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ब्रज की होली

ब्रज की होली
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भोला संग चली भवानी 

देखन ब्रज की होली 
नंदी थिरके सब गन थिरके 
देख राधा भोली 
देख राधा भोली भैया देख राधा भोली 
प्रेम से  सब कोई  खेलो 
 है ये ब्रज की होली 
भोला संग चली भवानी 
देखन ब्रज की होली 
संग बाराती जा पहुंचे 
यमुना तट पे भोला 
होली का हुडदंग मचा 
घोंट रहे भंग  गोला  
चहूँ  ओर लगी हाट सी 
पान लगावें तम्बोली 
पान लगायें तम्बोली भैया पान लगावें तम्बोली
प्रेम से  सब कोई  खेलो 
है ये ब्रज की होली 
भोला संग चली भवानी 
देखन ब्रज की होली 
रंग बिरंगी चुनरी ओढ़े 
नाच  रही थीं बाला 
भर पिचकारी कान्हा  मारें 
भीगी सबकी चोली 
भीगी सबकी चोली भैया भीगी सबकी चोली
प्रेम से  सब कोई  खेलो 
है ये ब्रज की होली 
भोला संग चली भवानी 
देखन ब्रज की होली
भवानी देख राधा मुस्कानी 
हर्षित भये मुनि गन ग्यानी 
बरसे पुष्प मनोहर वाणी 
शिवम शिवम्  वंशी बोली 
शिवम शिवम्  वंशी बोली भैया शिवम शिवम्  वंशी बोली 
प्रेम से  सब कोई  खेलो 
है ये ब्रज की होली 
भोला संग चली भवानी 
देखन ब्रज की होली
भर पिचकारी रंग डारें  ग्वाला 
झूम झूम नाचें ब्रज बाला 
पकड़ पकड़ कान्हा नचावें 
देख दशा यशोदा बोली 
देख दशा यशोदा बोली भैया देख दशा यशोदा बोली
प्रेम से  सब कोई  खेलो 
है ये ब्रज की होली  
भोला संग चली भवानी 
देखन ब्रज की होली
प्रदीप कुमार सिंह कुशवाहा 
21-3-2013
मौलिक / अप्रकाशित 

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Comment by PRADEEP KUMAR SINGH KUSHWAHA on April 12, 2013 at 6:14pm

आदरणीय लड़ी वाला जी 

सादर आभार असीम स्नेह हेतु. 

Comment by PRADEEP KUMAR SINGH KUSHWAHA on April 12, 2013 at 6:13pm

स्नेही पाठक जी 

आपके प्रोत्साहन देने पर आभार 

सादर 

Comment by PRADEEP KUMAR SINGH KUSHWAHA on April 12, 2013 at 6:12pm

आदरणीय ब्रजेश जी 

सस्नेह 

प्रोत्साहन हेतु आभार 

सादर 

Comment by लक्ष्मण रामानुज लडीवाला on March 22, 2013 at 9:38pm

बृज की होली का आभास कराने के लिए बधाई श्री कुशवाहा जी 

Comment by ram shiromani pathak on March 22, 2013 at 2:36pm

होली के रंग से सराबोर करती इस रचना के लिए  बधाई स्वीकार करें आदरणीय!

Comment by बृजेश नीरज on March 21, 2013 at 11:45pm

होली के रंग से सराबोर करती इस रचना के लिए मेरा आभार व बधाई स्वीकार करें आदरणीय!

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