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जीभ से जो पेट तक है आग का दरिया ...(ग़ज़ल)

ग़ज़ल
२१२२ ,२१२२ ,२१२२ ,२

बेबसी की इंतिहा जब आह सुनती है 
आँसुओं से बैठ कर फिर वक़्त बुनती है.

मरहले दर मरहले बढ़ती रही वो धुँध  
जिंदगी क्यों, ये न जाने राह चुनती है. 

जीभ से जो पेट तक है आग का दरिया
फलसफों को भूख जिसमें रोज़ धुनती है. 

वो थका है कब हमारा इम्तिहाँ ले कर
रेत है जो भाड़ की हर वक़्त भुनती है .

तू भले ही हो न हो पर राहत ए जाँ अब 
दर्द की तस्बीह तेरा नाम गुनती है . 

-ललित मोहन पंत 
3. 03 सुबह 
27 . 11 . 2013

"मौलिक व अप्रकाशित" 

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Comment

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Comment by dr lalit mohan pant on March 12, 2014 at 3:03am

Saurabh Pandey जी आपकी दाद का शुक्रिया  … धुनना मैंने दरिया के सन्दर्भ में कहा है  आग में भुनती है और दरिया में धुनती है  … 


सदस्य टीम प्रबंधन
Comment by Saurabh Pandey on December 7, 2013 at 7:23pm

बहुत बढिया..  दाद कुबूल करें, ललित मोहनजी.

वैसे इस पोस्ट पर आप भी पलट कर शायद नहीं आये हैं.  सो पाठकीय संवाद की कोई गुंजाइश बनी दीख नहीं रही मुझे. वर्ना पूछता कि आग में कोई चीज़ भुनती है या धुनती है. धुनने का अपना खास मायना है. वैसे काफ़िये की भी समस्या भारी ही है, सो, शाब्दिक चमत्कार के लिहाज़ से बढिया प्रयोग है. .. :-))

शुभ-शुभ

Comment by वीनस केसरी on December 3, 2013 at 2:49am

वाह बहुत खूब

Comment by अरुन 'अनन्त' on December 1, 2013 at 4:17pm

आदरणीय ललित सर बेहतरीन ग़ज़ल कही है आपने सभी शेर बेहद सुन्दर बन पड़े हैं अंतिम शेर में तकाबुले रदीफ़ का दोष जान पड़ता है कृपया एक बार जाँच लें. खास कर इस शेर हेतु विशेष तौर से दाद कुबूल फरमाएं.

जीभ से जो पेट तक है आग का दरिया
फलसफों को भूख जिसमें रोज़ धुनती है.  वाह वाह वाह


सदस्य कार्यकारिणी
Comment by गिरिराज भंडारी on November 30, 2013 at 3:17pm

आदरणीय , लाजवाब गजल कही है , आपको हार्दिक बधाई !!!!!

Comment by राजेश 'मृदु' on November 30, 2013 at 2:06pm

जय हो आदरणीय, बहुत ही अच्‍छी लगी आपकी प्रस्‍तुति, सादर

Comment by जितेन्द्र पस्टारिया on November 30, 2013 at 9:56am

तू भले ही और कितने इम्तहाँ ले ले 
रेत है जो भाड़ की हर वक़्त भुनती है ...........क्या बात है, गजब का शेर

दमदार गजल हुयी , दिली दाद कुबुलिये आदरणीय ललित जी

Comment by annapurna bajpai on November 29, 2013 at 10:40pm

सुंदर गजल बहुत बधाई । आपको । 

Comment by Sushil Sarna on November 29, 2013 at 7:16pm

wah bahut khoob...haardik badhaaee

Comment by Shyam Narain Verma on November 29, 2013 at 11:50am
बहुत ही सुन्दर! हार्दिक बधाई आपको!

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