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हँसते मौसम कभी आते जाते रहे

2 1 2 2   1 2 2 1   2 2 1 2

हँसते मौसम यूँ ही आते जाते रहे
गम के मौसम में हम मुस्कुराते रहे

यादें परछाइयाँ बन गयीं आजकल
हमसफ़र हम उन्हें ही बताते रहे

कल तेरा नाम आया था होंठों पे यूँ
जैसे हम गैर पर हक़ जताते रहे

दिल के ज़ख्मों को वो सिल तो देता मगर
हम ही थे जो उसे आजमाते रहे

तल्ख़ बातें ही अब बन गयीं रहनुमाँ
मीठे किस्से हमें बस रुलाते रहे

चल दिये हैं सफ़र में अकेले ही हम
साथ अपने ग़मों को बुलाते रहे

रूठ कर तुम गये सारा जग ले गये
चाँद तारे भी हमको चिढ़ाते रहे

संजू शब्दिता मौलिक व अप्रकाशित

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सदस्य कार्यकारिणी
Comment by शिज्जु "शकूर" on August 25, 2013 at 8:37pm

//यादें परछाइयाँ बन गयीं आजकल 
हमसफ़र हम उसे ही बताते रहे // वाह संजू जी क्या बात है 

इस पूरी ग़ज़ल के लिए दाद क़ुबूल करें

Comment by केवल प्रसाद 'सत्यम' on August 25, 2013 at 8:26pm

आ0 संजू  जी,  सादर प्रणाम!     सुन्दर गजल प्रस्तुति के लिए तहेदिल से बधाई स्वीकारें। सादर,

Comment by mrs manjari pandey on August 25, 2013 at 2:14pm

    अदरणीया सन्जू जी हार्दिक बधाई . कोमल भावनायें छलक रही हैं हर् शेर में बहक रही हैं . सुन्देर् 

Comment by Dr Ashutosh Mishra on August 25, 2013 at 1:38pm

संजू जी ...हर शेर एक से बढ़कर एक ..लेकिन दूसरा तीसरा और अंतिम शेर का अंदाज तो दिल में बस गया ..ढेरो बधाई 

Comment by रमेश कुमार चौहान on August 25, 2013 at 11:27am
सुंदर शायरी है या है दिल की एक बारगी बयां
कितना सुंदर है, दिलकश शब्दों की बंयां ।

संजूजी बधाई बधाई
Comment by बृजेश नीरज on August 25, 2013 at 9:24am

बहुत सुन्दर गज़ल कही आपने! आपको हार्दिक बधाई!


सदस्य कार्यकारिणी
Comment by गिरिराज भंडारी on August 25, 2013 at 7:59am

अच्छी गज़ल कही संजू जी , बधाई !!

कल तेरा नाम आया था होंठों पे यूँ
जैसे हम गैर पर हक़ जताते रहे------------------- लाजवाब !!

Comment by annapurna bajpai on August 24, 2013 at 11:05pm

आदरणीया संजू जी उम्दा प्रस्तुति के लिए बधाई ।

Comment by D P Mathur on August 24, 2013 at 7:51pm

कल तेरा नाम आया था होंठों पे यूँ 
जैसे हम गैर पर हक़ जताते रहे 

आदरणीया संजू जी , लाजवाब गजल की बधाई!

Comment by वेदिका on August 24, 2013 at 7:25pm

बढ़िया गजल हुयी है

तल्ख़ बातें ही अब बन गयीं रहनुमाँ
मीठे किस्से हमें बस रुलाते रहे......खास सुंदर ये शेअर रहा..!!

बधाई संजू शब्दिता जी!!

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