For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

महिला पार्षद (लघुकथा) :कान्ता राॅय

हर जगह चुनावी माहौल, पार्षद के चुनाव में जाने कहाँ-कहाँ से कुकुरमुत्ते की तरह  नई नई पार्टियां दिखाई देने लगी । जिन्होंने कभी घर से बाहर कदम नहीं निकाले वे स्त्रियां भी गले में माला डाले गली गली घूम रही है । जाने कौन कौन से कोटे के तहत चुनाव लड रही है । बात करने गई तो मालूम हुआ बात करने में नेताईन को पसीना भी आता है ।
"जीत जायेंगी तो कैसे संभालेंगी इतनी जिम्मेदारी ।"
पूछने पर हँसते हुए कहती है ,  
"अरे, मै कहाँ यह सब तो हमारे "वो" ही संभालेंगे । बस मुझे आप लोग जीतवा देना । "


कान्ता राॅय 

(मौलिक और अप्रकाशित)

Views: 891

Comment

You need to be a member of Open Books Online to add comments!

Join Open Books Online

Comment by kanta roy on January 22, 2015 at 8:35pm
बहुत बहुत आभार आपको डाॅ.विजय शंकर जी मेरा हौसला बढाने के लिए ।
Comment by kanta roy on January 22, 2015 at 8:34pm
बहुत बहुत आभार आपको गुमनाम पिथौरागढी जी मेरा हौसला बढाने के लिए ।
Comment by Hari Prakash Dubey on January 22, 2015 at 8:20pm

आदरणीया कांता जी आपका स्वागत है इस मंच पर , मैं भी २ महीने पहले ही मंच पर आया था , पर यहाँ इतना स्नेह मिला , मिल रहा है , सकारात्मक आलोचना और अवार्ड भी,सबकुछ है यहाँ सीखने को ...पुनः आपका स्वागत , और आँचलिक शब्दों से सजी.....जैसे...नेताईन .... आपकी रचना सुन्दर बन पड़ी है आपको हार्दिक बधाई ! सादर  

Comment by जितेन्द्र पस्टारिया on January 22, 2015 at 7:37pm

सर्वप्रथम आपका ओ.बी.ओ. परिवार में हार्दिक स्वागत, आदरणीया कांता जी. आपकी सार्थक लघुकथा पर आपको बधाई.


सदस्य कार्यकारिणी
Comment by मिथिलेश वामनकर on January 22, 2015 at 6:58pm
आदरणीया कान्ता जी यह आपकी पहली प्रस्तुति है इस मंच पर और दमदार भी। सफल लघुकथा के लिए हार्दिक बधाई। स्वीकार करें।
Comment by Dr. Vijai Shanker on January 22, 2015 at 6:48pm
इस मंच पर आपकी पहली प्रस्तुति, आपकी पकड़ सही है, छोटी सी यह कथा बहुत से तथ्य उजागर कर रही है. हम स्वतंत्रता, समानता की बाते बहुत करते हैं , महिला सशक्तिकरण का ढोल पीटते हैं और यथार्थ में सब एक भ्रम दिखाई पड़ता है। बहुत ही सार्थक लघु-कथा , बधाई आदरणीय कान्ता रॉय जी, सादर।
Comment by gumnaam pithoragarhi on January 22, 2015 at 6:47pm

वाकई यही सब होता है ,,,वाह रचना सच्चाई को प्रदर्शित करती हुई बधाई

Comment by kanta roy on January 22, 2015 at 12:58pm
आ. डाॅ. गोपाल नारायण श्रीवास्तव जी आपका मार्ग दर्शन आपके हौसला वर्धक शब्दों में ही छुपा है । मै दिल से आभारी हूँ आपकी ।
Comment by डॉ गोपाल नारायन श्रीवास्तव on January 22, 2015 at 12:29pm

महनीया

अच्छा प्रयास है  i पंच के बाद स्वयं  हक्का-बक्का होना उचित नहीं  पाठक तो  हो ही  रहा है i  सादर i

Comment by kanta roy on January 22, 2015 at 11:22am
आ. सोमेश कुमार जी , मेरी इस मंच पर यह पहली रचना है । मै पूरी कोशिश करूँगी इस मंच के स्तर की रचना शीलता को कायम करने की ।
मेरा हौसला बढाने के लिए आपको शत शत नमन

