For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

सेमीनार में “कार्य स्थल पर यौन उत्पीड़न” विषय पर अपना भाषण देकर जब प्रिंसीपल साहिब स्टेज से उतरे तो सभी ओर तालियों की गड़गड़ाहट व वाहवाही गूंज रही थी,  सभी लोग बारी-बारी प्रिंसीपल साहिब को बधाईयां दे रहे थे। इसी क्रम में जब एक जूनियर अध्यापिका ने प्रिंसीपल साहिब को बधाई दी तो उन्हे लगा जैसे किसी ने सरे-बाजार उन्हे नंगा कर दिया हो।

- मौलिक व अप्रकाशित

Views: 1334

Comment

You need to be a member of Open Books Online to add comments!

Join Open Books Online

Comment by Ravi Prabhakar on October 5, 2013 at 2:25pm

आदरणीय रविकर जी व अभिनव जी,
लघुकथा की आत्मा तक पहुंचने के लिए कोटि-कोटि धन्यवाद।

Comment by Ravi Prabhakar on October 5, 2013 at 2:22pm

आदरणीय मित्र महतो जी,
आप लघुकथा की आत्मा तक पहुंचे, लिखना सफल हुआ। धन्यवाद ।

Comment by Ravi Prabhakar on October 5, 2013 at 2:20pm

प्रधान सम्पादक श्री योगराज प्रभाकर जी मेरे ज्येष्ठ भ्राता है। उन्ही की छत्रछाया में रहकर कुछ शब्द लिखने की हिम्मत की। उन्ही के मार्गदर्शन से यह लघुकथा सराही जा रही है। ज्येष्ठ भ्राता की बधाई सिर-आंखों पर।


मुख्य प्रबंधक
Comment by Er. Ganesh Jee "Bagi" on October 5, 2013 at 2:18pm

आदरणीय रवि भाई, मंत्र मुग्ध हूँ, क्या झन्नाटेदार तमाचा मारा है, वाह वाह, लघुकथा की जमीं पर एक उदाहरण है आपकी प्रस्तुति, बहुत बहुत बधाई और शुभकामनाएं । 

Comment by Ravi Prabhakar on October 5, 2013 at 2:15pm

आदरणीय राजेश कुमारी जी,

उत्साहपूर्ण टिप्पणी के लिए धन्यवाद। आपकी टिप्पणी भविष्य में भी लिखने के लिए प्रेरित करेगी।

Comment by Ravi Prabhakar on October 5, 2013 at 2:10pm

श्रद्धेय सौरभ भाई जी,
आपकी उत्साहपूर्ण टिप्पणी सदैव मार्गदर्शन करते हुए प्रेरित करती है। आशा है कि आपके मार्गदर्शन से भविष्य में भी कुछ और लिखने का प्रयत्न करूंगा। कोटि-कोटि धन्यवाद।

Comment by जितेन्द्र पस्टारिया on October 5, 2013 at 11:36am

बहुत बढ़िया, बिन कहे सबकुछ कह दिया, बधाई आदरणीय रवि जी

Comment by coontee mukerji on October 5, 2013 at 1:09am

समझने वाली बात है....जैसे पटाके से कोई विस्फोट हुआ हो.

Comment by MAHIMA SHREE on October 4, 2013 at 10:33pm

वाह कमाल किया आपने कुछ ही लाइनों में ... आपने  क्या...... तस्वीर खिची है ... बधाई आदरणीय

Comment by KRISHNA DEV MAHTO on October 4, 2013 at 9:02pm

बिना कहे ही सबकुछ  कह दिया आपकी लघु कथा ने दिल से बहुत बहुत बधाई सर 

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Blogs

Latest Activity

लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर''s blog post देवता क्यों दोस्त होंगे फिर भला- लक्ष्मण धामी "मुसाफिर"
"आ. भाई सौरभ जी सादर अभिवादन। गजल पर उपस्थिति और विस्तृत टिप्पणी से मार्गदर्शन के लिए हार्दिक आभार।…"
14 hours ago
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर''s blog post सच काफिले में झूठ सा जाता नहीं कभी - लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर'
"आ. भाई सुशील जी, सादर अभिवादन। गजल पर उपस्थिति और उत्साहवर्धन के लिए हार्दिक धन्यवाद।"
14 hours ago
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर''s blog post आदमी क्या आदमी को जानता है -लक्ष्मण धामी "मुसाफिर"
"आ. भाई रवि जी सादर अभिवादन। गजल पर आपकी उपस्थिति का संज्ञान देर से लेने के लिए क्षमा चाहता.हूँ।…"
14 hours ago

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey commented on Ashok Kumar Raktale's blog post ग़ज़ल
"आदरणीय अशोक भाई, आपके प्रस्तुत प्रयास से मन मुग्ध है. मैं प्रति शे’र अपनी बात रखता…"
yesterday

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey commented on Saurabh Pandey's blog post नवगीत : सूर्य के दस्तक लगाना // सौरभ
"रचना पर आपकी पाठकीय प्रतिक्रिया सुखद है, आदरणीय चेतन प्रकाश जी.  आपका हार्दिक धन्यवाद "
yesterday

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey commented on Saurabh Pandey's blog post नवगीत : सूर्य के दस्तक लगाना // सौरभ
"उत्साहवर्द्धन के लिए हार्दिक धन्यवाद, आदरणीय अशोक भाईजी "
yesterday
Ashok Kumar Raktale posted blog posts
yesterday
Chetan Prakash commented on Saurabh Pandey's blog post नवगीत : सूर्य के दस्तक लगाना // सौरभ
"नव वर्ष  की संक्रांति की घड़ी में वर्तमान की संवेदनहीनता और  सोच की जड़ता पर प्रहार करता…"
yesterday
Sushil Sarna posted blog posts
yesterday
Sushil Sarna commented on Sushil Sarna's blog post दोहा पंचक. . . क्रोध
"आदरणीय लक्ष्मण धामी जी सृजन के भावों को मान देने का दिल से आभार आदरणीय जी । "
yesterday
Sushil Sarna commented on Sushil Sarna's blog post दोहा पंचक. . . क्रोध
"आदरणीय अशोक रक्ताले जी सृजन पर आपकी समीक्षात्मक प्रतिक्रिया का दिल से आभार । इंगित बिन्दु पर सहमत…"
yesterday
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर''s blog post कुर्सी जिसे भी सौंप दो बदलेगा कुछ नहीं-लक्ष्मण धामी "मुसाफिर"
"आ. भाई सौरभ जी सादर अभिवादन। गजलपर उपस्थिति और सप्रेमं मार्गदर्शन के लिए हार्दिक आभार। इसे बेहतर…"
yesterday

© 2026   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service