कर पाए तो आप द्वारा किये गए गहन विश्लेषण का स्वागत है, ज़रूर प्रस्तुत करें, इस से विषय वस्तु ज्ञान में अवश्य ही और वृद्धि होगी.

Comment by पीयूष द्विवेदी भारत on September 1, 2012 at 9:51am

बेहतर...... किन्तु सम्पूर्ण विनम्रता से कहेंगे कि विश्लेषण थोड़ा और हो सकता था!


सदस्य टीम प्रबंधन
Comment by Dr.Prachi Singh on September 1, 2012 at 9:47am

बहुत बहुत आभार आदरणीय लक्ष्मण प्रसाद लाडिवाला जी, आपको ये हाइकू पसंद आये, तो इन्हें लिखा जाना सार्थक लग रहा है. सादर .


सदस्य टीम प्रबंधन
Comment by Dr.Prachi Singh on September 1, 2012 at 9:45am

प्रिय विन्ध्येश्वरी जी,

हार्दिक आभार, इतने गौर से इन हाइकू  को पढने , इसमें निहित भावों को मान देने व अपनी अमूल्य राय के लिए...
इस विषय पर बहुत सुन्दर छंद बद्ध भी लिखा जाए तो निश्चय  ही भाव बहुत उभर कर सामने आयेंगे और लयबद्धता का आकर्षण भी मन मोह लेगा...
कलम को ऐसा प्रयास भी ज़रूर करना चाहिए, इस प्रकार से लेखनी को प्रोत्साहित करने हेतु बहुत बहुत आभार.
Comment by लक्ष्मण रामानुज लडीवाला on September 1, 2012 at 9:36am

 कुम्हलाते मस्तिष्क(हाइकु) के माध्यम से बच्चों को दी जा रही बोझिल सिक्षा पर 

बहुत सुन्दर तरीके से व्यंग किया है | हार्दिक बधाई आदरणीया डॉ.प्राची सिंह जी  

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Activity

Ashok Kumar Raktale commented on Ashok Kumar Raktale's blog post हरिगीतिका छंद
"आदरणीय सौरभ जी सादर प्रणाम, प्रस्तुत हरिगीतिका छंद पर आपकी प्रतिक्रिया से सृजन सफल हुआ है. आपके…"
2 hours ago
Ashok Kumar Raktale commented on Ashok Kumar Raktale's blog post हरिगीतिका छंद
"आदरणीय श्याम नारायण वर्मा जी सादर, प्रस्तुत छंदों पर उत्साहवर्धन के लिए आपका हार्दिक आभार.…"
2 hours ago
जगदानन्द झा 'मनु' added 2 discussions to the group मैथिली साहित्य
Monday
Shyam Narain Verma commented on Ashok Kumar Raktale's blog post हरिगीतिका छंद
"नमस्ते जी, बहुत ही सुन्दर प्रस्तुति, हार्दिक बधाई l सादर"
Aug 6

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey commented on Ashok Kumar Raktale's blog post हरिगीतिका छंद
"  आदरणीय अशोक भाईजी, श्रावण मास का आज प्रथम सोमवार है. ऐसे पवित्र दिवस पर आप द्वारा प्रस्तुत…"
Aug 3

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey commented on रोहित डोबरियाल "मल्हार"'s blog post दास्तां
"आदरणीय रोहित डोबरियाल "मल्हार" जी, आपकी भावुक प्रस्तुतीकरण का स्वागत है.  आप…"
Aug 3

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey commented on vijay nikore's blog post सांकल मन के द्वार पर
"  निर्निमेष आँखों की प्रतीक्षा उत्कट तीव्रता के साथ शाब्दिक हुई है, आदरणीय विजय निकोर…"
Aug 3

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey replied to आशीष यादव's discussion कइके हमके ब्लाॅक पिया ना ……..  (कजरी) in the group भोजपुरी साहित्य
"वाह वाह वाह .. सावन की कजरी का आधुनिक रूप गुदगुदा गया, आदरणीय आशीष जी.  सही भी है, प्रकृति के…"
Aug 3
आशीष यादव replied to आशीष यादव's discussion कइके हमके ब्लाॅक पिया ना ……..  (कजरी) in the group भोजपुरी साहित्य
"आदरणीय श्री अशोक कुमार जी इस कजरी पर टिप्पणी के लिए आपको बहुत बहुत धन्यवाद।  आज के परिवेश…"
Jul 27
Ashok Kumar Raktale replied to आशीष यादव's discussion कइके हमके ब्लाॅक पिया ना ……..  (कजरी) in the group भोजपुरी साहित्य
"आदरणीय आशीष यादव जी सादर, सावन की सुंदर और मधुर  फुहारों में यह कजरी की प्रस्तुति  बहुत…"
Jul 27
vijay nikore posted a blog post

सांकल मन के द्वार पर

सांकल मन के द्वार परजब-जब जहाँ कहीं फूल खिलेयाद तुझे किया था हमने ...कहती थी न ..."क्या...तुम्हारे…See More
Jul 27
आशीष यादव added a discussion to the group भोजपुरी साहित्य
Thumbnail

कइके हमके ब्लाॅक पिया ना ……..  (कजरी)

काहें सावन में देला अइसे शॉक पिया कइके हमके ब्लाॅक पिया ना …….. मनवा तोहके पुकारे नैना फोनवा…See More
Jul 26

© 2026   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service