For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

माँ की ममता का नहीं, होता कोई अंत।
सरिता है माँ नेह की, माँ का प्यार अनंत।।

माता बहना रूप में, हरदम करती प्यार।
मन जिनका निर्मल सदा, होता ह्रदय उदार।।

करुणा प्यार दुलार का,माँ का हरदम भाव।
कष्टों पर औषधि सदृश, भर जाती है घाव।।

कैसी भी हो परिस्थिति, माँ ही रहती साथ।
अपने बच्चों का कभी, नहीं छोड़ती हाथ।।

त्याग समर्पण के लिये, जग में माँ का नाम।
माँ के चरणों में बसे, सारे तीरथ धाम।।

माँ की ममता का यहाँ, कितना सुन्दर रूप।
ठिठुरे तन को ज्यों मिले, सर्दी में प्रिय धूप।

-राम शिरोमणि पाठक"दीपक"
मौलिक/अप्रकाशित

Views: 1386

Comment

You need to be a member of Open Books Online to add comments!

Join Open Books Online

Comment by ram shiromani pathak on October 2, 2014 at 9:59pm
आदरणीय गिरिराज जी बहुत बहुत आभार अमूल्य सुझाव व् उत्साह वर्धन हेतु।।सादर
Comment by ram shiromani pathak on October 2, 2014 at 9:57pm
बहुत बहुत आभार आदरणीय लक्ष्मण भाई।।सादर

सदस्य कार्यकारिणी
Comment by गिरिराज भंडारी on October 2, 2014 at 9:22pm

आ. राम भाई , माँ की महिमा गाते आपके दोहों के लिए बहुत बधाइयाँ | बस - घाव को आपने स्त्रीलिंग ले लिया है , --- उसे सुधार लीजिएगा -- भर जाता है घाव , कहना सही है |

Comment by लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' on October 2, 2014 at 12:16pm

आदरणीय भाई राम सिरोमणि जी, मां की महिमा का बखान करते इन बेहतरीन दोहों के लिए हार्दिक बधाई

Comment by ram shiromani pathak on October 1, 2014 at 9:38am
आदरणीय हरिवल्लभ जी बहुत आभार आपका
Comment by ram shiromani pathak on October 1, 2014 at 9:37am
आदरनीय ख़ुर्शीद जी बहुत आभार आपका
Comment by ram shiromani pathak on October 1, 2014 at 9:36am
भाई जीतेन्द्र जी बहुत आभार आपका
Comment by ram shiromani pathak on October 1, 2014 at 9:35am
प्रिय पवन भाई बहुत आभार आपका
Comment by Pawan Kumar on September 30, 2014 at 11:05am

माँ की महिमा का सुन्दर वर्णन, बधाई आदरणीय भईया राम शिरोमणि पाठक जी!

Comment by harivallabh sharma on September 30, 2014 at 1:32am

माँ की महिमा तो अनंत है...माँ को समर्पित उत्तम दोहे आपके मित्र ram shiromani pathak जी बहुत बधाई आपको.

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Activity


सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey replied to जगदानन्द झा 'मनु''s discussion गजल in the group मैथिली साहित्य
"आदरणीय जगदानन्द झा मनु जी, अहाँ बड्ड नीक गजल पठेलियै. सबसे पहिल, त हम प्रयुक्त भेल बहरक विषय में…"
Aug 18
Ashok Kumar Raktale commented on Ashok Kumar Raktale's blog post हरिगीतिका छंद
"आदरणीय सौरभ जी सादर प्रणाम, प्रस्तुत हरिगीतिका छंद पर आपकी प्रतिक्रिया से सृजन सफल हुआ है. आपके…"
Aug 15
Ashok Kumar Raktale commented on Ashok Kumar Raktale's blog post हरिगीतिका छंद
"आदरणीय श्याम नारायण वर्मा जी सादर, प्रस्तुत छंदों पर उत्साहवर्धन के लिए आपका हार्दिक आभार.…"
Aug 15
जगदानन्द झा 'मनु' added 2 discussions to the group मैथिली साहित्य
Aug 10
Shyam Narain Verma commented on Ashok Kumar Raktale's blog post हरिगीतिका छंद
"नमस्ते जी, बहुत ही सुन्दर प्रस्तुति, हार्दिक बधाई l सादर"
Aug 6

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey commented on Ashok Kumar Raktale's blog post हरिगीतिका छंद
"  आदरणीय अशोक भाईजी, श्रावण मास का आज प्रथम सोमवार है. ऐसे पवित्र दिवस पर आप द्वारा प्रस्तुत…"
Aug 3

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey commented on रोहित डोबरियाल "मल्हार"'s blog post दास्तां
"आदरणीय रोहित डोबरियाल "मल्हार" जी, आपकी भावुक प्रस्तुतीकरण का स्वागत है.  आप…"
Aug 3

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey commented on vijay nikore's blog post सांकल मन के द्वार पर
"  निर्निमेष आँखों की प्रतीक्षा उत्कट तीव्रता के साथ शाब्दिक हुई है, आदरणीय विजय निकोर…"
Aug 3

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey replied to आशीष यादव's discussion कइके हमके ब्लाॅक पिया ना ……..  (कजरी) in the group भोजपुरी साहित्य
"वाह वाह वाह .. सावन की कजरी का आधुनिक रूप गुदगुदा गया, आदरणीय आशीष जी.  सही भी है, प्रकृति के…"
Aug 3
आशीष यादव replied to आशीष यादव's discussion कइके हमके ब्लाॅक पिया ना ……..  (कजरी) in the group भोजपुरी साहित्य
"आदरणीय श्री अशोक कुमार जी इस कजरी पर टिप्पणी के लिए आपको बहुत बहुत धन्यवाद।  आज के परिवेश…"
Jul 27
Ashok Kumar Raktale replied to आशीष यादव's discussion कइके हमके ब्लाॅक पिया ना ……..  (कजरी) in the group भोजपुरी साहित्य
"आदरणीय आशीष यादव जी सादर, सावन की सुंदर और मधुर  फुहारों में यह कजरी की प्रस्तुति  बहुत…"
Jul 27
vijay nikore posted a blog post

सांकल मन के द्वार पर

सांकल मन के द्वार परजब-जब जहाँ कहीं फूल खिलेयाद तुझे किया था हमने ...कहती थी न ..."क्या...तुम्हारे…See More
Jul 27

© 2026   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service