For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

नवगीत/ सांस अभी बाकी है

बस आस तुम्हारी बाकी है

इस आंख में आंसू बाकी है

 

जब जब झरनों सी तरूणाई

आ आकर फिर लौटी है

तुम बन करके शीत चुभन

याद तुम्हारी लौटी है

 

मीत मिले दिन बरसों के

बात तुम्हारी बाकी है

वो दिन वो सुमधुर मिलन

अहसास अभी बाकी है

 

न जाने कितनी बार यहां

चांदनी आकर लौटी है

बरसों से बंद दरवाजे की

सांकल फिर से खटकी है

 

आ जाओ मन प्राण बसे

प्यास अब भी बाकी है

टूटे न जीवन डोर कहीं

सांस अब भी बाकी है

              - बृजेश नीरज

Views: 771

Comment

You need to be a member of Open Books Online to add comments!

Join Open Books Online

Comment by बृजेश नीरज on April 25, 2013 at 6:48pm

आदरणीय रक्ताले साहब आपका आभार! नई विधाओं पर गम्भीर चर्चा की आवश्यकता है जिससे कि इस मंच पर उपस्थित सदस्य उनके विषय में सम्पूर्ण जानकारी प्राप्त कर सकें।
सादर!

Comment by बृजेश नीरज on April 25, 2013 at 6:46pm

प्रिय वंदना जी आपका आभार! प्रारम्भिक जानकारी के लिए नवगीत पर एक लेख भारतीय छंद विधान समूह में उपलब्ध है।

Comment by बृजेश नीरज on April 25, 2013 at 6:45pm

आदरणीय राजेश जी आपका आभार!

Comment by बृजेश नीरज on April 25, 2013 at 6:44pm

आदरणीय सौरभ जी, मुझसे अधिक आदरणीय प्राची बहन बधाई की हकदार हैं क्योंकि जिस सहजता से उनकी टिप्पणी पर मेरी आपत्तियों का उन्होंने निराकरण किया वह निश्चित ही बहुत धैर्य की मांग करता है।
सादर!

Comment by राजेश 'मृदु' on April 25, 2013 at 5:50pm

सुंदर लेखन, आपका प्रयास हमें बहुत ही भाया, आगे भी लिखते रहें, साहित्‍य की हर विधा आपके कलम से पुष्‍ट होकर निकलेगी यही कामना है, सादर

Comment by Ashok Kumar Raktale on April 25, 2013 at 1:57pm

आदरणीय बृजेश नीरज जी सादर, नवगीत पर सुन्दर प्रयास हुआ है. बधाई और आभार, क्योंकि आपके इस प्रयास के कारण आदरेया डॉ. प्राची जी नवगीत पर विस्तार से एक जानकारी देने को तैयार हुई हैं. उनका भी आभार. इसकी जरूरत काफी समय से महसूस की जा रही है. सादर.

Comment by Vindu Babu on April 25, 2013 at 9:43am
एक वृहद् संवाद का आह्वाहन करता हुआ नवगीत प्रशंसनीय है। शिल्प के विषय में तो मेरा कुछ कह पाना,इस विधा पर प्रतीक्षित लेख पढ़ने के बाद ही सम्भव हो पाएगा।
आदरणीय सादर बधाई स्वीकारें।

सदस्य टीम प्रबंधन
Comment by Saurabh Pandey on April 25, 2013 at 12:26am

बहुत सधा हुआ संवाद हुआ है.  इस प्रक्रिया पर आदरणीया प्राचीजी और बृजेश भाईजी को हार्दिक बधाई.. .

Comment by बृजेश नीरज on April 24, 2013 at 10:10pm

आदरणीया प्राची जी,
नवगीत विधा भी उन विधाओं में से एक है जिन्हें मैं सीखने का प्रयास कर रहा हूं। ओ बी ओ पर आने के बाद से मेरा यह प्रयास रहा है कि किसी भी नई विधा पर कलम चलाने के पहले मैं भरसक उस विधा के बारे में जानने का प्रयास करता हूं जिससे कि मेरे प्रयास को आप लोगों के मार्गदर्शन द्वारा एक सार्थक परिणति तक पहुंचा सकूं।
आपकी गणना से मैं सहमत हूं। मैंने ये उदाहरण सिर्फ अपने प्रयास के औचित्य के रूप में प्रस्तुत किए थे। इस लिहाज से भी क्या मेरी रचना मात्रा गणना के आधार पर निरस्त की जा सकती है?
नवगीत पर आपने जो आलेख प्रस्तुत करने का विचार बनाया है वह स्वागतयोग्य है। यह मेरा आग्रह भी था कि हिन्दी साहित्य की नव विधाओं अतुकांत कविता, नवगीत, गद्य काव्य, साॅनेट आदि पर भी यहां चर्चा की जाए जिससे कि उन विधाओं में प्रस्तुत की जा रही रचनाओं के स्तर में सुधार संभव हो सके।
सादर!


