For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

"उलझन"
"क्या करने गया था उधर मंदिर की सीढ़ियो पर!"
"अभी साल भर पहले जो हुआ शहर में, याद नही!
"हाजी का बेटा होकर काफिर वाला काम!"
"चंद रोज पहले गुजरे अपने अब्बा के नाम का भी नही सोचा।"
"इस बार तो बीचबचाव हो गया, कोई फसाद हो जाता तो!".........
सभी हमदर्द अपनी अपनी कह चल दिये और वसीम आ खड़ा हुआ अपनी उलझन लिये अब्बु की तस्वीर के सामने।
"कैसे कहूँ अब्बा मैं इन लोगो से कि कल तक मस्जिद की अजान से मोहब्बत करने वाला आज मंदिर से आती आरती की आवाज से भी प्यार करने लगा है। अब ये कहने की हिम्मत तो मुझमें नही है अब्बु कि जिन सीढ़ियो पर मेरे चले जाने से 'अपने' और 'पराये' दोनो खफा हो रहे है, बरसो पहले उन्ही सीढ़िओ से आप ने मुझे उठाया था।"
'विरेन्दर वीर मेहता' (मौलिक व अप्रकाशित)

Views: 637

Comment

You need to be a member of Open Books Online to add comments!

Join Open Books Online

Comment by VIRENDER VEER MEHTA on August 12, 2015 at 9:56pm
आदः प्रतिभा जी कथा पर अमूल्य प्रतिक्रिया देने और हौसला अफजाई के लिये आपका तहे दिल से शुक्रीया।
Comment by VIRENDER VEER MEHTA on August 12, 2015 at 9:54pm
आदः मिथिलेश भाई जी कथा पर आपके आगमन और अपने विचार रखने के लिये मैं आपकाआभारी हूँ आपने सदा ही मेरा मार्गदर्शन और उत्साह बढाने योग्य प्रतिक्रिया देकर हौसला बनाये रखा है। मेरी ओर से आपको दिल से आभार।
Comment by pratibha pande on August 12, 2015 at 2:12pm

बहुत अच्छी लघु कथा है ,अपने मकसद में पूरी तरह कामयाब ,सोचने को मजबूर करती हुई ,बधाई आपको आ० वीरेन्द्र जी


सदस्य कार्यकारिणी
Comment by मिथिलेश वामनकर on August 12, 2015 at 12:21pm

मानवतावादी गंभीर लघुकथा. बहुत ही मार्मिक हुई है पंचलाइन. इस सफल लघुकथा पर हार्दिक बधाई आदरणीय वीरेंदर जी 

Comment by VIRENDER VEER MEHTA on August 11, 2015 at 10:54pm
कथा पर मूल्यवान प्रतिक्रिया देकर हौसला अफजाई के लिये आपका तहे दिल से आभार आदः तेज वीर भाई जी।
Comment by TEJ VEER SINGH on August 11, 2015 at 9:43pm

आदरणीय वीर मेहता जी,हार्दिक बधाई, बहुत ही ह्रदय स्पर्शी लघुकथा हुई है!एक लावारिस को कौन से धर्म का संगीत  भाता है, यह तो उसके जन्म से जुडे संस्कार ही निर्धारित करते हैं!अब पालने वाले अपना धर्म थोपना चाहते हैं!बहुत सुंदर!पुनः बधाई!

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Activity

राज़ नवादवी replied to Admin's discussion अति आवश्यक सूचना : कृपया अवश्य अवगत हों .....
"🌹 OBO के पुनर्गठन एवं पुनर्जीवन के लिए एक सशक्त अपील और कुछ रचनात्मक…"
yesterday
Dharmendra Kumar Yadav posted blog posts
Saturday
Sushil Sarna posted a blog post

कुंडलिया. . . . झोला

कुंडलिया. . . . झोलाझोला   लेकर  हाथ  में, चले   मुरारी   लाल । भाव देख कर थम गई,  उनकी बढ़ती चाल…See More
Saturday
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' replied to Admin's discussion अति आवश्यक सूचना : कृपया अवश्य अवगत हों .....
"सभी को मिलकर ओबीओ को बचाने का सतत प्रयास करते रहना चाहिए।"
Sep 17
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on vijay nikore's blog post सांकल मन के द्वार पर
"आ.भाई विजय जी, सादर अभिवादन। बहुत सुंदर रचना हुई है। हार्दिक बधाई स्वीकारें।"
Sep 17
राज़ नवादवी replied to Admin's discussion अति आवश्यक सूचना : कृपया अवश्य अवगत हों .....
"atyant dukahd "
Sep 11
जगदानन्द झा 'मनु' replied to जगदानन्द झा 'मनु''s discussion गजल in the group मैथिली साहित्य
"आदरणीय, प्रणाम संगहि संग हार्दिक धन्यवाद। अपनेक मार्गदर्शन पाबि बहुत बेसी मोटिवेशन आ सीखक मिलैए…"
Sep 10

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey replied to जगदानन्द झा 'मनु''s discussion गजल in the group मैथिली साहित्य
"आदरणीय जगदानन्द झा मनु जी, अहाँ बड्ड नीक गजल पठेलियै. सबसे पहिल, त हम प्रयुक्त भेल बहरक विषय में…"
Aug 18
Ashok Kumar Raktale commented on Ashok Kumar Raktale's blog post हरिगीतिका छंद
"आदरणीय सौरभ जी सादर प्रणाम, प्रस्तुत हरिगीतिका छंद पर आपकी प्रतिक्रिया से सृजन सफल हुआ है. आपके…"
Aug 15
Ashok Kumar Raktale commented on Ashok Kumar Raktale's blog post हरिगीतिका छंद
"आदरणीय श्याम नारायण वर्मा जी सादर, प्रस्तुत छंदों पर उत्साहवर्धन के लिए आपका हार्दिक आभार.…"
Aug 15
जगदानन्द झा 'मनु' added 2 discussions to the group मैथिली साहित्य
Aug 10
Shyam Narain Verma commented on Ashok Kumar Raktale's blog post हरिगीतिका छंद
"नमस्ते जी, बहुत ही सुन्दर प्रस्तुति, हार्दिक बधाई l सादर"
Aug 6

© 2026   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service