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प्यार में उनके जो हम [ग़ज़ल ]

प्यार में उनके जो हम सब लुटाने में रहे ।
फिर किसी काबिल नही हम ज़माने में रहे ।

दर्द को बदनाम करना अपनी फितरत में न था ,
तनहा रोये महफ़िलों में मुस्कराने में रहे ।

चोट देने का तरीका ना हमे आया कभी ,
हम हमेशा से ही आगे चोट खाने में रहे ।

पूछो ना मजबूरियों के क्या सितम हमने सहे ,
याद वो ही कर गये जो भुलाने में रहे ।

वो वफ़ा कसमें वो सारी और वादे प्यार के ,
तोड़ने में वो रहे और हम निभाने में रहे ।

ज़िन्दगी के दरमियाँ कुछ और तो गुज़रा नही ,
बस ये कुछ किस्से हैं जो अपने फ़साने में रहे ।

मौलिक व अप्रकाशित
नीरज

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Comment

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सदस्य टीम प्रबंधन
Comment by Saurabh Pandey on August 26, 2013 at 2:25pm

आपने इस प्रस्तुति को ग़ज़ल कर चिह्नित न किया होता तो बहुत संभव था हम कुछ न कहते और आगे बढ़ जाते.

किसी को कुछ नाम मिला है और उस नाम की सार्थकता परिभाषित भी हो चुकी है, तो फिर उस सार्थकता से खेलना अनुचित ही नहीं अपराध है. मित्रवर, आप ग़ज़ल को ग़ज़ल ही रहने दें. आवश्यक नहीं कि ग़ज़ल को खिजलाने वालों में आप भी शामिल हों.

एक अपेक्षा है, इसलिए मेरा आपसे निवेदन है. वर्ना संप्रेषण को संयत करने के आप मुखर विरोधी हैं, यह मैं जानता हूँ. 

शुभेच्छाएँ

Comment by Neeraj Nishchal on August 19, 2013 at 11:01pm

आदरणीय जीतेन्द्र भाई आपका बहुत बहुत
हार्दिक आभार ।

Comment by Neeraj Nishchal on August 19, 2013 at 10:59pm

आदरणीय राज भाई आपका बहुत बहुत आभार ।

Comment by जितेन्द्र पस्टारिया on August 18, 2013 at 8:18pm

सुंदर गजल प्रस्तुति पर, बधाई आदरणीय नीरज जी

Comment by राज़ नवादवी on August 18, 2013 at 11:55am

'प्यार में उनके जो हम सब लुटाने में रहे ।
फिर किसी काबिल नही हम ज़माने में रहे ।

दर्द को बदनाम करना अपनी फितरत में न था ,
तनहा रोये महफ़िलों में मुस्कराने में रहे ।'

अच्छे अशआर हैं, बधाई हो!

Comment by Neeraj Nishchal on August 17, 2013 at 7:04pm

बहुत बहुत हार्दिक आभार आ0 बसंत नेमा जी |

Comment by Neeraj Nishchal on August 17, 2013 at 7:03pm

बहुत बहुत आभार श्याम नारायण वर्मा जी ।

Comment by Neeraj Nishchal on August 17, 2013 at 7:02pm

बहुत बहुत अनुग्रह गिरिराज भंडारी जी ।

Comment by बसंत नेमा on August 17, 2013 at 3:01pm

आ0 नीरज जी बहुत ही सुन्दर! हार्दिक बधाई शुभकामनाये

Comment by Shyam Narain Verma on August 17, 2013 at 12:14pm
बहुत ही सुन्दर! हार्दिक बधाई आपको!

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