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पूरे मोहल्ले में केवल बब्लू के घर की ही पक्की छत थी, बाकि सारे मकान कच्चे थे. बब्लू को बचपन से ही पतंगबाजी का बड़ा शौक था. हमेशा छत पर चढ़कर  पतंग उड़ाकर वो मोहल्ले के लोंगो, जो कि अपने आँगन से पतंगबाजी करते थे, सभी की पतंग काट दिया करता था. अभी  चार माह पहले ही पतंग उड़ाते हुए ,छत से बुरी तरह से नीचे जमीन पर गिर जाने के बाद भी बब्लू का पतंग उड़ाने का शौक तो नही गया, किन्तु अब छत की हद को बार-बार ध्यान में रखता हैऔर एक दिन में कई पतंगें कटवा देता है..

   

   जितेन्द्र ‘गीत’

(मौलिक व् अप्रकाशित)

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Comment by KALPANA BHATT ('रौनक़') on August 21, 2017 at 9:52pm

हद में रहना जरुरी है , अच्छा सन्देश देती हुई इस कथा के लिए हार्दिक बधाई आपको आदरणीय |

Comment by KALPANA BHATT ('रौनक़') on August 21, 2017 at 9:51pm

हद में रहना जरुरी है , अच्छा सन्देश देती हुई इस कथा के लिए हार्दिक बधाई आपको आदरणीय |

Comment by जितेन्द्र पस्टारिया on November 2, 2014 at 9:04am

आपका ह्रदय से आभार, आदरणीय पवन भाई

सादर!

Comment by Pawan Kumar on November 1, 2014 at 10:52am

बहुत सुन्दर लघुकथा, सादर बधाई!

Comment by जितेन्द्र पस्टारिया on November 1, 2014 at 10:39am

रचना पर आपकी प्रतिक्रिया, मेरे लिए आशीर्वाद है आदरणीय विजय जी. आपका ह्रदय से आभार, स्नेह बनाए रखियेगा

सादर!

Comment by जितेन्द्र पस्टारिया on November 1, 2014 at 10:38am

आपकी बधाई सर आँखों पर, आदरणीय सौरभ जी. लघुकथा पर आपकी प्रतिक्रिया पाकर बेसब्री ख़त्म होगई. मन को बहुत धैर्य व् संतोष मिला. आपका ह्रदय से आभारी हूँ, स्नेह मार्गदर्शन बनाए रखियेगा

सादर!

Comment by vijay nikore on October 31, 2014 at 3:35pm

संदेश देती इस सार्थक लघु कथा के लिए बधाई, आदरणीय जितेन्द्र जी।


सदस्य टीम प्रबंधन
Comment by Saurabh Pandey on October 31, 2014 at 1:52pm

आपकी कथा की पहुँच अच्छी है.  दूर तक की दृश्यावली दिखाती है. 

बहुत-बहुत बधाई, भाई जितेन्द्रजी

Comment by जितेन्द्र पस्टारिया on October 31, 2014 at 1:25pm

लघुकथा पर आपकी उपस्थिति पाकर, हमेशा बहुत ख़ुशी व् मनोबल मिलता है आदरणीय शुभ्रांशु जी. आपका ह्रदय से आभारी हूँ, स्नेह बनाए रखियेगा

सादर!

Comment by Shubhranshu Pandey on October 28, 2014 at 11:27am

हद में रह कर उड़ने की कला भी आ जायेगी...

सुन्दर कथा जितेन्द्र जी.

सादर.

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