For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

फासले(कविता,मनन कु सिंह)

दरमियाँ के फासले जाने लगेंगे एक दिन,
आते-आते याद हम आने लगेंगे एक दिन।
जगते-सोते ख्वाब हम सहेजते तेरे अभी
अब तेरे ख्वाब हम आने लगेंगे एक दिन।
अपने दीये जले घर तेरे,ऐसा लगता है,
दीप तेरे अपने घर छाने लगेंगे एक दिन।
तेरी हीधुन को सहेजे गीत पिरोये मैंने जी,
मेरे नगमे तेरे लब आने लगेंगे एक दिन।
चाहतें अपनी मुकम्मल नाम तेरे हो गयीं,
हम तुझको लगताअबभाने लगेंगे एक दिन।
मांगता हूँ जिंदगी,तो भाव खाती जिंदगी,
जिंदगी से भाव हम खाने लगेंगे एक दिन।
शिद्दत-ओ-शौक से आशियाँ अपना सजा,
मुश्किले सब छोड़ के जाने लगेंगे एक दिन
ताने तेरे कितने भी दो,मुझको नहीं सताते,

देख लेना तुझको सच ताने लगेंगे एक दिन
तेरे पते रहे बदलते ,कितने ख़त मैंने लिखे
अबके पते मेरे ख़त जाने लगेंगे एक दिन।
'मौलिक व अप्रकाशित'@मनन

Views: 486

Comment

You need to be a member of Open Books Online to add comments!

Join Open Books Online

Comment by Manan Kumar singh on June 2, 2015 at 10:49am

आ॰ समरजी, मिश्राजी, प्राचीजी व सौरभजी !आपके स्नेह से तर हो गया मेरा अंतर। आप सबकी सलाह पर निश्चित तौर पर गौर करूँगा, सादर। 


सदस्य टीम प्रबंधन
Comment by Saurabh Pandey on May 28, 2015 at 6:55pm

अब आप ग़ज़ल के विधान पर एकाग्र होइये, भाई.

अबतक आपने अवश्य समझ लिया होगा कि ग़ज़ल विधा की मूलभूत आवश्यकताएँ क्या हैं.  आप अपनी रचनाओं पर वापस भी आया कीजिये. देखिये, सुधीजनों ने उन पर क्या कहा है. या, जो नहीं कहा है वह क्या हो सकता है.

शुभेच्छाएँ


सदस्य टीम प्रबंधन
Comment by Dr.Prachi Singh on May 28, 2015 at 11:15am

मन की सुकोअल भावनाओं को जस का तस शब्द देने का प्रयास हुआ है आ० मनन जी 

शिल्प पर कुछ और समय अपेक्षित अवश्य ही है.. 

प्रस्तुति पर बधाई स्वीकारिये 

Comment by Krish mishra 'jaan' gorakhpuri on May 27, 2015 at 10:58am

वाह! बहुत ही सुन्दर गीत! बधाई आ० मनन जी!इन पंक्तियों में लय बिगड़ती लग रही है देख लीजिये>>

ताने तेरे कितने भी दो,मुझको नहीं सताते,
ताने तुझको देखना सब सच लगेंगे एक दिन

Comment by Samar kabeer on May 26, 2015 at 11:52pm
जनाब कुमार सिंह जी,आदाब,सुन्दर प्रस्तुति हेतु बधाई स्वीकार करें

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Activity

Ashok Kumar Raktale replied to Admin's discussion ओ बी ओ लाइव आयोजनों से संबंधित महत्वपूर्ण चर्चा
"सादर नमस्कार, अब तक आए सभी विचार पढ़े हैं। अधिक विचार आयोजन अवधि बढ़ाने पर सहमति के हैं किन्तु इतने…"
3 hours ago
Tilak Raj Kapoor replied to Admin's discussion ओ बी ओ लाइव आयोजनों से संबंधित महत्वपूर्ण चर्चा
"इन सुझावों पर भी विचार करना चाहिये। "
14 hours ago
Tilak Raj Kapoor replied to Admin's discussion ओ बी ओ लाइव आयोजनों से संबंधित महत्वपूर्ण चर्चा
"यह भी व्यवहारिक सुझाव है। इस प्रकार प्रयोग कर अनुभव प्राप्त किया जा सकता है। "
14 hours ago
Tilak Raj Kapoor replied to Admin's discussion ओ बी ओ लाइव आयोजनों से संबंधित महत्वपूर्ण चर्चा
"हाल ही में मेरा सोशल मीडिया का अनुभव यह रहा है कि इस पर प्रकाशित सामग्री की बाढ़ के कारण इस माध्यम…"
14 hours ago
Nilesh Shevgaonkar replied to Admin's discussion ओ बी ओ लाइव आयोजनों से संबंधित महत्वपूर्ण चर्चा
"आदरणीय प्रबंधन,यह निश्चित ही चिंता का विषय है कि विगत कालखंड में यहाँ पर सहभागिता एकदम नगण्य हो गयी…"
22 hours ago
amita tiwari posted a blog post

निर्वाण नहीं हीं चाहिए

निर्वाण नहीं हीं चाहिए---------------------------कैसा लगता होगाऊपर से देखते होंगे जबमाँ -बाबाकि…See More
Tuesday
Sushil Sarna posted a blog post

दोहा पंचक. . . . .अधर

दोहा पंचक. . . . . अधरअधरों को अभिसार का, मत देना  इल्जाम ।मनुहारों के दौर में, शाम हुई बदनाम…See More
Tuesday
अखिलेश कृष्ण श्रीवास्तव replied to Admin's discussion ओ बी ओ लाइव आयोजनों से संबंधित महत्वपूर्ण चर्चा
"सभी सदस्यों को सादर सप्रेम राधे राधे सभी चार आयोजन को को दो भागों में विभक्त किया जा सकता है। ( 1…"
Tuesday

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey replied to Admin's discussion ओ बी ओ लाइव आयोजनों से संबंधित महत्वपूर्ण चर्चा
"चर्चा से कई और पहलू, और बिन्दु भी, स्पष्ट होंगे। हम उन सदस्यों से भी सुनना चाहेंगे जिन्हों ने ओबीओ…"
Monday
pratibha pande replied to Admin's discussion ओ बी ओ लाइव आयोजनों से संबंधित महत्वपूर्ण चर्चा
"आदरणीय मिथिलेश जी के कहे से मैं भी सहमत हूँ। कैलेंडर प्रथम सप्ताह में आ जाय और हफ्ते बाद सभी आयोजन…"
Mar 14
Dayaram Methani replied to Admin's discussion ओ बी ओ लाइव आयोजनों से संबंधित महत्वपूर्ण चर्चा
"सभी आदरणीय को नमस्कार। आदरणीय तिलक राज कपूर जी का ये उत्तम विचार है। अगर इसमें कुछ परेशानी हो तो एक…"
Mar 13
Sushil Sarna posted a blog post

दोहा सप्तक. . . .युद्ध

दोहा सप्तक. . . . . युद्धहरदम होता युद्ध का, विध्वंसक परिणाम ।बेबस जनता भोगती ,  इसका हर  अंजाम…See More
Mar 13

© 2026   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service