For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

जब हकीक़त सामने है क्यों फ़साने पर लिखूँ
ये है बेहतर, दर्द में डूबे ज़माने पर लिखूँ

खेत पर, खलिहान पर, मैं भूख-रोटी पर लिखूँ
बंद होते जा रहे हर कारखाने पर लिखूँ

फूल, भँवरे और तितली की कहानी छोड़कर
आदमी के हर उजड़ते आशियाने पर लिखूँ

ख़त्म होते जा रहे रिश्तों के आँसू पर लिखूँ
आदमी को रौंदकर पैसे कमाने पर लिखूँ

याद तुमको क्यों करूँ मैं, और क्यों करता रहूँ
इक कहानी अब मैं तुमको भूल जाने पर लिखूँ

जिसकी सूरत रात-दिन अब है बिगड़ती जा रही
मैं उसी धरती को अब फिर से सजाने पर लिखूँ

बस्तियों में आम लोगों की गरीबी देखकर
कुछ घरों में क़ैद मैं सबके ख़ज़ाने पर पर लिखूँ

सोचता हूँ, तेरे जाने का कोई न ज़िक्र हो
एक दिन एक गीत तेरे लौट आने पर लिखूँ

"मौलिक व अप्रकाशित"

- डॉ. राकेश जोशी

Views: 730

Comment

You need to be a member of Open Books Online to add comments!

Join Open Books Online

Comment by Dr. Rakesh Joshi on January 8, 2016 at 10:11pm

आदरणीय मनोज जी,

सादर नमस्कार.

मुझे भी आपको यहाँ देखकर ख़ुशी हुई.

मैं आपका आभारी हूँ.

सादर,

डॉ. राकेश जोशी

Comment by Dr. Rakesh Joshi on January 8, 2016 at 10:10pm

आदरणीय  Ravi Shukla जी,

सादर नमस्कार.

मेरी ग़ज़ल पर आपकी टिप्पणी के लिए आपको धन्यवाद.

मैं आपका आभारी हूँ.

सादर,

डॉ. राकेश जोशी

Comment by मनोज अहसास on January 8, 2016 at 8:52pm
आपको यहाँ देखकर ख़ुशी हुई
स्वागत है सर
सादर
Comment by Ravi Shukla on January 8, 2016 at 5:09pm

आदरणीय डा राकेश जी आपकी ग़ज़ल पहली बार पढ़ने का सौभाग्‍य मिला है बहुत बहुत बधाई स्‍वीकार करें । बाकी बात विद्वत जन कह ही चुके है । सादर

Comment by Dr. Rakesh Joshi on January 7, 2016 at 11:22pm
आदरणीय मिथिलेश वामनकर जी,
सादर नमस्कार.
मेरी ग़ज़ल पर आपकी टिप्पणी के लिए आपको धन्यवाद.
मैं आपका आभारी हूँ.
सादर,
Comment by Dr. Rakesh Joshi on January 7, 2016 at 11:22pm
आदरणीय मिथिलेश वामनकर जी,
सादर नमस्कार.
मेरी ग़ज़ल पर आपकी टिप्पणी के लिए आपको धन्यवाद.
मैं आपका आभारी हूँ.
सादर,

सदस्य कार्यकारिणी
Comment by मिथिलेश वामनकर on January 7, 2016 at 10:55pm

 आदरणीय राकेश जोशी जी, इस प्रस्तुति पर हार्दिक बधाई निवेदित है. एक निवेदन है कि मंच पर ग़ज़ल प्रस्तुत करने के साथ ग़ज़ल की बह्र या वज़्न लिखने की परिपाटी रही है, जिसका अनुशासन की सीमा तक पालन किया जाता है. इसलिए निवेदन है कि ग़ज़ल की बह्र या वज़्न अवश्य लिख दें. इससे पाठक के लिए भी प्रस्तुति का आनंद दुगुना हो जाता है और प्रस्तुति को समझने में भी सहजता होती है. 

