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ग़ज़ल - जाने किस किस से तेरी अनबन हो ( गिरिराज भंडारी )

2122   1212   22 /112

मेरी मदहोशियाँ भी ले जाना

मेरी हुश्यारियाँ भी ले जाना

 

इक ख़ला रूह को अता कर के

आज तन्हाइयाँ भी ले जाना 

 

जाने किस किस से तेरी अनबन हो

थोड़ी खामोशियाँ भी ले जाना

 

दिल को दुश्वारियाँ सुहायें गर

मुझसे तब्दीलियाँ भी ले जाना

 

कामयाबी न सर पे चढ़ जाये

मेरी नाकामामियाँ भी ले जाना

 

राहें यादों की रोक लूँ पहले

फिर तेरी चिठ्ठियाँ भी ले जाना

 

बे असर हो गयीं थीं आ मुझ तक

वो तेरी फबतियाँ भी ले जाना

 

मैं कुआँ सा हूँ, तू समन्दर है

तू..., तेरी किश्तियाँ भी ले जाना

 

ये न हो इल्म दे अकड़ तुझको

ख़ुद की कुछ  गलतियाँ भी ले जाना

 

सादा दिल बज़्म में नहीं टिकता  

यार...,  ऐयारियाँ भी ले जाना

********************************

मौलिक एवँ अप्राशित

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Comment by Mahendra Kumar on May 22, 2017 at 8:55am

बहुत बढ़िया ग़ज़ल है आदरणीय गिरिराज सर. हार्दिक बधाई प्रेषित है. सादर.

Comment by C.M.Upadhyay "Shoonya Akankshi" on May 21, 2017 at 4:23pm

उम्दा ग़ज़ल कही है भाई | हार्दिक बधाई आदरणीय  गिरिराज भंडारी जी। 


सदस्य कार्यकारिणी
Comment by गिरिराज भंडारी on May 19, 2017 at 9:56pm

आदरनीय सुरेन्द्र भाई , उत्साह वर्धन के लिये आपका हार्दिक आभार ।


सदस्य कार्यकारिणी
Comment by गिरिराज भंडारी on May 19, 2017 at 9:56pm

आदरनीय नादिर खान भाई , सुखन नवाज़ी और हौसला अफज़ाई के लिये आपका बहुत शुक्रिया

Comment by नाथ सोनांचली on May 19, 2017 at 3:54am
वाह, उम्दा गजल कही आपने भाई गिरिराज जी, सादर अभिवादन, इस प्रस्तुति पर बधाई स्वीकारें, सादर।
Comment by नादिर ख़ान on May 18, 2017 at 12:52pm

मेरी मदहोशियाँ भी ले जाना

मेरी हुश्यारियाँ भी ले जाना

 

इक ख़ला रूह को अता कर के

आज तन्हाइयाँ भी ले जाना .... आदरणीय  गिरिराज जी उम्दा गजल हुयी है   आशआर मे रवानगी कमाल की है |


सदस्य कार्यकारिणी
Comment by गिरिराज भंडारी on May 16, 2017 at 9:07pm

आदरनीय नवीन भाई , उत्साह वर्धन के लिये आपका हार्दिक आभार ।


सदस्य कार्यकारिणी
Comment by गिरिराज भंडारी on May 16, 2017 at 9:06pm

आदरणीय बड़े भाई विजय जी , सराहना के लिये आपका हार्दिक आभार ।


सदस्य कार्यकारिणी
Comment by गिरिराज भंडारी on May 16, 2017 at 9:06pm

आदरणीय अनुराग भाई , ग़ज़ल पर उपस्थिति और सराहना के लिये आपका हृदय से आभार ।


सदस्य कार्यकारिणी
Comment by गिरिराज भंडारी on May 16, 2017 at 9:05pm

आदरणीय नीलेश भाई , आपका आभार ।

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