For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

किस तरह का ये कहो नाता है.

वज्न - 2122---1122---22 / 112

किस तरह का ये कहो नाता है

उनके बिन पल न रहा जाता है

 

लूट ले जाता है खुशियाँ सारी

उसका जाना न हमें भाता है

 

रात लाती है उम्मीदें लेकिन

दिन का सूरज हमें तड़पाता है

 

धूल हो जाते हैं अरमां सारे,

चैन इस दिल को नहीं आता है

 

रात आती है सितारे लेकर

चाँद रातों की नमी लाता है

 

मौलिक/अप्रकाशित.

Views: 866

Comment

You need to be a member of Open Books Online to add comments!

Join Open Books Online

Comment by Ashok Kumar Raktale on April 30, 2016 at 2:53pm

प्रस्तुत गजल पर उत्साहवर्धन के लिए बहुत-बहुत आभार आदरणीय रवि शुक्ला जी. सादर.

Comment by Ravi Shukla on April 28, 2016 at 12:39pm

आदरणीय अशोक जी  , बढ़िया गज़ल कही है आपने बधाई स्‍वीकार करें । 

Comment by Ashok Kumar Raktale on April 28, 2016 at 12:29pm

उचित कहा है आदरणीय मिथिलेश वामनकर जी आपको यह गजल अच्छी लगी मेरा प्रयास सफल हुआ. सादर आभार.

Comment by Ashok Kumar Raktale on April 28, 2016 at 12:28pm

गजल पर मेरे प्रयास को सराहने के लिए बहुत-बहुत आभार आदरणीया राजेशकुमारी जी. सादर.


सदस्य कार्यकारिणी
Comment by मिथिलेश वामनकर on April 26, 2016 at 11:16pm

आदरणीय अशोक रक्ताले सर, बहुत बढ़िया ग़ज़ल कही है आपने. हार्दिक बधाई. निवेदन है कि ग़ज़ल की बह्र या वज़्न लिखना अब परिपाटी से आगे बढ़कर अनुशासन हो गया है. कृपया लिख दीजिये. सादर 


सदस्य कार्यकारिणी
Comment by rajesh kumari on April 26, 2016 at 9:25pm

रात आती है सितारे लेकर

चाँद रातों की नमी लाता है---वाह्ह्ह  बहुत सुन्दर 

बहुत अच्छी ग़ज़ल कही आपने आ० अशोक रक्ताले जी दिल से बधाई आपको |

 

Comment by Ashok Kumar Raktale on April 26, 2016 at 2:09pm

आदरणीय गिरिराज भंडारी साहब सादर नमस्कार, आपको गजल अच्छी लगी मेरा प्रयास सफल हुआ. सादर आभार.

Comment by Ashok Kumar Raktale on April 26, 2016 at 2:08pm

आदरणीय सुशील सरना साहब सादर, आपको प्रस्तुति को सादगी अच्छी लगी मेरा उत्साहवर्धन हुआ. सादर आभार.

Comment by Ashok Kumar Raktale on April 26, 2016 at 2:07pm

आदरणीय समर कबीर साहब सादर नमस्कार, मेरी प्रस्तुति को आपकी प्रतिक्रिया का सम्बल मिला, रचनाकर्म सफल हुआ. सादर आभार.


सदस्य कार्यकारिणी
Comment by गिरिराज भंडारी on April 25, 2016 at 8:17pm

आदरणीय अशोक भाई , बढ़िया गज़ल कही है आपने , दिल से बधाइयाँ स्वीकार करें ।

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Activity

Profile IconKamran Akmal and sushil yadav joined Open Books Online
yesterday
राज़ नवादवी replied to Admin's discussion अति आवश्यक सूचना : कृपया अवश्य अवगत हों .....
"🌹 OBO के पुनर्गठन एवं पुनर्जीवन के लिए एक सशक्त अपील और कुछ रचनात्मक…"
Tuesday
Dharmendra Kumar Yadav posted blog posts
Sep 19
Sushil Sarna posted a blog post

कुंडलिया. . . . झोला

कुंडलिया. . . . झोलाझोला   लेकर  हाथ  में, चले   मुरारी   लाल । भाव देख कर थम गई,  उनकी बढ़ती चाल…See More
Sep 19
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' replied to Admin's discussion अति आवश्यक सूचना : कृपया अवश्य अवगत हों .....
"सभी को मिलकर ओबीओ को बचाने का सतत प्रयास करते रहना चाहिए।"
Sep 17
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on vijay nikore's blog post सांकल मन के द्वार पर
"आ.भाई विजय जी, सादर अभिवादन। बहुत सुंदर रचना हुई है। हार्दिक बधाई स्वीकारें।"
Sep 17
राज़ नवादवी replied to Admin's discussion अति आवश्यक सूचना : कृपया अवश्य अवगत हों .....
"atyant dukahd "
Sep 11
जगदानन्द झा 'मनु' replied to जगदानन्द झा 'मनु''s discussion गजल in the group मैथिली साहित्य
"आदरणीय, प्रणाम संगहि संग हार्दिक धन्यवाद। अपनेक मार्गदर्शन पाबि बहुत बेसी मोटिवेशन आ सीखक मिलैए…"
Sep 10

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey replied to जगदानन्द झा 'मनु''s discussion गजल in the group मैथिली साहित्य
"आदरणीय जगदानन्द झा मनु जी, अहाँ बड्ड नीक गजल पठेलियै. सबसे पहिल, त हम प्रयुक्त भेल बहरक विषय में…"
Aug 18
Ashok Kumar Raktale commented on Ashok Kumar Raktale's blog post हरिगीतिका छंद
"आदरणीय सौरभ जी सादर प्रणाम, प्रस्तुत हरिगीतिका छंद पर आपकी प्रतिक्रिया से सृजन सफल हुआ है. आपके…"
Aug 15
Ashok Kumar Raktale commented on Ashok Kumar Raktale's blog post हरिगीतिका छंद
"आदरणीय श्याम नारायण वर्मा जी सादर, प्रस्तुत छंदों पर उत्साहवर्धन के लिए आपका हार्दिक आभार.…"
Aug 15
जगदानन्द झा 'मनु' added 2 discussions to the group मैथिली साहित्य
Aug 10

© 2026   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service