सदस्य टीम प्रबंधन
Comment by Dr.Prachi Singh on April 24, 2013 at 9:25pm

आदरणीय बृजेश जी ,

//रूढ़िगत गीत और नवगीत के बीच अन्तर गणितीय नहीं है अर्थात जिस प्रकार हम कवित्त, सवैये, दोहे के संबंध में पिंगल शास्त्रीय निर्णय दे सकते हैं कि वे किस प्रकार एक दूसरे से पृथक् हैं, उस प्रकार का अंतर रूढ़ गीत और नवगीत के बीच स्थापित नहीं किया जा सकता... नवगीत में हम नवीनता से किसी भी विषय को अभिव्यक्त करते हैं .

नवगीत ने गीत को परंपरावादी घिसे-पिटे रूढ़ वातावरण से निकलकर यथार्थ का एक ठोस धरातल प्रदान करके संरक्षण प्रदान किया है.नवगीत एक ऐसा संबोधन है, जिसकी नवीनता कभी समाप्त नहीं हो सकती।विचारों की संश्लिष्टता, ताजगी, प्रयोगधर्मिता नई भाषा और बिम्बों के विशिष्ट समायोजन से इस विधा का गठन हुआ और नवरचनाकारों को यह विधा आकृष्ट करने में सक्षम है..//

ऐसा कई नवगीत रचनाकारों और स्थापित साहित्यकारों का मत है 

मंच पर नवगीत  विषय पर एक विस्तृत आलेख की आवश्यकता काफी समय से महसूस हो रही है...जल्दी ही सब तत्वों को समाहित करके एक आलेख नवगीत विधा पर लिखने का प्रयास करती हूँ..जिसपर सभी जानकार खुल कर चर्चा कर सकते हैं , ताकि तत्सम्बन्धी हर आयाम पूर्णतः स्पष्ट हो सके...

सादर. 

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Activity

Awanish Dhar Dvivedi posted a blog post

माँ

माँ यह शब्द नहींं केवलइस जग की माँ से काया है। हम सबकी खातिर अतिपावन माँ के आँचल की छाया है।१।माँ…See More
14 hours ago
Dayaram Methani replied to Admin's discussion अति आवश्यक सूचना : कृपया अवश्य अवगत हों .....
"अगर आप यों घबरा कर मैदान छोड़ देंगे तो जिन्होने एक जुट होकर षड़यन्त्र किया है वे अपनी जीत मानेंगे।…"
18 hours ago
अजय गुप्ता 'अजेय replied to Admin's discussion अति आवश्यक सूचना : कृपया अवश्य अवगत हों .....
"अब, जबकि यह लगभग स्पष्ट हो ही चुका है कि OBO की आगे चलने की संभावना नगण्य है और प्रबंधन इसे ऑफलाइन…"
Monday
amita tiwari posted a blog post

बहुत सोचती हैं क्यों ये औरतें

बहुत सोचती हैं क्यों ये औरतें बेगुनाही और इन्साफ की बात क्यों सोचती हैं ये औरतें चुपचाप अहिल्या बन…See More
Friday
amita tiwari commented on amita tiwari's blog post गर्भनाल कब कट पाती है किसी की
" मान्य,सौरभ पांडे जीआशीष यादव जी , , ह्रदय से आभारी हूँ. स्नेह बनाए रखियगा | सौरभ जी ने एक…"
Thursday

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey commented on amita tiwari's blog post बहुत सोचती हैं क्यों ये औरतें
"आदरणीया अमिताजी, तार्किकता को शाब्दिक कर तटस्थ सवालों की तर्ज में बाँधा जाना प्रस्तुति को रुचिकर…"
Thursday

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey commented on लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर''s blog post हरकत हमें तो वैद की रखती तनाव में -लक्ष्मण धामी 'मुसफिर'
"आदरणीय लक्ष्मण धामी जी, आपकी प्रस्तुति निखर कर सामने आयी है. सभी शेर के कथ्य सशक्त हैं और बरबस…"
Thursday

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey replied to Admin's discussion अति आवश्यक सूचना : कृपया अवश्य अवगत हों .....
"आदरणीय नीलेश भाई, आपका स्वागत है.     करेला हो अथवा नीम, लाख कड़वे सही, लेकिन रुधिर…"
Thursday
Nilesh Shevgaonkar replied to Admin's discussion अति आवश्यक सूचना : कृपया अवश्य अवगत हों .....
"आदरणीय बाग़ी जी एवं कार्यकारिणी के सभी सदस्यगण !बहुत दुखद है कि स्थिथि बंद करने तक आ गयी है. आगे…"
May 13

सदस्य कार्यकारिणी
मिथिलेश वामनकर replied to Admin's discussion अति आवश्यक सूचना : कृपया अवश्य अवगत हों .....
"आदरणीय अजय गुप्ता जी, आपकी भावनाओं और मंच के प्रति आपके जुड़ाव को शब्द-शब्द में महसूस किया जा सकता…"
May 13
amita tiwari and आशीष यादव are now friends
May 11
amita tiwari commented on amita tiwari's blog post प्यादे मान लिये जाते हैं मात्र एक संख्या भर
"मान्यवर  सौरभ पांडे जी , सार्थक और विस्तृत टिप्पणी के लिए आभार."
May 11

© 2026   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service