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यूँ लड़ते हुये हम कहाँ तक गिरेंगे

ज़हर भर चुका है दिलों में हमारे
सभी सो रहे है खुदा के भरोसे

जुबां बंद फिर भी अजब शोर-गुल है
हैं जाने कहाँ गुम अमन के नज़ारे

धरम बेचते हैं धरम के पुजारी
हमें लूटते हैं ये रक्षक हमारे

भला कब हुआ है कभी दुश्मनी से
बचा ही नहीं कुछ लुटाते-लुटाते

बटा घर है बारी तो शमशान की अब
यूँ लड़ते हुये हम कहाँ तक गिरेंगे

धरम का था मतलब खुदा से मिलाना
खुदा को ही बांटा धरम क्या निभाते

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Comment

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Comment by नादिर ख़ान on February 13, 2013 at 10:55pm

आदरणीय सौरभ जी बहुत बहुत शुक्रिया 

आपके कोमेंट्स से मै धन्य हुआ 

इस रचना को पोस्ट करने के पूर्व संसय था मन में, 

एक तो गैर मुरद्दफ़ रचना थी, फिर काफिया भी सिर्फ ए स्वर का था 

मगर आपके कोममेंट्स के बाद लग रहा है इसे पोस्ट करके हमने अच्छा किया 

मन का संसय जाता रहा 

बहुत शुक्रिया आपका ...


सदस्य टीम प्रबंधन
Comment by Saurabh Pandey on February 13, 2013 at 11:42am

इस अंदाज़ पर थोड़ी देर से आ पारहा हूँ, नादिर भाई, इसके लिए दिल से खेद व्यक्त करता हूँ.

हर शेर अपने आप में एक समझ है, अनुभव है और उम्मीद है. हर शेर रवां-दवां है. किसी एक को कोट नहीं कर पा रहा हूँ, मग़र इन दो शेर पर मेरी बार-बार बधाई स्वीकार करें -

बटा घर है बारी तो शमशान की अब
यूँ लड़ते हुये हम कहाँ तक गिरेंगे

धरम का था मतलब खुदा से मिलाना
खुदा को ही बांटा धरम क्या निभाते... ... .....  ग़ज़ब की निग़ाह है. 

सादर

Comment by नादिर ख़ान on February 13, 2013 at 10:43am

अदरणीय डॉ.अजय जी,अरुण पाण्डे जी बहुत शुक्रिया आपने रचना को सराहा ...

Comment by Abhinav Arun on February 12, 2013 at 2:06pm

बहुत सुन्दर  श्री नादिर जी - 

भला कब हुआ है कभी दुश्मनी से
बचा ही नहीं कुछ लुटाते-लुटाते
इस  पर ख़ास बाद बधाई कबूल करें !!
Comment by Dr.Ajay Khare on February 12, 2013 at 1:16pm

NADIR JI BAHUT SUNDER RACHANA HAI EK SANDESH DETI HUI BADHAI

Comment by नादिर ख़ान on February 11, 2013 at 9:33pm

आदरणीय लक्ष्मण प्रसाद जी आपने रचना को सराहा 

बहुत-बहुत शुक्रिया..

Comment by लक्ष्मण रामानुज लडीवाला on February 11, 2013 at 3:26pm

बटा घर है बारी तो शमशान की अब
यूँ लड़ते हुये हम कहाँ तक गिरेगे ----------बहुत खूब, नादिर खान जी 

धरम का था मतलब खुदा से मिलाना

खुदा को ही बांटा धरम क्या निभाते------- बेहद उम्दा, हार्दिक बधाई स्वीकारे 

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