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वर्ष नवल शुभ मंगलमय हो ......... डॉ० प्राची

नित्य प्रगति सोपान गढ़ें हम

वर्ष नवल शुभ मंगलमय हो ......

 

गत्य धुरी पर आगत नित नव

युग्म सतत, प्रति क्षण हो उत्सव,

सद्विचार सन्मार्ग नियामक

ऊर्ध्व करें मानवता मस्तक,

मिटे कलुषता का अँधियारा, हृदय ज्ञान से ज्योतिर्मय हो ......

नित्य प्रगति सोपान गढ़ें हम, वर्ष नवल शुभ मंगलमय हो ......

 

परिष्कार को प्रतिक्षण तत्पर

संकल्पित अभ्यास सतत कर,

नित्य ज्ञान हित सर्व समर्पित

क्षुद्र अहम् कर पूर्ण तिरोहित,

भाव भक्ति हो नित श्रद्धामय, कर्म श्रेष्ठतम युति कृतिमय हो ......

नित्य प्रगति सोपान गढ़ें हम, वर्ष नवल शुभ मंगलमय हो ......

 

अर्थपूर्ण उन्नत चिंतन युत

जन हितार्थ हो सर्वस आहुत,

काव्य-सुधा दृढ़ भाव अलंकृत

मंथन दर्शन लेखन जागृत,

सद्ग्राही उर संस्कारमय, शब्द कंप में मधुरिम लय हो ......

नित्य प्रगति सोपान गढ़ें हम, वर्ष नवल शुभ मंगलमय हो ......

 

प्रतिपूरित हों अभिलाषाएं

सतरंगी मन परिभाषाएं,

हर सुयत्न उल्लास भरा हो

लक्ष्य-भेद विश्वास भरा हो,

स्वास्थ्यपूर्ण औ’ वैभवशाली, यशपूरित प्रति क्षण सुखमय हो ......

नित्य प्रगति सोपान गढ़ें हम, वर्ष नवल शुभ मंगलमय हो ......

मौलिक और अप्रकाशित 

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Comment

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Comment by ram shiromani pathak on January 15, 2014 at 6:34pm

अनुपम अनुपम मंत्र मुग्ध हो गया आदरणीया। .......... बहुत बहुत बहुत बधाई आपको  


सदस्य टीम प्रबंधन
Comment by Dr.Prachi Singh on January 8, 2014 at 2:24pm

आदरणीय सौरभ जी 

नव वर्ष शुभकामनाएं निवेदित करते गीत के गठन पर आपका अनुमोदन प्रयास के प्रति आश्वस्त करता है.

उत्साहवर्धन के लिए बहुत बहुत धन्यवाद आदरणीय 

सादर.


सदस्य टीम प्रबंधन
Comment by Saurabh Pandey on January 7, 2014 at 7:41pm

वाह वाह !

सुगठित गीत की शुद्ध पंक्तियाँ मुग्ध कर रही हैं. 

काव्य-सुधा दृढ़ भाव अलंकृत

मंथन दर्शन लेखन जागृत,

सद्ग्राही उर संस्कारमय, शब्द कंप में मधुरिम लय हो .......  बहुत-बहुत बधाई इन पंक्तियों के लिए.

नव वर्ष आपके लिए भी शुभदायक हो.


सदस्य टीम प्रबंधन
Comment by Dr.Prachi Singh on January 7, 2014 at 2:30pm

नववर्ष की शुभकामनाएं संप्रेषित करते इस गीत पर आपकी उपस्थिति के लिए सादर धन्यवाद आ० वन्दना जी , आ० मीना पाठक जी 

Comment by Meena Pathak on January 7, 2014 at 1:35pm

प्रतिपूरित हों अभिलाषाएं

सतरंगी मन परिभाषाएं,

हर सुयत्न उल्लास भरा हो

लक्ष्य-भेद विश्वास भरा हो,

स्वास्थ्यपूर्ण औ’ वैभवशाली, यशपूरित प्रति क्षण सुखमय हो ......

नित्य प्रगति सोपान गढ़ें हम, वर्ष नवल शुभ मंगलमय हो ......

बहुत सुन्दर मनभावन गीत आदरणीया प्राची जी ... नव वर्ष की हार्दिक बधाई | सादर 

Comment by vandana on January 3, 2014 at 5:40am

परिष्कार को प्रतिक्षण तत्पर

संकल्पित अभ्यास सतत कर,

नित्य ज्ञान हित सर्व समर्पित

क्षुद्र अहम् कर पूर्ण तिरोहित,

भाव भक्ति हो नित श्रद्धामय, कर्म श्रेष्ठतम युति कृतिमय हो ......

नित्य प्रगति सोपान गढ़ें हम, वर्ष नवल शुभ मंगलमय हो

अत्यंत सुन्दर गीत आदरणीया प्राची जी बहुत बधाई 


सदस्य टीम प्रबंधन
Comment by Dr.Prachi Singh on January 2, 2014 at 9:05pm

बहुत बहुत धन्यवाद प्रिय अरुण शर्मा जी 

आपको व आपके समस्त परिवार जनों को नव वर्ष की हार्दिक शुभकामनाएं 


सदस्य टीम प्रबंधन
Comment by Dr.Prachi Singh on January 2, 2014 at 9:04pm

गीत निहित सन्देश को अनुमोदित करने के लिए धन्यवाद आ० शिज्जू जी 


सदस्य टीम प्रबंधन
Comment by Dr.Prachi Singh on January 2, 2014 at 9:03pm

गीत पसंद करने के लिए धन्यवाद आ० अभिनव अरुण जी 

आपके लिए भी नववर्ष मंगलमय हो 


सदस्य टीम प्रबंधन
Comment by Dr.Prachi Singh on January 2, 2014 at 9:02pm

गीत को समय देने के लिए धन्यवाद आदरणीय जितेन्द्र जी 

आपको भी सपरिवार नववर्ष की हार्दिक शुभकामनाएं 

कृपया ध्यान दे...

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