For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

घनाक्षरी छंद - मन हरण

गीत भी लिखे कलम भारती के गान के तो,
कागज भी नाच के ही आन करने लगा

वंदन हजार माँ को छंद ने किये है और 
पंक्ति पंक्ति लिख के ही गान करने लगा 

स्याही शूर वीरता के मंत्र लिखती गयी तो  
अक्षर भी अक्षर का मान करने लगा 

देशप्रेम वाला भाव मन में बसा लिया तो   
शब्द शब्द राष्ट्र को सलाम करने लगा 

मौलिक एवं अप्रकाशित 

आशीष ( सागर सुमन)  

Views: 732

Comment

You need to be a member of Open Books Online to add comments!

Join Open Books Online

Comment by ram shiromani pathak on January 14, 2014 at 9:26pm

इस सुन्दर प्रयास हेतु हार्दिक बधाई स्वीकारें////सादर


सदस्य टीम प्रबंधन
Comment by Saurabh Pandey on January 14, 2014 at 4:19pm

अरुन अनन्त जी, आपने किस तथ्य को साझा किया कि घनाक्षरी में तुकान्तता अनिवार्य नहीं है. कृपया साझा करें तो हम सभी को लाभ होगा.

आदरणीय आशीष भाईजी, आपकी घनाक्षरी कथ्य की दृष्टि से भी तनिक और प्रयास मांगती है.  इस प्रस्तुति पर चूँकि आपसे मेरा व्यक्तिगत संवाद बन चुका है अतः आपसे उचित की अपेक्षा है.

सादर

Comment by रमेश कुमार चौहान on January 10, 2014 at 10:40pm
सुंदर भाव एवं सुंदर छंद
Comment by Ashish Srivastava on January 9, 2014 at 9:58pm

annapurna bajpai  जी आप ने रचना पढ़कर उत्साह बढाया , आभार अनुपमा जी 

Comment by Ashish Srivastava on January 9, 2014 at 9:58pm

अरुन शर्मा 'अनन्त': जी आप ने रचना पढ़कर उत्साह बढाया , आभार मान्यवर  और आपका सुझाव अत्यंत प्रिय है , पुनः आभार ह्रदय से 

Comment by Ashish Srivastava on January 9, 2014 at 9:58pm

Shyam Narain Verma जी आप ने रचना पढ़कर उत्साह बढाया , आभार मान्यवर  और आपका सुझाव अत्यंत प्रिय है , पुनः आभार ह्रदय से 

Comment by Ashish Srivastava on January 9, 2014 at 9:57pm

गिरिराज भंडारी:  आप ने रचना पढ़कर उत्साह बढाया , आभार मान्यवर 

Comment by annapurna bajpai on January 9, 2014 at 6:52pm

आ0 आशीष जी सुंदर घनाक्षरी छंद हुआ है आपको बधाई । 

Comment by अरुन 'अनन्त' on January 9, 2014 at 3:07pm

भाई आशीष जी बहुत सुन्दर प्रयास हुआ है घनाक्षरी छंद पर. भाई जी इस छंद में भाषा का प्रवाह और गति सबसे अधिक महत्वपूर्ण होती है. तुकांतता आवश्यक नहीं किन्तु ऐसा करने से पढ़ने और सुनने वालों को अधिक मधुर लगता है. विधान के हिसाब से बिलकुल सही है. इस सुन्दर प्रयास हेतु हार्दिक बधाई स्वीकारें.

Comment by Shyam Narain Verma on January 9, 2014 at 12:10pm

आदरणीय ,
कवित्त में लय ही मुख्य है | सम प्रयोग बहुत कर्ण मधुर होते हैं |

बहुत बहुत बधाई इस सुन्दर रचना के लिए ……………..

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Activity


सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey replied to जगदानन्द झा 'मनु''s discussion गजल in the group मैथिली साहित्य
"आदरणीय जगदानन्द झा मनु जी, अहाँ बड्ड नीक गजल पठेलियै. सबसे पहिल, त हम प्रयुक्त भेल बहरक विषय में…"
yesterday
Ashok Kumar Raktale commented on Ashok Kumar Raktale's blog post हरिगीतिका छंद
"आदरणीय सौरभ जी सादर प्रणाम, प्रस्तुत हरिगीतिका छंद पर आपकी प्रतिक्रिया से सृजन सफल हुआ है. आपके…"
Saturday
Ashok Kumar Raktale commented on Ashok Kumar Raktale's blog post हरिगीतिका छंद
"आदरणीय श्याम नारायण वर्मा जी सादर, प्रस्तुत छंदों पर उत्साहवर्धन के लिए आपका हार्दिक आभार.…"
Saturday
जगदानन्द झा 'मनु' added 2 discussions to the group मैथिली साहित्य
Aug 10
Shyam Narain Verma commented on Ashok Kumar Raktale's blog post हरिगीतिका छंद
"नमस्ते जी, बहुत ही सुन्दर प्रस्तुति, हार्दिक बधाई l सादर"
Aug 6

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey commented on Ashok Kumar Raktale's blog post हरिगीतिका छंद
"  आदरणीय अशोक भाईजी, श्रावण मास का आज प्रथम सोमवार है. ऐसे पवित्र दिवस पर आप द्वारा प्रस्तुत…"
Aug 3

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey commented on रोहित डोबरियाल "मल्हार"'s blog post दास्तां
"आदरणीय रोहित डोबरियाल "मल्हार" जी, आपकी भावुक प्रस्तुतीकरण का स्वागत है.  आप…"
Aug 3

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey commented on vijay nikore's blog post सांकल मन के द्वार पर
"  निर्निमेष आँखों की प्रतीक्षा उत्कट तीव्रता के साथ शाब्दिक हुई है, आदरणीय विजय निकोर…"
Aug 3

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey replied to आशीष यादव's discussion कइके हमके ब्लाॅक पिया ना ……..  (कजरी) in the group भोजपुरी साहित्य
"वाह वाह वाह .. सावन की कजरी का आधुनिक रूप गुदगुदा गया, आदरणीय आशीष जी.  सही भी है, प्रकृति के…"
Aug 3
आशीष यादव replied to आशीष यादव's discussion कइके हमके ब्लाॅक पिया ना ……..  (कजरी) in the group भोजपुरी साहित्य
"आदरणीय श्री अशोक कुमार जी इस कजरी पर टिप्पणी के लिए आपको बहुत बहुत धन्यवाद।  आज के परिवेश…"
Jul 27
Ashok Kumar Raktale replied to आशीष यादव's discussion कइके हमके ब्लाॅक पिया ना ……..  (कजरी) in the group भोजपुरी साहित्य
"आदरणीय आशीष यादव जी सादर, सावन की सुंदर और मधुर  फुहारों में यह कजरी की प्रस्तुति  बहुत…"
Jul 27
vijay nikore posted a blog post

सांकल मन के द्वार पर

सांकल मन के द्वार परजब-जब जहाँ कहीं फूल खिलेयाद तुझे किया था हमने ...कहती थी न ..."क्या...तुम्हारे…See More
Jul 27

© 2026   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service