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जो बीत गयी सो बात गयी ...ये बात किसी ने खूब कहीं

अब क्या सोचे तू ,पड़ा-पड़ा ..उठ जाग जा अब रात गयी

कर तैयारी अब आगे की ,कि रात गयी तो बात गयी 

फिर ना कहना ऐ-यार मेरे .. सारी मेहनत बेकार गयी

मन बाँध ले कुछ बनने की , अब तू ठान ले कुछ करने की

देख सूरज की किरणें  कैसे, तेरी राहों में फ़ैल गयी

न कर बहाना अब कोई, नहीं वक्त ये मनमानी का 

फिर न पछताना कहकर ये ..अब उमर तो सारी बीत गयी

चल कदम बड़ा और चलता जा ,हर रोड़े को ठोकर से मार भगा

फिर देख तेरे इन कदमो में, दुनिया कैसे  ना झुक गयी 

कर दे अचंभित सबको तू ऐसा कोई जादू कर जरा 

दुनिया भी देखे आखिर कैसे,किस्मत तेरे बस में हो गयी

मत देर लगा तू दौड़ लगा सबको पीछे तू छोड़ जरा 

अपने कदमो की धार बढ़ा, रफ़्तार बढ़ा वरना 

फिर अवसर ना देगा समय ये कहकर कि....

"जो बीत गयी सो बात गयी ".

 

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Comment by chandramauli pachrangia on September 6, 2013 at 2:52pm

bahut acchi rachna

Comment by जितेन्द्र पस्टारिया on June 10, 2013 at 10:49am
आदरणीया..पूजा जी, बहुत खूबसूरत रचना आपकी ..शुभकामनाऐ स्वीकार कीजीऐ
Comment by Ashok Kumar Raktale on June 6, 2013 at 8:59am

बीती ताहि बिसार के आगे की सुधि लेय, बहुत सुन्दर रचना आदरणीया.सादर बधाई स्वीकारें.

Comment by बृजेश नीरज on June 3, 2013 at 9:56am

आदरणीया इस प्रयास पर आपको ढेरों बधाई! 

Comment by डॉ नूतन डिमरी गैरोला on May 31, 2013 at 5:16pm

bahut sundar ... seekh deti rachnaa 

Comment by dinesh solanki on May 31, 2013 at 7:28am

sundar rachna 

Comment by लक्ष्मण रामानुज लडीवाला on May 30, 2013 at 7:50pm

सुन्दर भाव अभिव्यक्ति के लिए बधाई, जहां प्रवाह बाधित है वह बार बार पढने से ठीक होजायेगा | अच्छी रचना 

शुभकामनाए 

Comment by shalini rastogi on May 29, 2013 at 7:03pm

प्रेरणादायक कविता ... पर कही कही कविता का प्रवाह अवरुद्ध हो रहा है .. एक बार दोबारा पढ़कर देखें |

अब,नहीं है वक्त कुछ मनमानी की..... इस पंक्ति में 'वक्त' के लिए 'की' नहीं का आना चाहिए  .. वक्त पुल्लिंग शब्द है |

ठोकर को ठोकर से मार भगा.... यह पंक्ति भाव स्पष्ट नही कर पा रही .. पुनः विचार करें 

Comment by Shyam Narain Verma on May 29, 2013 at 4:29pm
बहुत सुन्दर...बधाई स्वीकार करें ………………
Comment by ram shiromani pathak on May 29, 2013 at 3:53pm

बहुत सुन्दर////////////////

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