For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

कविता-एक कविता लिखना चाहता हूँ

धूल , मिट्टी और गारे से सनी
एक कविता लिखना चाहता हूँ
इस आपाधापी से बचना चाहता हूँ
मिट्टी की सौंधी महक वाली
गोबर से लीपे आँगन वाली
एक कविता लिखना चाहता हूँ
इस आपाधापी से बचना चाहता हूँ
टूटे खाट पर बैठी
जाड़े में धूप सेंकती
सौ बरस की बुढ़िया पर
एक कविता लिखना चाहता हूँ
इस आपाधापी से बचना चाहता हूँ
कुएँ , चौपाल , चरवाहें
खूँटे से बंधे चौपायों पर
एक कविता लिखना चाहता हूँ
इस आपाधापी से बचना चाहता हूँ
आम , इमली , नीम , खाखरा
गुलाब , चम्पा , चमेली , गेंदा
रातरानी और मोगरा लिखना चाहता हूँ
एक कविता लिखना चाहता हूँ
इस आपाधापी से बचना चाहता हूँ
पनघट ,खेत , खलिहान ,काक भगोड़ा
सरसो , ज्वार , तुलसी , मूँग , बाजरा
गेहूँ , मक्का ,अलसी लिखना चाहता हूँ
एक कविता लिखना चाहता हूँ
इस आपाधापी से बचना चाहता हूँ

.
मौलिक एवं अप्रकाशित

Views: 287

Comment

You need to be a member of Open Books Online to add comments!

Join Open Books Online

Comment by Dr Ashutosh Mishra on January 20, 2017 at 3:41pm

आदरणीय आरिफ जी ..इस रचना के लिए हार्दिक बधाई ..आदरणीय मिथिलेश जी के मशविरे से मैं भी इत्तेफाक रखता हूँ सादर

Comment by Mohammed Arif on January 18, 2017 at 4:33pm
आदरणीय सुरेंद्रनाथजी, आपको रचना पसंद आई मेरा लेखन सार्थक हुआ । बहुत-बहुत आभार ।
Comment by Mohammed Arif on January 18, 2017 at 4:30pm
आदरणीय समर कबीर साहब, बहुत-बहुत आभार ।
Comment by Mohammed Arif on January 18, 2017 at 4:28pm
आदरणीय मिथिलेश वामनकरजी, आपकी सलाह मुझे शिरोधार्य है ।आगामी रचनाओं में ध्यान रखूँगा ।
Comment by Samar kabeer on January 18, 2017 at 3:34pm
जनाब आरिफ़ जी आदाब,अच्छी लगी आपकी कविता,इस प्रस्तुति पर दिल से बधाई स्वीकार करें ।
जनाब मिथिलेश जी की बात पर ध्यान अवश्य दें ।
Comment by सुरेन्द्र नाथ सिंह 'कुशक्षत्रप' on January 18, 2017 at 1:16pm
आदरणीय मोहम्मद आरिफ जी सादर अभिवादन, कवि मन की क्या क्या कल्पना हो सकती है , इन पंक्तियो से
पनघट ,खेत , खलिहान ,काक भगोड़ा
सरसो , ज्वार , तुलसी , मूँग , बाजरा
गेहूँ , मक्का ,अलसी लिखना चाहता हूँ

आपने कितनी खूबसूरती से बताया हैं। हार्दिक बधाई निवेदित है, इस खूबसूरत रचना पर

सदस्य कार्यकारिणी
Comment by मिथिलेश वामनकर on January 18, 2017 at 12:10pm

आदरणीय आरिफ़ जी, इस प्रस्तुति पर हार्दिक बधाई. यह भी अवश्य है कि आपने पंक्तियों के दोहराव से टेक लगाने का प्रयास किया है यानी गीत के प्रारूप में अतुकांत. आप दोनों में से किसी एक विधा को चुनते तो कविता प्रभावशाली बन जाती है. सादर 

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Activity

लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' and Pratibha Pandey are now friends
39 minutes ago
Manjeet kaur replied to Admin's discussion ओबीओ चित्र से काव्य तक छंदोत्सव" अंक- 101 in the group चित्र से काव्य तक
"शक्ति छंद चढी़ धूप तीखी चले काम पर बशर चल पडे़ हैं सभी धाम पर खडी़ गाडियाँ हैं , स्कूटर चले चले…"
5 hours ago
गिरधारी सिंह गहलोत 'तुरंत ' commented on गिरधारी सिंह गहलोत 'तुरंत ''s blog post ये ज़ीस्त रोज़ सूरत-ए-गुलरेज़ हो जनाब(६३)
"शुक्रिया ब्रज साहेब हौसला आफजाई के लिए "
5 hours ago
Profile IconParvez Ahmad, Nitin Bansal and Manav Das joined Open Books Online
6 hours ago

मुख्य प्रबंधक
Er. Ganesh Jee "Bagi" replied to Admin's discussion ओबीओ चित्र से काव्य तक छंदोत्सव" अंक- 101 in the group चित्र से काव्य तक
"न ही गाय है ये न ही भैस है, तनिक ध्यान देखो निशां लैस है । :)"
7 hours ago
Samar kabeer replied to Er. Ambarish Srivastava's discussion तोमर छंद in the group भारतीय छंद विधान
"जनाब सौरभ पाण्डेय साहिब आदाब, तोमर छन्द के बारे में आज ही पता चला,बहुत उम्द: जानकारी दी आपने इसके…"
7 hours ago
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' replied to Admin's discussion ओबीओ चित्र से काव्य तक छंदोत्सव" अंक- 101 in the group चित्र से काव्य तक
"आ. भाई वासुदेव जी, सुंदर प्रस्तुति हुई है । हार्दिक बधाई ।"
10 hours ago
pratibha pande replied to Admin's discussion ओबीओ चित्र से काव्य तक छंदोत्सव" अंक- 101 in the group चित्र से काव्य तक
" 1 ]  भैंस  ! ! !  गाय को गाय ही रहने दो इसे भैस न कहो।//पर मुझे तो…"
11 hours ago
अखिलेश कृष्ण श्रीवास्तव replied to Admin's discussion ओबीओ चित्र से काव्य तक छंदोत्सव" अंक- 101 in the group चित्र से काव्य तक
"आदरणीय  बासुदेव भाईजी चित्र अनुरूप इस प्रस्तुति के लिए हार्दिक बधाई। कुछ कमी रह गई चार पद और…"
11 hours ago
अखिलेश कृष्ण श्रीवास्तव replied to Admin's discussion ओबीओ चित्र से काव्य तक छंदोत्सव" अंक- 101 in the group चित्र से काव्य तक
"आदरणीया प्रतिभाजी  1 ]  भैंस  ! ! !  गाय को गाय ही रहने दो इसे भैस न कहो। 2…"
11 hours ago
Sushil Sarna commented on Sushil Sarna's blog post हिंदी...... कुछ क्षणिकाएं :
"आदरणीय बृजेश कुमार 'ब्रज'जी सृजन पर आपकी मन मुदित करती प्रशंसा का तहे दिल से शुक्रिया।"
12 hours ago

© 2019   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service