For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

फ़ैलुन,फ़ैलुन,फ़ैलुन,फ़ैलुन,फ़ैलुन,फ़ा
.
इक तरफा यारी यार निभाऊँ क्यूँ कर ।।
फोकट में डेली चाय पिलाऊँ क्यूँ कर ।।(1)

रोज सुबह तू दूध जलेबी ठसक रहा,
ऊपर से नामी ग़ज़ल सुनाऊँ क्यूँ कर ।।(2)

बन हीरो भटक रहा खुर्राट निठल्ला,
तेरा खरचा अब और चलाऊँ क्यूँ कर ।।(3)

बनिया भी अपना पैसा माँग रहा है,
तेरी खातिर मैं नाक छुपाऊँ क्यूँ कर ।।(4)

सारे लफड़े-झगड़े तू देख सलट खुद,
तेरे लफड़ों में टाँग अड़ाऊँ क्यूँ कर ।।(5)

उस लड़की के चक्कर में मर जायेगा,
तेरी खातिर मैं भी मर जाऊँ क्यूँ कर ।।(6)

आम चुरा कर लाया फिर सबनें खाये,
गुठली के इतनें दाम चुकाऊँ क्यूँ कर ।।(7)

अपनी हालत पंक्चर है कब समझेगा,
तुझसे मैं सारे 'राज़' छुपाऊँ क्यूँ कर ।।(8)


कवि- "राज बुन्दॆली"
30/06/2016
मौलिक व अप्रकाशित

Views: 635

Comment

You need to be a member of Open Books Online to add comments!

Join Open Books Online

Comment by कवि - राज बुन्दॆली on July 1, 2016 at 7:43pm

आदरणीया,,,,राज कुमारी,,जी,,,आभार नमन,,,बिल्कुल,,सही सुज्हाव दिया आपने सहर्ष स्वीकार है,,, मूल प्रति में सुधार कर लिया है मैने,,,,,धन्यवाद,,,,,


सदस्य कार्यकारिणी
Comment by rajesh kumari on July 1, 2016 at 6:53pm

वाह वाह आद० राज बुन्देली जी हास्य रस का खूब आनंद आया |सभी अशआर मजेदार हैं तहे दिल से बधाई लीजिये 

ऊपर से नामी ग़ज़ल सुनाऊँ क्यूँ कर---इसकी बह्र जांच लें---- नामी नज्म कर  सकते हैं 

Comment by कवि - राज बुन्दॆली on July 1, 2016 at 6:02pm

आदरणीय,,,,सुशील सारना जी आभार,,,,,,

Comment by कवि - राज बुन्दॆली on July 1, 2016 at 6:00pm

अदरणीय,,,,,गिरिराज भंडारी सर जी आभार,,,,,

Comment by कवि - राज बुन्दॆली on July 1, 2016 at 5:59pm

आदरणीय,,,,,अशोक कुमार जी बहुत बहुत धन्यवाद सर जी

Comment by Sushil Sarna on July 1, 2016 at 3:36pm

इक तरफा यारी यार निभाऊँ क्यूँ कर ।।
फोकट में डेली चाय पिलाऊँ क्यूँ कर ।।(1)

रोज सुबह तू दूध जलेबी ठसक रहा,
ऊपर से नामी ग़ज़ल सुनाऊँ क्यूँ कर ।।(2)

वाह अादरणीय बुंदेली जी वाह .... हास्य रस को समाहित करते हुए अापने बड़ी ही उम्दा ग़ज़ल पेश की है। हार्दिक बधाई स्वीकार करें सर।


सदस्य कार्यकारिणी
Comment by गिरिराज भंडारी on July 1, 2016 at 9:33am

आदरनीय राज भाई , बढ़िया हजल कही आपने , हार्दिक बधाइयाँ आपको ।

Comment by Ashok Kumar Raktale on July 1, 2016 at 8:00am

आम चुरा कर लाया फिर सबनें खाये,
गुठली के इतनें दाम चुकाऊँ क्यूँ कर........वाह ! बहुत खूब.

आदरणीय राज बुन्देली जी सादर, बहुत खूबसूरत गजल हुई है. दिली दाद कुबूल फरमाएं.सादर.

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Activity

amita tiwari posted a blog post

बहुत सोचती हैं क्यों ये औरतें

बहुत सोचती हैं क्यों ये औरतें बेगुनाही और इन्साफ की बात क्यों सोचती हैं ये औरतें चुपचाप अहिल्या बन…See More
19 hours ago
amita tiwari commented on amita tiwari's blog post गर्भनाल कब कट पाती है किसी की
" मान्य,सौरभ पांडे जीआशीष यादव जी , , ह्रदय से आभारी हूँ. स्नेह बनाए रखियगा | सौरभ जी ने एक…"
yesterday

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey commented on amita tiwari's blog post बहुत सोचती हैं क्यों ये औरतें
"आदरणीया अमिताजी, तार्किकता को शाब्दिक कर तटस्थ सवालों की तर्ज में बाँधा जाना प्रस्तुति को रुचिकर…"
yesterday

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey commented on लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर''s blog post हरकत हमें तो वैद की रखती तनाव में -लक्ष्मण धामी 'मुसफिर'
"आदरणीय लक्ष्मण धामी जी, आपकी प्रस्तुति निखर कर सामने आयी है. सभी शेर के कथ्य सशक्त हैं और बरबस…"
yesterday

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey replied to Admin's discussion अति आवश्यक सूचना : कृपया अवश्य अवगत हों .....
"आदरणीय नीलेश भाई, आपका स्वागत है.     करेला हो अथवा नीम, लाख कड़वे सही, लेकिन रुधिर…"
yesterday
Nilesh Shevgaonkar replied to Admin's discussion अति आवश्यक सूचना : कृपया अवश्य अवगत हों .....
"आदरणीय बाग़ी जी एवं कार्यकारिणी के सभी सदस्यगण !बहुत दुखद है कि स्थिथि बंद करने तक आ गयी है. आगे…"
Wednesday

सदस्य कार्यकारिणी
मिथिलेश वामनकर replied to Admin's discussion अति आवश्यक सूचना : कृपया अवश्य अवगत हों .....
"आदरणीय अजय गुप्ता जी, आपकी भावनाओं और मंच के प्रति आपके जुड़ाव को शब्द-शब्द में महसूस किया जा सकता…"
Tuesday
amita tiwari and आशीष यादव are now friends
Monday
amita tiwari commented on amita tiwari's blog post प्यादे मान लिये जाते हैं मात्र एक संख्या भर
"मान्यवर  सौरभ पांडे जी , सार्थक और विस्तृत टिप्पणी के लिए आभार."
Monday
amita tiwari commented on amita tiwari's blog post भ्रम सिर्फ बारी का है
"आशीष यादव जी , मेरा संदेश आप तक पहुंचा ,प्रयास सफल हो गया .धन्यवाद.पर्यावरण को जितनी चुनौतियां आज…"
Monday
बृजेश कुमार 'ब्रज' commented on लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर''s blog post हरकत हमें तो वैद की रखती तनाव में -लक्ष्मण धामी 'मुसफिर'
"आदरणीय धामी जी सारगर्भित ग़ज़ल कही है...बहुत बहुत बधाई "
Monday
बृजेश कुमार 'ब्रज' commented on Sushil Sarna's blog post दोहा पंचक. . . . संयोग शृंगार
"आदरणीय सुशील जी बड़े सुन्दर दोहे सृजित हुए...हार्दिक बधाई "
Monday

© 2026   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service