इस मंच की सीखने-सिखाने की परंपरा के अनुक्रम में एक निवेदन और है कि आदरणीय समर कबीर जी की बात पर अवश्य गौर कीजियेगा. सादर 

Comment by Dr. Rakesh Joshi on January 7, 2016 at 9:59pm

आदरणीय समर कबीर जी,

सादर नमस्कार.

मेरी ग़ज़ल पर आपकी टिप्पणी के लिए आपको धन्यवाद.

मैं आपका आभारी हूँ.

सादर,

डॉ. राकेश जोशी

Comment by Dr. Rakesh Joshi on January 7, 2016 at 9:58pm

आदरणीय गिरिराज भंडारी जी,

सादर नमस्कार.

मेरी ग़ज़ल पर आपकी टिप्पणी के लिए आपको धन्यवाद.

मैं आपका आभारी हूँ.

सादर,

डॉ. राकेश जोशी


सदस्य कार्यकारिणी
Comment by गिरिराज भंडारी on January 7, 2016 at 9:08pm

आदरणीय दा. राकेश भाई , इस बेहतरीन गज़ल के लिये आपको दिली मुबारक बाद ।

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Activity

KALPANA BHATT ('रौनक़') replied to Admin's discussion अति आवश्यक सूचना : कृपया अवश्य अवगत हों .....
"दुःखद"
yesterday
Profile IconKamran Akmal and sushil yadav joined Open Books Online
Sep 24
राज़ नवादवी replied to Admin's discussion अति आवश्यक सूचना : कृपया अवश्य अवगत हों .....
"🌹 OBO के पुनर्गठन एवं पुनर्जीवन के लिए एक सशक्त अपील और कुछ रचनात्मक…"
Sep 22
Dharmendra Kumar Yadav posted blog posts
Sep 19
Sushil Sarna posted a blog post

कुंडलिया. . . . झोला

कुंडलिया. . . . झोलाझोला   लेकर  हाथ  में, चले   मुरारी   लाल । भाव देख कर थम गई,  उनकी बढ़ती चाल…See More
Sep 19
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' replied to Admin's discussion अति आवश्यक सूचना : कृपया अवश्य अवगत हों .....
"सभी को मिलकर ओबीओ को बचाने का सतत प्रयास करते रहना चाहिए।"
Sep 17
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on vijay nikore's blog post सांकल मन के द्वार पर
"आ.भाई विजय जी, सादर अभिवादन। बहुत सुंदर रचना हुई है। हार्दिक बधाई स्वीकारें।"
Sep 17
राज़ नवादवी replied to Admin's discussion अति आवश्यक सूचना : कृपया अवश्य अवगत हों .....
"atyant dukahd "
Sep 11
जगदानन्द झा 'मनु' replied to जगदानन्द झा 'मनु''s discussion गजल in the group मैथिली साहित्य
"आदरणीय, प्रणाम संगहि संग हार्दिक धन्यवाद। अपनेक मार्गदर्शन पाबि बहुत बेसी मोटिवेशन आ सीखक मिलैए…"
Sep 10

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey replied to जगदानन्द झा 'मनु''s discussion गजल in the group मैथिली साहित्य
"आदरणीय जगदानन्द झा मनु जी, अहाँ बड्ड नीक गजल पठेलियै. सबसे पहिल, त हम प्रयुक्त भेल बहरक विषय में…"
Aug 18
Ashok Kumar Raktale commented on Ashok Kumar Raktale's blog post हरिगीतिका छंद
"आदरणीय सौरभ जी सादर प्रणाम, प्रस्तुत हरिगीतिका छंद पर आपकी प्रतिक्रिया से सृजन सफल हुआ है. आपके…"
Aug 15
Ashok Kumar Raktale commented on Ashok Kumar Raktale's blog post हरिगीतिका छंद
"आदरणीय श्याम नारायण वर्मा जी सादर, प्रस्तुत छंदों पर उत्साहवर्धन के लिए आपका हार्दिक आभार.…"
Aug 15

© 2026   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service