For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

ग़ज़ल ,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,गुमनाम पिथौरागढ़ी

२२  २२  २२   २२

 

सन्नाटा भी पसरा सा है

उसका कमरा बिखरा सा है

 

अब तुम पास नहीं हो ,शायद

उसका मुखड़ा उतरा सा है

 

बुत  से कैसा कहना सुनना

हाफ़िज़ भी तो बहरा सा है

 

जीवन हुआ दिसंबर जैसा

आँखों में क्यों कुहरा सा है

 

देख के तुझे लगता है ये

चाँद कांच का कतरा सा है

 

गुमनाम बना लो घर कोई

अब खंजर का खतरा सा है

 

मौलिक व अप्रकाशित

 गुमनाम पिथौरागढ़ी

Views: 443

Comment

You need to be a member of Open Books Online to add comments!

Join Open Books Online


सदस्य टीम प्रबंधन
Comment by Saurabh Pandey on August 4, 2014 at 1:05am

ग़ज़ल का प्रवाह सही है.

जीवन हुआ दिसंबर जैसा ..  इसे मैं यों पढ़ गया ..

जीवन हुआ दिगम्बर जैसा

आँखों में पर कुहरा सा है. 

देख के तुझे को तुझे देख के  कर लें.

एक अच्छी कोशिश के लिए हार्दिक बधाई, गुमनाम भाई. 

Comment by gumnaam pithoragarhi on July 30, 2014 at 5:20pm

जीवन22  हुआ दि22  बर22   जैसा22

दे2  ख के तु121  झे लग22  ता है 22 ये2

चाँ2  द कांच121   का कत22  रा सा 22 है-2


सदस्य कार्यकारिणी
Comment by rajesh kumari on July 29, 2014 at 10:56pm

सन्नाटा भी पसरा सा है

उसका कमरा बिखरा सा है----सुन्दर 

 

अब तुम पास नहीं हो ,शायद

उसका मुखड़ा उतरा सा है-----

 

बुत  से कैसा कहना सुनना

हाफ़िज़ भी तो बहरा सा है-----बहुत खूब 

जीवन हुआ दिसंबर जैसा---इसकी बह्र फिर से जांच लें 

देख के तुझे लगता है ये

चाँद कांच का कतरा सा है----इसकी बह्र भी जांच लें 

गुमनाम बना लो घर कोई

अब खंजर का खतरा सा है-----भाव स्पष्ट नहीं है बहर ठीक है 

कुछ सुधार के पश्चात् ग़ज़ल निःसंदेह सुन्दर हो जायेगी बहरहाल बधाई आपको 

 

 


सदस्य कार्यकारिणी
Comment by गिरिराज भंडारी on July 29, 2014 at 10:51pm

आदरणीय गुमनाम भाई , ग़ज़ल अच्छी कही है , आपको बधाइयाँ ! ४ था और ६वा शेर बात समझा नहीं पा रहे हैं , थोड़ा देखिएगा ||

Comment by Dr. Vijai Shanker on July 29, 2014 at 5:10pm
गुमनाम बना लो घर कोई
अब खंजर का खतरा सा है ।
आगे। …
घर भरा साजो सामान है
जीवन भूला बिसरा सा है ।
बहुत सुन्दर आदरणीय गुमनाम जी , बधाई .

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Activity

राज़ नवादवी replied to Admin's discussion अति आवश्यक सूचना : कृपया अवश्य अवगत हों .....
"🌹 OBO के पुनर्गठन एवं पुनर्जीवन के लिए एक सशक्त अपील और कुछ रचनात्मक…"
20 hours ago
Dharmendra Kumar Yadav posted blog posts
Saturday
Sushil Sarna posted a blog post

कुंडलिया. . . . झोला

कुंडलिया. . . . झोलाझोला   लेकर  हाथ  में, चले   मुरारी   लाल । भाव देख कर थम गई,  उनकी बढ़ती चाल…See More
Saturday
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' replied to Admin's discussion अति आवश्यक सूचना : कृपया अवश्य अवगत हों .....
"सभी को मिलकर ओबीओ को बचाने का सतत प्रयास करते रहना चाहिए।"
Thursday
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on vijay nikore's blog post सांकल मन के द्वार पर
"आ.भाई विजय जी, सादर अभिवादन। बहुत सुंदर रचना हुई है। हार्दिक बधाई स्वीकारें।"
Thursday
राज़ नवादवी replied to Admin's discussion अति आवश्यक सूचना : कृपया अवश्य अवगत हों .....
"atyant dukahd "
Sep 11
जगदानन्द झा 'मनु' replied to जगदानन्द झा 'मनु''s discussion गजल in the group मैथिली साहित्य
"आदरणीय, प्रणाम संगहि संग हार्दिक धन्यवाद। अपनेक मार्गदर्शन पाबि बहुत बेसी मोटिवेशन आ सीखक मिलैए…"
Sep 10

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey replied to जगदानन्द झा 'मनु''s discussion गजल in the group मैथिली साहित्य
"आदरणीय जगदानन्द झा मनु जी, अहाँ बड्ड नीक गजल पठेलियै. सबसे पहिल, त हम प्रयुक्त भेल बहरक विषय में…"
Aug 18
Ashok Kumar Raktale commented on Ashok Kumar Raktale's blog post हरिगीतिका छंद
"आदरणीय सौरभ जी सादर प्रणाम, प्रस्तुत हरिगीतिका छंद पर आपकी प्रतिक्रिया से सृजन सफल हुआ है. आपके…"
Aug 15
Ashok Kumar Raktale commented on Ashok Kumar Raktale's blog post हरिगीतिका छंद
"आदरणीय श्याम नारायण वर्मा जी सादर, प्रस्तुत छंदों पर उत्साहवर्धन के लिए आपका हार्दिक आभार.…"
Aug 15
जगदानन्द झा 'मनु' added 2 discussions to the group मैथिली साहित्य
Aug 10
Shyam Narain Verma commented on Ashok Kumar Raktale's blog post हरिगीतिका छंद
"नमस्ते जी, बहुत ही सुन्दर प्रस्तुति, हार्दिक बधाई l सादर"
Aug 6

© 2026   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service