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नन्हा यश अंग्रेजी के शब्द जैसे गुड-बैड, स्माल-बिग ,ब्यूटीफुल-अग्ली(ugly) सीख रहा था .एक दिन स्कूल से आते ही उसने अंग्रेजी की पुस्तक निकाली और बोला

“माँ,ये देखो ये फोटो बिलकुल तुम्हारी जैसी है ,मैंने इसे ही ब्यूटीफुल लिखा तो टीचर ने गलत कर दिया .उन्होंने इस फ्रॉक वाली को ब्यूटीफुल बताया और इसे अग्ली,ऐसा क्यों? “

“बेटा,जिसे तुम मेरी जैसी समझ रहे हो वह तो सांवली है जबकि ये गोरी –चिट्टी है,इसलिए सुंदर वही हुई ना “

यश माँ को ध्यान से देखने लगा , रंग भेद की पहली कक्षा में उसकी प्रविष्टि हो चुकी थी .

 

( मौलिक व् अप्रकाशित)

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Comment by Rita Gupta on July 8, 2015 at 9:21pm

आभार और धन्यवाद आदरणीय राजेश कुमारी जी .विषय आपको पसंद आया जान  ख़ुशी हुई .


सदस्य कार्यकारिणी
Comment by rajesh kumari on July 8, 2015 at 11:34am

बहुत ही प्रभावशाली लघु कथा हुई आ० रीता गुप्ता जी,एक अलग ही विषय पर एक गंभीर मुद्दे पर ऐसी मानसिकता के बीज रोपे जातें हैं खुद ब खुद  नहीं उगते आपको हार्दिक बधाई एवं शुभकामनायें. 

Comment by Rita Gupta on July 5, 2015 at 12:35pm

आदरणीय सौरभ पाण्डेय जी ,आभार .आपकी टिप्पणियाँ और लिखने की प्रेरणा दे रही है .धन्यवाद .


सदस्य टीम प्रबंधन
Comment by Saurabh Pandey on July 4, 2015 at 8:37pm

प्रदूषित मनोभावों को शाब्दिक करने केलिए हार्दिक धन्यवाद. शुभकामनाएँ..

Comment by Shubhranshu Pandey on June 18, 2015 at 1:30pm

आदरणीय रीता जी, 

सहज शब्दों में आधुनिक मनसिकता को कथा में उतार दिया है. गोरा मतलब सुन्दर, ये अंग्रेजियत का बोझ उठाये फ़िर रहे हैं.

कितनी लड़कियों की शादी इसी मानसिकता के कारण रुक जाती है. वो इसी सुन्दरता के अलग भाव के पाठ का कारण होता है. 

इस लघु कथा के लिये के बार फ़िर से बधाई. 

Comment by Rita Gupta on June 15, 2015 at 5:59pm

आदरणीय वीर जी ,धन्यवाद हौसला आफजाई हेतु 

Comment by Rita Gupta on June 15, 2015 at 5:59pm

आदरणीय श्री कृष्णा मिश्र जी ,आभार 

Comment by Krish mishra 'jaan' gorakhpuri on June 14, 2015 at 8:41pm

''रंग भेद की पहली कक्षा में उसकी प्रविष्टि हो चुकी थी'' बहुत ही बेहतरीन लघुकथा हुयी है आ० रीता जी!हार्दिक बधाई!

Comment by VIRENDER VEER MEHTA on June 13, 2015 at 12:50pm

बहुत सुन्दर रचना  आदरणीया रीता गुप्ता जी.  सादर बधाई !

सच कहा  आपने  बाल मन  में रंग भेद की पहली कक्षा में उसकी प्रविष्टि हो चुकी है जो समय के साथ गहरी भी हो  जायेगी...

Comment by Rita Gupta on June 12, 2015 at 11:00pm

Aditya Kumar जी आप इसे साझा ना करे ,मुझे ये बात ठीक नहीं लग रही .आपको पसंद आया धन्यवाद .

कृपया ध्यान दे...

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