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वो  हमें  कब मिला है खुदा  की तरह ।

जो रहा  है  सदा   बन हवा  की तरह ।

अब  उसे  कैसे  पहचान वो  पायेगा,

जो यहाँ  बदलता है अदा की तरह ।

अब  वही  राह दिखाने आया है मुझे,

जो  मेरा था  कभी  बेवफा की तरह।

वो क्या  भर देगा खुशिय़ा दामन तेरे,

जिन का अपना रहा है खला की तरह।

हम भुलाया जमाने को जिस के लिये ,

साथ वो  फिर क्यूँ  है सज़ा की तरह।

"मौलिक व अप्रकाशित"

 

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Comment by CHANDRA SHEKHAR PANDEY on November 13, 2013 at 12:03am

अच्छा प्रयास है, शुभेच्छाएं आदरणीय। 

Comment by Sushil.Joshi on November 12, 2013 at 8:57pm

शानदार प्रस्तुति है आ0 मोहन भाई जी..... बहुत बहुत बधाई....

Comment by Dr Ashutosh Mishra on November 12, 2013 at 4:38pm

आदरणीय मोहनजी ...

अब  उसे  कैसे  पहचान वो  पायेगा,

जो यहाँ  बदलता है अदा की तरह ..इस सुंदर ग़ज़ल का ये शेर मुझे बेहद भाया ..सादर बधाई के साथ 

Comment by ram shiromani pathak on November 11, 2013 at 5:50pm

बहुत ही सुन्दर प्रस्तुति  आदरणीय मोहन जी ....बहुत बहुत बधाई  आपको  सादर 

Comment by annapurna bajpai on November 10, 2013 at 8:54pm

सुंदर गजल । बधाई आपको आ0 मोहन बेगोवाल जी । 


सदस्य कार्यकारिणी
Comment by गिरिराज भंडारी on November 10, 2013 at 8:47pm

आदरणीय मोहन भाई , बहुत सुन्दर गज़ल कही है आपने , आपको बहुत बधाई !!!!! कुछ शे र बह्र से बाहर हो रहे है !

!!! कृपया सुधार लें !!!

Comment by मोहन बेगोवाल on November 10, 2013 at 7:05pm

 शिज्जू जी, आप जी ने ठीक कहा,ये मुतदारिक मुसम्मन सालिम(212 212 212 212) हैं,गोपाल जी ,आप जी का भी उत्साह्त करने के लिए  धन्यवाद 

Comment by umesh katara on November 10, 2013 at 6:57pm

अच्छी लेखनी है आदरणीय वाहाहाह

Comment by डॉ गोपाल नारायन श्रीवास्तव on November 10, 2013 at 6:03pm

बेगोवाल जी . श्या शायद टाइप त्रुटि  है  I  मैं शिल्प पर अधिक ध्यान नहीं देता  वह तो मंजते  मंजते  निखरेगा  पर  यदि भाव मन को छू  लें तो वही रचना की  सफलता है  I  फिलहाल आगाज़ ठीक है अंजाम आपकी मेहनत पर निर्भर करेगा I  


सदस्य कार्यकारिणी
Comment by शिज्जु "शकूर" on November 10, 2013 at 5:08pm

आदरणीय बेगोवाल सर प्रथम दृष्टया आपकी ग़ज़ल से ऐसा लग रहा है आपने बह्रे मुतदारिक मुसम्मन सालिम(212 212 212 212) पे ये ग़ज़ल कही है मगर फिर भी आप बह्र का उल्लेख कर दें तो चर्चा आसान हो जायेगी,

कृपया ध्यान दे...

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