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जीवन पथ पर चारो ओर फैला हुआ बस प्यार हो
आशाओँ का हमारी ऐसा एक संसार हो!
-
जाति-धर्म का न भेदभाव जहां हो
मानवता का बस बर्ताव वहां हो,
रहेँ हम सब मिलकर ऐसा एक घर-बार हो
...आशाओँ का हमारी ऐसा एक संसार हो!
-
स्वयं को समझेँगे जब एक समान
तभी बनेँगे हिन्दु,मुस्लिम,सिक्ख महान,
सब धर्मोँ की लागी एक कतार हो
...आशाओँ का हमारी ऐसा एक संसार हो!
-
जहां प्रेम हो पूजा, प्रेम जीवन हो
तन,मन,धन सब इसे अर्पण होँ,
सत्य,अहिँसा और प्रेम जीवन का आधार हो
...आशाओँ का हमारी ऐसा एक संसार हो!
-
पग बढ़ाकर हम सब मिलकर एक साथ चलेँ
मानवता का हर पथ पर हम नाम लिखेँ,
स्वपन हमारी आशाओँ का ऐसे अब साकार हो
...आशाओँ का हमारी ऐसा एक संसार हो!!
-----

(मौलिक व अप्रकाशित)

......... आबिद अली मंसूरी!

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Comment by Sheikh Shahzad Usmani on February 22, 2018 at 6:46am

बहुत ही गंभीर, सुंदर, आह्वान करती विचारोत्तेजक रचना के लिए तहे दिल से बहुत-बहुत मुबारकबाद मुहतरम जनाब आबिद अली मंसूरी साहिब।

Comment by Abid ali mansoori on November 8, 2015 at 12:38am

आदरणीया प्राची जी हार्दिक आभार आपका, जी मैं भी आपसे सहमत हूं!


सदस्य टीम प्रबंधन
Comment by Dr.Prachi Singh on November 7, 2015 at 11:36pm

बहुत खूबसूरत आशाओं का संसार आ० आबिल अली जी.. आ० गिरिराज भंडारी जी के कहे से मैं भी इत्तेफाक रखती हूँ.

हार्दिक बधाई

Comment by Abid ali mansoori on November 6, 2015 at 11:16pm

आदरणीय गिरिराज जी आपका मार्ग्दर्शन मेरे लिए महत्वपूर्ण है, मै यहां आप सभी से सीखने आया हूं, आशा है अपना साथ आगे भी बनाए रखेंगे, हार्दिक आभार आपका आदरणीय महोदय!

Comment by Abid ali mansoori on November 6, 2015 at 11:10pm

हार्दिक आभार आदरणीय सुशील सरना जी!


सदस्य कार्यकारिणी
Comment by गिरिराज भंडारी on November 6, 2015 at 10:22am

आदरणीय आबिद अलि भाई , गीत मे सुन्दर संदेश है , भाव बहुत सुन्दर है , आपको हार्दिक बधाइयाँ गीत के लिये । मुझे लगता है शिल्प के लिहाज से गीत और समय चाहता है , पंक्तियों मे मात्राओं को भी साधना ज़रूरी है , ताकि गीत मे गेयता भी रहे ॥

Comment by Sushil Sarna on November 5, 2015 at 8:48pm

आदरणीय इस भावपूर्ण गीत प्रयास की प्रस्तुति पर हार्दिक बधाई। 

Comment by Abid ali mansoori on November 5, 2015 at 3:35pm

आदरणीय मिथिलेश जी आप जैसे महानुभवों का मार्गदर्शन मेरे लिए बेहद ज़रूरी है, आगे भी आपसे यही अपेक्षा रहेगी, हार्दिक आभार आपका!

Comment by Abid ali mansoori on November 5, 2015 at 3:32pm

आदरणीय श्याम जी हार्दिक आभार इस उत्साहवर्धन के लिए!

Comment by Shyam Narain Verma on November 5, 2015 at 3:10pm

बहुत सुंदर गीत ...हार्दिक बधाई |

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