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जीवन-मृत्यु
----------------
एक अदृश्य सी रेखा
जीवन मृत्यु के मध्य
चुनना अत्यंत कठिन
दोनों में से एक को
जीवन क्षणभंगुर
अकाट्य सत्य है
मृत्यु भी असत्य नहीं
जान लें इस भेद को
मृत्यु की छाती पर
नर्तन करता जीवन
पकड़ना चाँद लहरों में
बाँधना रेत का कठिन
चेत रे मन होश न खोना
जीवन है अमूल्य खरा सोना
सुन्दर जीवन जिया जाये
होय वही जो पिया मन भाये

  • प्रदीप कुमार सिंह कुशवाहा / २०-१-२०१३

Views: 600

Comment

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Comment by PRADEEP KUMAR SINGH KUSHWAHA on February 20, 2013 at 5:30pm

धन्यवाद आदरणीय संदीप जी सादर 

Comment by PRADEEP KUMAR SINGH KUSHWAHA on February 20, 2013 at 5:29pm

आदरणीय सौरभ गुरुदेव जी 

सादर 

इसका अर्थ है की रचना के अंत को सुधरने की जरूरत नहीं है अब.

स्नेह हेतु आभार 

Comment by PRADEEP KUMAR SINGH KUSHWAHA on February 20, 2013 at 5:27pm

धन्यवाद ब्रजेश जी सादर 

Comment by PRADEEP KUMAR SINGH KUSHWAHA on February 20, 2013 at 5:26pm

धन्यवाद आदरणीया उपासना जी सादर 

Comment by PRADEEP KUMAR SINGH KUSHWAHA on February 20, 2013 at 5:25pm

धन्यवाद आदरणीय विशाल जी सादर 

Comment by PRADEEP KUMAR SINGH KUSHWAHA on February 20, 2013 at 5:24pm

धन्यवाद 

आदरणीय लड़ीवाला जी 

सादर 

Comment by SANDEEP KUMAR PATEL on February 19, 2013 at 12:32pm

वाह वाह आदरणीय क्या बात है
कम शब्दों मे एक प्रभावी रचना
आपको इस रचना हेतु बधाई आदरणीय


सदस्य टीम प्रबंधन
Comment by Saurabh Pandey on February 19, 2013 at 12:04pm

इन अद्वितीय और उच्च भावों से भरी पंक्तियों को विलम्ब से देख पा रहा हूँ, आदरणीय प्रदीपजी. जिस सहज लहजे में आपने जीवन और मृत्यु के शाश्वत स्वरूप को आपने शब्द दिये हैं वह आपकी सतत विचार प्रक्रिया की बानगी है.

मृत्यु की छाती पर
नर्तन करता जीवन
पकड़ना चाँद लहरों में
बाँधना रेत का कठिन

कितनी सहजता और सरलता से भी आपके शब्द प्रकृति के जटिलतम स्वरूप को यहाँ बाँधते दीख रहे हैं ! वाह !!

यह आपकी गंगा-जमुनी वैचारिकता ही है कि गंभीरता की ओट में आप यह कह सके हैं. आपका सुफ़ियाना अंदाज़ बार-बार  कर रहा है -

सुन्दर जीवन जिया जाये
होय वही जो पिया मन भाये

इस रचना के लिए सादर धन्यवाद.

Comment by बृजेश नीरज on February 17, 2013 at 3:50pm

सुन्दर जीवन जिया जाये 
होय वही जो पिया मन भाये

बहुत सुन्दर!

Comment by upasna siag on January 24, 2013 at 4:00pm

जीवन का यही सत्य है .......बहुत सुन्दर 

कृपया ध्यान दे...

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