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"इक ऐसा भी घर बनवाना"

इक ऐसा भी घर बनवाना!
जिसमे रह ले एक ज़माना !!

खुद से खुद की बातें करना !
जब खुद के ही हिस्से आना !!

वो मरा है तू भी मरेगा !
लगा रहेगा आना जाना !!

कुछ ऐसा भी कर ले पगले !
जो बन जाए एक फ़साना !!

खुद से ही भागेगा कब तक !!
खुद से चलता नहीं बहाना !!

भूल गया हो गर वो मुझको !
उसको मेरी याद दिलाना !!
***************************

राम शिरोमणि पाठक"दीपक"
मौलिक/अप्रकाशित

Views: 431

Comment

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Comment by ram shiromani pathak on August 15, 2014 at 12:15am

 बहुत बहुत आभार आदरणीय आशीष नैथानी 'सलिल'  जी ,,,,,,,,,,   सादर

Comment by ram shiromani pathak on August 15, 2014 at 12:14am

 बहुत बहुत आभार आदरणीया सविता  जी ,,,,,,,,,,   सादर

Comment by ram shiromani pathak on August 15, 2014 at 12:13am

उत्साह वर्धन अनुमोदन व् अमूल्य सुझाव हेतु बहुत बहुत आभार आदरणीय सौरभ पाण्डेय जी ,,,,,,,,,,   सादर प्रणाम

Comment by आशीष नैथानी 'सलिल' on August 14, 2014 at 11:15pm

खुद से ही भागेगा कब तक !!
खुद से चलता नहीं बहाना !! बहुत सुन्दर ! वाह !!

Comment by savitamishra on August 14, 2014 at 8:36pm

अति सुन्दर


सदस्य टीम प्रबंधन
Comment by Saurabh Pandey on August 14, 2014 at 7:58pm

इक ऐसा भी घर बनवाना!
जिसमे रह ले एक ज़माना !! ...  मन को संतुष्ट करता हुआ मतला हुआ है, वाह !

खुद से खुद की बातें करना !
जब खुद के ही हिस्से आना !!..... इस अत्यंत प्रभावी तथा चकित करते शेर के लिए मैं बार-बार दाद कह रहा हूँ.

वो मरा है तू भी मरेगा !
लगा रहेगा आना जाना !!... ..  . कथ्य सामान्य है. शेर का उला देख लीजियेगा. कुछ और प्रवहमान होना चाहता है.

कुछ ऐसा भी कर ले पगले !
जो बन जाए एक फ़साना !!..........हम्म.. . मगर सिर्फ़ ’फ़साना’ बनने के पीछे मत पड़ना.. :-))

खुद से ही भागेगा कब तक !!
खुद से चलता नहीं बहाना !!........ बहुत खूब !

भूल गया हो गर वो मुझको !
उसको मेरी याद दिलाना !!.............. सही बात ..

भाई रामशिरोमणी, इस बह्र की खासियत ही है कि इसका प्रवाह सरस होता है. यदि वाचन में कहीं अटकाव हुआ तो प्रभाव कम पड़ता है. उस हिसाब से कुछेक मिसरे तनिक और प्रयास मांगते हैं. लेकिन यह अवश्य है कि आपकी मेहनत आश्वस्त करती है.
दाद कुबूल करें.
 

Comment by ram shiromani pathak on August 13, 2014 at 5:44pm

हार्दिक आभार आदरणीया मीना दी...............   सादर 

Comment by Meena Pathak on August 13, 2014 at 2:36pm

अति सुन्दर 

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