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बेटी से खुशनुमा है --नज़्म -सलीम रज़ा

बेटी
बेटी से  खुशनुमा  है  ये  संसार  दोस्तो
रौशन इसी से सारा  है घर-बार  दोस्तो 
.........
बेटी  कही पे माँ  कही  बहना  के  रूप में 
पत्नी  बहु ये बनके  निकलती है  धूप में 
सुब्हे किरन  से शाम तलक घर संवारती 
बच्चो के रूप  रंग  को  हर दम निखारती 
ये तो अजब निभाती  है  किरदार  दोस्तों 
.............
ये सारी  क़ायनात  बदौलत  इसी  से  है 
सारे जहाँ में फैला मोहब्बत  इसी  से है 
चंपा चमेली बनके  चमन में महक रही 
बातों से यूं लगे की है बुलबुल चहक रही 
ये सबको  दे रही है  सदा  प्यार  दोस्तों 
..............
अपने   पती  के  संग  ये  बनवास  में  रही 
जंगल में भूंख प्यास की हर मुश्किलें  सही 
मां  बनके दुआओं से ये जन्नत  दिलाएगी 
इज्जत भी दिलाएगी ये शोहरत दिलाएगी 
इसकी दुआ में खुशियों का अम्बार दोस्तो 
 
सलीम रज़ा 
रीवा  [म. प्र)


मौलिक व अप्रकाशित

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सदस्य टीम प्रबंधन
Comment by Saurabh Pandey on March 22, 2014 at 10:20pm

वाह ! एक अच्छी नज़्म हुई है, सलीम रज़ा भाई. बेटियों को लेकर हुई आपकी कोशिश दिल को छू गयी.

दिल से बधाई.

Comment by SALIM RAZA REWA on March 1, 2014 at 9:53pm

 आदरणीय बृजेश नीरज  जी आपका बहुत बहुत शुक्रिया ..

Comment by बृजेश नीरज on February 28, 2014 at 10:52pm

अच्छी रचना! आपको बहुत बधाई!

Comment by SALIM RAZA REWA on February 26, 2014 at 8:03pm

नादिर ख़ान साहब,

आपकी मुबारकबाद ने दिल को मुहब्बत से तर कर दिया ,,
''खुदा ने मुझे तो बेटी नही दी'' शायद नसीब में नही था /पर तमाम बेटीयों को मेरा नमन....

-और आपका दिली शुक्रिया..

Comment by नादिर ख़ान on February 25, 2014 at 11:31pm

आदरणीय सलीम भाई, क्या ही उम्दा नज़्म है एक ही साँस मे पूरा पढ़ गया और बार बार पढ़ने को जी चाहता है ।

बहुत ही मीठे बोल हैं ।बहुत मुबारकबाद इस बेहतरीन रचना के लिए ...

Comment by SALIM RAZA REWA on February 25, 2014 at 11:17pm
Kalpna ji dili shukriya..
Comment by कल्पना रामानी on February 25, 2014 at 11:06pm

बहुत सुंदर और सार्थक भावपूर्ण रचना आपकी, मन से बधाई

Comment by SALIM RAZA REWA on February 25, 2014 at 8:32pm
GRIRAJ Ji aap badon ka ashirwad Yuan hi banana rahe dili shukriya..

सदस्य कार्यकारिणी
Comment by गिरिराज भंडारी on February 25, 2014 at 6:16pm

आदरणीय सलीम भाई , सुन्दर सन्देश देती , लाजवाब नज़्म के लिये आपको कोटिशः बधाइयाँ प्रेषित है, स्वीकार करें ॥

Comment by SALIM RAZA REWA on February 25, 2014 at 6:12pm
Bahan Rajesh kumari ji meri nazm ko apni duaaon se nwaja dili shukriya..

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