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करें हम

मान अब इतना

सजा लें

माथ पर बिन्दी।

बहे फिर

लहर कुछ ऐसी

बढ़े इस

विश्व में हिन्दी।।

 

गंग सी

पुण्य यह धारा

यमुन सा

रंग हर गहरा

सुबह की

सुखद बेला सी

धरे है

रूप यह हिन्दी।।

 

मधुरता

शब्द आखर में

सरसता

भाव भाषण में

रसों की

धार छलके तो

करे मन

तृप्त यह हिन्दी।।

 

तोड़कर

बॅंध दासता के

सभी भ्रम

जाल भाषा के

बसा लें

प्रेम अब इसका

प्रथम हो

देश में हिन्दी।।

                - बृजेश नीरज

(मौलिक व अप्रकाशित)

 

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Comment by बृजेश नीरज on September 6, 2013 at 7:22pm

आदरणीया शुभ्रा जी आपका हार्दिक आभार!

Comment by बृजेश नीरज on September 6, 2013 at 7:21pm

आदरणीय रमेश जी आपका बहुत बहुत आभार!

Comment by shubhra sharma on September 6, 2013 at 10:52am

आदरणीय ब्रजेश नीरज जी , आपने अपनी भावपूरित कविता से मातृभाषा हिंदी को जो मान दिया है ,तहे दिल  से बहुत बहुत बधाई 

Comment by रमेश कुमार चौहान on September 6, 2013 at 10:30am

प्रेम अब इसका

प्रथम हो

देश में हिन्दी।।
आपके इस पंक्ति में मै भी अपनी शुभेच्छा सम्मिलित करना चाहता हू । आपके हिन्दी प्रेम एवं साहित्य प्रेम को सादर नमन

Comment by बृजेश नीरज on September 5, 2013 at 8:17pm

आदरणीय राम भाई आपका हार्दिक आभार!

Comment by बृजेश नीरज on September 5, 2013 at 8:16pm

आदरणीय जितेन्द्र जी आपका हार्दिक आभार! आपके शब्दों से बहुत बल मिला।

Comment by बृजेश नीरज on September 5, 2013 at 8:04pm

आदरणीय केवल भाई आपका हार्दिक आभार!

Comment by ram shiromani pathak on September 5, 2013 at 8:02pm

आदरणीय भाई ब्रिजेश जी ,हिन्दी के प्रति आपका समर्पण साफ दिख रहा है ///बहुत ही सुंदर रचना हार्दिक बधाई आपको //सादर 

Comment by जितेन्द्र पस्टारिया on September 5, 2013 at 8:00pm

गंग सी

पुण्य यह धारा

यमुन सा

रंग हर गहरा

सुबह की

सुखद बेला सी

धरे है

रूप यह हिन्दी।।......बहुत ही सुंदर शब्दावली से मातृभाषा की सुन्दरता का अनुपम गुणगान

हिन्दी मातृभाषा से लगाव , सुन्दरता व् मान को बयां करती, बेहद खुबसूरत पंक्तियाँ, बहुत बहुत बधाई आदरणीय बृजेश जी

 

Comment by केवल प्रसाद 'सत्यम' on September 5, 2013 at 7:53pm

आ0 बृजेश भाई जी, सादर प्रणाम! बहुत खूब।
//मधुरता
शब्द आखर में
सरसता
भाव भाषण में
रसों की
धार छलके तो
करे मन
तृप्त यह हिन्दी।।
//इन सुन्दर भावों के लिए आपको बहुत बहुत हार्दिक बधाई। सादर,

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