For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

अब मैं पराभूत नहीं

सांझ ढली

कुछ टूटा ,

भर गयी रिक्तता.

सब मूंद दिया कसकर.

अन्दर बाहर अब है,

एक रस.

घुप्प  अँधियारा.

दिवस का सब्जबाग,

छुप गया तमस के आवरण में.

धवल रश्मि, तुम्हारा सौंदर्य ...

अब है बेमोहक, बेमतलब , अर्थ हीन

अब मैं पराभूत नहीं,

 नहीं परावश...

नीरज कुमार ‘नीर’

मौलिक एवं अप्रकाशित 

Views: 499

Comment

You need to be a member of Open Books Online to add comments!

Join Open Books Online

Comment by Sushil.Joshi on October 24, 2013 at 5:08am

बेहद सुंदर एवं गहन भाव लिए इस प्रस्तुति के लिए हार्दिक बधाई आ0 नीरज जी....

Comment by Neeraj Neer on October 20, 2013 at 11:25am

हार्दिक आभार जीतेंद्र गीत जी 

Comment by जितेन्द्र पस्टारिया on October 20, 2013 at 10:34am

सुंदर सशक्त रचना, बहुत बहुत बधाई आदरणीय नीरज जी


सदस्य टीम प्रबंधन
Comment by Saurabh Pandey on October 19, 2013 at 11:28pm

भाई जी, आपने वास्तव में उन विन्दुओं की ओर साग्रह इंगित किया है जो इस मंच के उद्येश्य और स्वरूप के विपरीत है. खैर हम सभी रचनाकर्म के क्रम में पाठकधर्म भी निभायें. अन्यथा, रचनाकर्म पर सार्थक टिप्पणियाँ और परिचर्चा न कर परस्पर प्रसन्न करने के बेमतलब की आदत पाल लेंगे. इस पर फिर कभी.

सादर

Comment by Neeraj Neer on October 19, 2013 at 10:39pm

आदरणीय सौरभ जी .. हार्दिक हार्दिक आभार .. आपकी टिपण्णी ने हौसला दिया , आपने जिस तरह ध्यान पूर्वक पढ़कर कविता के मर्म को रेखांकित किया , मेरा लिखना सार्थक हुआ , वरना सुबह से तो लग रहा था    ... यह कविता निरर्थक ही रही  :) 

Comment by Neeraj Neer on October 19, 2013 at 10:34pm

आदरणीय गिरिराज भंडारी जी हार्दिक आभार आपका.


सदस्य टीम प्रबंधन
Comment by Saurabh Pandey on October 19, 2013 at 10:15pm

भाई नीरजजी, आपकी रचना ने वस्तुतः ध्यान आकर्षित किया है.

मानसिक निर्भरता का अचानक तिरोहित हो जाना क्षणिक असंतुलन का कारण अवश्य हुआ करता है लेकिन यह बन्धनमुक्तता जीवन के अग्रसरित पलों को सार्थकता भी देती है.
बहुत-बहुत बधाई स्वीकारें, भाईजी.
शुभ-शुभ


सदस्य कार्यकारिणी
Comment by गिरिराज भंडारी on October 19, 2013 at 8:54pm

आदरणीय , नीरज भाई , सुन्दर रचना ,  आपको हार्दिक बधाई !!!

Comment by Neeraj Neer on October 19, 2013 at 8:41pm

आभार आदरणीय विजय मिश्र साहब ..

Comment by विजय मिश्र on October 19, 2013 at 5:28pm
हताश आशा और बिखरा असंयत मन . सुंदर नीरजी , बधाई

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Activity

pratibha pande replied to Admin's discussion ओ बी ओ लाइव आयोजनों से संबंधित महत्वपूर्ण चर्चा
"आदरणीय मिथिलेश जी के कहे से मैं भी सहमत हूँ। कैलेंडर प्रथम सप्ताह में आ जाय और हफ्ते बाद सभी आयोजन…"
yesterday
Dayaram Methani replied to Admin's discussion ओ बी ओ लाइव आयोजनों से संबंधित महत्वपूर्ण चर्चा
"सभी आदरणीय को नमस्कार। आदरणीय तिलक राज कपूर जी का ये उत्तम विचार है। अगर इसमें कुछ परेशानी हो तो एक…"
Friday
Sushil Sarna posted a blog post

दोहा सप्तक. . . .युद्ध

दोहा सप्तक. . . . . युद्धहरदम होता युद्ध का, विध्वंसक परिणाम ।बेबस जनता भोगती ,  इसका हर  अंजाम…See More
Friday
अजय गुप्ता 'अजेय replied to Admin's discussion ओ बी ओ लाइव आयोजनों से संबंधित महत्वपूर्ण चर्चा
"इस सारी चर्चा के बीच कुछ बिन्दु और उभरते हैं कि पूरे महीने सभी आयोजन अगर ओपन रहेंगे तो…"
Friday
Jaihind Raipuri replied to Admin's discussion ओ बी ओ लाइव आयोजनों से संबंधित महत्वपूर्ण चर्चा
"आदरणीय, नमस्कार  यह नव प्रयोग अवश्य सफलता पूर्वक फलीभूत होगा ऐसा मेरा विश्वास है तथा हमें…"
Thursday
Sushil Sarna replied to Admin's discussion ओ बी ओ लाइव आयोजनों से संबंधित महत्वपूर्ण चर्चा
"सुझाव सुन्दर हैं ।इससे भागीदारी भी बढ़गी और नवीनता भी आएगी । "
Thursday

मुख्य प्रबंधक
Er. Ganesh Jee "Bagi" replied to Admin's discussion ओ बी ओ लाइव आयोजनों से संबंधित महत्वपूर्ण चर्चा
" कृपया और भी सदस्य अपना मंतव्य दें ।"
Wednesday
Tilak Raj Kapoor replied to Admin's discussion ओ बी ओ लाइव आयोजनों से संबंधित महत्वपूर्ण चर्चा
"तरही का मुख्य उद्देश्य अभ्यास तक सीमित है, इस दृष्टि से और बहरों पर भी तरही मिसरे देना कठिन न होगा…"
Wednesday
Sushil Sarna posted a blog post

दोहा सप्तक. . . . घूस

दोहा सप्तक. . . . . घूस बिना कमीशन आजकल, कब होता है काम । कैसा भी हो काम अब, घूस हुई है आम ।। घास…See More
Tuesday
Sheikh Shahzad Usmani replied to Admin's discussion ओ बी ओ लाइव आयोजनों से संबंधित महत्वपूर्ण चर्चा
"सादर नमस्कार। मुझे ऐसी ही एक चर्चा की अपेक्षा थी। आवश्यकता महसूस हो रही थी। हार्दिक धन्यवाद और…"
Tuesday

सदस्य कार्यकारिणी
मिथिलेश वामनकर replied to Admin's discussion ओ बी ओ लाइव आयोजनों से संबंधित महत्वपूर्ण चर्चा
"ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार के सभी सम्मानित सदस्यों को सादर नमस्कार। आदरणीय तिलक राज कपूर सर द्वारा…"
Tuesday
अजय गुप्ता 'अजेय replied to Admin's discussion ओ बी ओ लाइव आयोजनों से संबंधित महत्वपूर्ण चर्चा
"सभी आदरणीय सदस्यों को नमस्कार, एक महत्वपूर्ण चर्चा को आरम्भ करने के लिए प्रबन्धन समिति बधाई की…"
Tuesday

© 2026   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service