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बस करो अब भागना ---------

 क्यों कर जाते है परिस्थितियों से पलायन हम ,
ये परिस्थितियां ही तो सिखाती है हमें जीना
पलायन में कहाँ होती है ,
स्थितियों को बदलने की इच्छा,
फिर क्यों नहीं हम परिस्थितियों का सामना करते रूककर ,
आखिर कहाँ जा सकते है भागकर .
जहाँ जायेंगें वहां  की स्थितियां ,
फिर खड़ी होंगी बन कर परिस्थितियां
इनका कोई अंत नही ,
तो बस करो अब भागना
और करो दृढ़ निश्चय
परिस्थितियों से संघर्ष का !!!

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Comment by Naval Kishor Soni on August 27, 2012 at 12:06pm

बहुत बहुत शुक्रिया आदरणीय अशोक जी.

Comment by Ashok Kumar Raktale on August 25, 2012 at 11:41pm

नवल जी

          सादर, बिलकुल सच है भागना तो कायरों का काम है योद्धा को तो संघर्ष ही करना होता है. सुन्दर स्न्देशातमक रचना. बधाई.

Comment by Naval Kishor Soni on August 24, 2012 at 3:46pm

बहुत बहुत शुक्रिया Yogi Saraswat ji

Comment by Yogi Saraswat on August 24, 2012 at 3:40pm

स्वाभाविक और खूबसूरत सन्देश

Comment by Albela Khatri on August 24, 2012 at 2:59pm

Comment by Naval Kishor Soni on August 24, 2012 at 2:55pm

आदरणीय अलबेला जी प्रोत्साहन के लिए आपका बहुत बहुत शुक्रिया. स्नेह बनाये रखियेगा.

Comment by Albela Khatri on August 24, 2012 at 2:52pm

बहुत सुन्दर, सटीक और सार्थक कहा नवल किशोर सोनी जी,

आखिर कहाँ जा सकते है भागकर .
जहाँ जायेंगें वहां  की स्थितियां ,
फिर खड़ी होंगी बन कर परिस्थितियां
इनका कोई अंत नही ,
तो बस करो अब भागना

__वाह !
__बधाई !

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