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मेरी बारी कब आएगी ,

आया जब मैं उज्जवल बेला ,
हसी ख़ुशी का मस्त सवेरा ,
था सब अपना नही पराया ,
ये सब उन लोगो से पाया ,
सोचता हूँ मैं अक्सर यारा ,
मेरी बारी कब आएगी  !

 
मुगलों ने कही का ना छोड़ा ,
फिर आया था डाकू गोरा ,
सोने की चिड़िया को मिटाया ,
उस समय मैं क्यों ना आया ,
चाहे मैं रहता यूँ फक्कड़,
मेरी बारी कब आएगी !

 

आज़ाद, भगत ने जान लड़ा दी ,
नेता जी की खूब चली ,
गाँधी जी का सच हुआ सपना ,
हुआ आजाद देश ये अपना ,
सोचूँ मैं तब क्यों नहीं आया ,
मेरी बारी कब आएगी !


लूट रहे हैं ये नेता अब ,
बन गए गोरो के बाप सब,
देश के दौलत फूँक रहे हैं ,
प्याज चीनी से लूट रहे हैं ,
सोचूँ आज़ाद बन टूट पडूँ मैं ,
मेरी बारी अब आएगी !

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Comment by Rash Bihari Ravi on December 25, 2010 at 3:07pm
babhut bahut dhanyabad bhaskar ji ganesh ji

मुख्य प्रबंधक
Comment by Er. Ganesh Jee "Bagi" on December 25, 2010 at 10:22am
आपकी भी बारी जल्द ही आयेगी गुरु जी .... :-)))))
Comment by Bhasker Agrawal on December 24, 2010 at 12:28pm
बहुत सही..बधाई

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