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Activity

आशीष यादव posted a blog post

मशीनी मनुष्य

आज के समय में मनुष्य मशीन बनता जा रहा है या उसको मशीन बनने पर मजबूर किया जाता है. कारपोरेट जगत…See More
54 minutes ago
Ashok Kumar Raktale replied to Admin's discussion 'ओबीओ चित्र से काव्य तक' छंदोत्सव अंक 178 in the group चित्र से काव्य तक
"आदरणीय अखिलेश कृष्ण श्रीवास्तव साहब, प्रस्तुत दोहों की सराहना हेतु आपका हार्दिक आभार। सादर"
8 hours ago
Ashok Kumar Raktale replied to Admin's discussion 'ओबीओ चित्र से काव्य तक' छंदोत्सव अंक 178 in the group चित्र से काव्य तक
"आदरणीय जयहिंद रायपुरी जी सादर, प्रदत्त चित्र पर आपने  दोहा छंद रचने का सुन्दर प्रयास किया है।…"
8 hours ago
अखिलेश कृष्ण श्रीवास्तव replied to Admin's discussion 'ओबीओ चित्र से काव्य तक' छंदोत्सव अंक 178 in the group चित्र से काव्य तक
"आदरणीय अशोक भाईजी  सही कहना है हम भारतीय और विशेषकर जो अभावों में पलकर बड़े हुए हैं, हर…"
9 hours ago
अखिलेश कृष्ण श्रीवास्तव replied to Admin's discussion 'ओबीओ चित्र से काव्य तक' छंदोत्सव अंक 178 in the group चित्र से काव्य तक
"आदरणीया प्रतिभाजी हार्दिक धन्यवाद आभार आपका"
9 hours ago
अखिलेश कृष्ण श्रीवास्तव replied to Admin's discussion 'ओबीओ चित्र से काव्य तक' छंदोत्सव अंक 178 in the group चित्र से काव्य तक
"आदरणीय अशोक भाईजी  हार्दिक धन्यवाद आभार आपका।"
9 hours ago
Ashok Kumar Raktale replied to Admin's discussion 'ओबीओ चित्र से काव्य तक' छंदोत्सव अंक 178 in the group चित्र से काव्य तक
"आदरणीय भाई लक्ष्मण धामी जी सादर, प्रदत्त चित्र पर मेरी प्रस्तुति की सराहना के लिए आपका हार्दिक…"
9 hours ago
Ashok Kumar Raktale replied to Admin's discussion 'ओबीओ चित्र से काव्य तक' छंदोत्सव अंक 178 in the group चित्र से काव्य तक
"    आदरणीया प्रतिभा पाण्डे जी सादर, प्रस्तुत दोहों की सराहना के लिए आपका हार्दिक आभार ।…"
9 hours ago
Jaihind Raipuri replied to Admin's discussion 'ओबीओ चित्र से काव्य तक' छंदोत्सव अंक 178 in the group चित्र से काव्य तक
"किल्लत सारे देश में, नहीं गैस की यार नालियाँ बजबजा रही, हर घर औ हर द्वार गैस नहीं तो क्या हुआ, लोग…"
9 hours ago
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' replied to Admin's discussion 'ओबीओ चित्र से काव्य तक' छंदोत्सव अंक 178 in the group चित्र से काव्य तक
"आ. भाई सौरभ जी, सादर अभिवादन। दोहों पर आपकी विस्तृत टिप्पणी और सुझाव के लिए हार्दिक…"
11 hours ago
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' replied to Admin's discussion 'ओबीओ चित्र से काव्य तक' छंदोत्सव अंक 178 in the group चित्र से काव्य तक
"आ. प्रतिभा बहन, सादर अभिवादन। चित्रानुरूप सुंदर दोहे हुए हैं। हार्दिक बधाई।"
11 hours ago
pratibha pande replied to Admin's discussion 'ओबीओ चित्र से काव्य तक' छंदोत्सव अंक 178 in the group चित्र से काव्य तक
"*पका न पाती  रोटियाँ, भले  युद्ध की आगजला रही है नित्य पर, वह निर्धन का…"
11 hours ago

© 2026   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service